Latest Updates
-
Grahan in April 2026: अप्रैल में ग्रहण है या नहीं? नोट कर लें साल के सभी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की तारीख -
पाचन से लेकर जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने तक, जानें अर्ध मत्स्येन्द्रासन के फायदे और अभ्यास का सही तरीका -
Vastu Tips: घर में कपूर के साथ मिलाकर जलाएं ये दो चीजें, दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा और मिलेगा सुकून -
Real vs Fake Watermelon: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी तरबूज? इन आसान तरीकों से करें असली और नकली की पहचान -
Pana Sankranti 2026: आज ओडिशा में मनाई जा रही है पना संक्रांति, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sun Gochar 2026: 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, जानें सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा -
Ambedkar Jayanti 2026 Wishes: बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Baisakhi 2026 Wishes: आई है बैसाखी खुशियों के साथ...इन संदेशों के जरिए अपनों को दें बैसाखी की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 14 April 2026: द्वादशी पर बन रहा है शुभ 'शुक्ल योग', जानें सभी 12 राशियों का हाल -
गर्मियों में नारियल पानी क्यों पीना चाहिए? ये 5 फायदे जानकर आज ही करेंगे डाइट में शामिल
OMG: इस अनोखे गांव में लोगों की है सांप से यारी, लोगों ने घरों में ही किये इनके आराम का इंतजाम
सांप का नाम सुनने भर से ही हमारे हाथ पैर सुन्न पड़ जाते है। वहीं अगर सांप कोबरा हो तो इंसान के पसीने ही छूट जाये। हालांकि सांप बेहद खतरनाक जीव होते हैं, हिन्दू धर्म के इतिहास में सांपों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
चाहे नाग पंचमी का त्यौहार हो या शिव से उनका अटूट रिश्ता, हज़ारों भक्त सांपों की पूजा करते हैं। लेकिन अगर हम कहें कि भारत में एक ऐसा गांव है जहां हर घर में सांप पाया जाता है तो शायद आप यकीन ना करें। लेकिन ये आश्चर्य कर देनी वाली बात एकदम सच है।

महाराष्ट्र का शेतपाल ऐसा गांव है जहां हर घर में सांप पाए जाते हैं। इस गांव में बच्चे बच्चे भी सांपों से खेलते नज़र आ जाते हैं। जानते हैं इस अचंभित कर देने वाले गांव और यहां रहने वाले लोगों व सांपों के बारे में विस्तार से -
हर घर में पाले हुए हैं सांप
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के शेतपाल गांव में हर घर में सांप पाले जाते हैं। आज तक यहां रह रहे 2600 से अधिक ग्रामीणों में से किसी को भी सांपों ने हमला नहीं किया है। सभी में सबसे अधिक कोबरा की संख्या है। बता दें कि गांववासी अपने किसी फायदे या जीविका उपार्जन के लिए इन सांपों को नहीं पालते, बल्कि अपनी इच्छा से अपने घरों में इनका स्वागत करते हैं और उन्हें रखते हैं। ग्रामीणवासी सांपों को देवता मानते हैं और इनकी पूजा भी करते हैं। इसलिए इस गांव में सांपों को समर्पित कई सुंदर मंदिर भी बने हुए हैं।
घर बनाते वक्त रखते हैं सांपों का ध्यान
इतने वर्षों में गांव वालों को कभी भी ज़हरीले सांपों से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। गांव वाले जब भी अपने नए घर बनाते हैं वे अपने घर के दरवाज़े के कोने में एक छोटी सी खोखली जगह बनाते हैं जहां से सांप आ जा सके। वहीं कई घरों में सांप के लिए एक कोना भी बनाया जाता है, जहां वे घर में रहकर अपनी जगह पर आराम कर सकें।
आखिर क्यों पाए जाते हैं इस गाँव में इतने सांप?
इस गांव का वातावरण एकदम सूखा है, जो सांपों के लिए एकदम अनुकूल है। साथ ही यह एक मैदानी इलाका है, जिस कारण यहां सांपों की संख्या अधिक है। यहां के इंसानों ने अपना जीवन यहां के वातावरण और प्रकृति के अनुकूल ढाला है, और सांपों के साथ अपनी जिंदगी बना ली है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











