Latest Updates
-
Eid Kab Hai 2026: भारत में किस दिन दिखेगा ईद का चांद? नोट कर लें ईद-उल-फितर की तारीख -
T20 World Cup 2026: क्या टीम इंडिया फिर रचेगी इतिहास? जानें क्या कहती है डॉ. वाई राखी की भविष्यवाणी -
क्या आप भी हैं 'सुपरवुमन सिंड्रोम' की शिकार? जानें इसका सच और बचने के तरीके -
Women’s Day Wishes For Girlfriend: नारी है शक्ति...इन संदेशों से अपनी गर्लफ्रेंड को दें महिला दिवस की शुभकामना -
Women's Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स, कई बीमारियों से होगा बचाव -
Rang Panchami 2026: रंग पंचमी पर कर लिए ये अचूक उपाय तो चमक जाएगी किस्मत, वैवाहिक जीवन रहेगा खुशहाल -
8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और इस साल की थीम -
Rang Panchami 2026: कब है रंग पंचमी? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व -
पेट के कैंसर के शुरुआती स्टेज में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, ज्यादातर लोग साधारण समझकर करते हैं इग्नोर -
Bhalchandra Sankashti Chaturthi Katha: भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर होगी हर परेशानी
OMG: इस अनोखे गांव में लोगों की है सांप से यारी, लोगों ने घरों में ही किये इनके आराम का इंतजाम
सांप का नाम सुनने भर से ही हमारे हाथ पैर सुन्न पड़ जाते है। वहीं अगर सांप कोबरा हो तो इंसान के पसीने ही छूट जाये। हालांकि सांप बेहद खतरनाक जीव होते हैं, हिन्दू धर्म के इतिहास में सांपों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
चाहे नाग पंचमी का त्यौहार हो या शिव से उनका अटूट रिश्ता, हज़ारों भक्त सांपों की पूजा करते हैं। लेकिन अगर हम कहें कि भारत में एक ऐसा गांव है जहां हर घर में सांप पाया जाता है तो शायद आप यकीन ना करें। लेकिन ये आश्चर्य कर देनी वाली बात एकदम सच है।

महाराष्ट्र का शेतपाल ऐसा गांव है जहां हर घर में सांप पाए जाते हैं। इस गांव में बच्चे बच्चे भी सांपों से खेलते नज़र आ जाते हैं। जानते हैं इस अचंभित कर देने वाले गांव और यहां रहने वाले लोगों व सांपों के बारे में विस्तार से -
हर घर में पाले हुए हैं सांप
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के शेतपाल गांव में हर घर में सांप पाले जाते हैं। आज तक यहां रह रहे 2600 से अधिक ग्रामीणों में से किसी को भी सांपों ने हमला नहीं किया है। सभी में सबसे अधिक कोबरा की संख्या है। बता दें कि गांववासी अपने किसी फायदे या जीविका उपार्जन के लिए इन सांपों को नहीं पालते, बल्कि अपनी इच्छा से अपने घरों में इनका स्वागत करते हैं और उन्हें रखते हैं। ग्रामीणवासी सांपों को देवता मानते हैं और इनकी पूजा भी करते हैं। इसलिए इस गांव में सांपों को समर्पित कई सुंदर मंदिर भी बने हुए हैं।
घर बनाते वक्त रखते हैं सांपों का ध्यान
इतने वर्षों में गांव वालों को कभी भी ज़हरीले सांपों से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। गांव वाले जब भी अपने नए घर बनाते हैं वे अपने घर के दरवाज़े के कोने में एक छोटी सी खोखली जगह बनाते हैं जहां से सांप आ जा सके। वहीं कई घरों में सांप के लिए एक कोना भी बनाया जाता है, जहां वे घर में रहकर अपनी जगह पर आराम कर सकें।
आखिर क्यों पाए जाते हैं इस गाँव में इतने सांप?
इस गांव का वातावरण एकदम सूखा है, जो सांपों के लिए एकदम अनुकूल है। साथ ही यह एक मैदानी इलाका है, जिस कारण यहां सांपों की संख्या अधिक है। यहां के इंसानों ने अपना जीवन यहां के वातावरण और प्रकृति के अनुकूल ढाला है, और सांपों के साथ अपनी जिंदगी बना ली है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











