Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
इस्लाम के बारे में 12 रोचक बातें
इस्लाम का अर्थ है शांति। लेकिन इन दिनों दुनिया में इस्लाम को लेकर कई गलत धारणायें हैं। इस्लाम का गूढ़ अर्थ है मानवता से प्यार करना। यदि व्यक्ति एक अच्छा इंसान नहीं हैं तो वह एक अच्छा मुसलमान नहीं बन सकता है।
जो व्यक्ति मुस्लिम समुदाय से नहीं है वह भी कह सकता है कि मैं मुसलमान हूँ क्यों कि मुसलमान होने का मतलब है ऐसा व्यक्ति जो शांति से रहता है और अल्लाह को समर्पित है।
READ: इस्लाम में मांसाहार के बारे में चौकानें वाले तथ्य
बहुत से देशों को दाढ़ी रखने वाले पुरुषों और बुरखा पहनने वाली महिलाओं से डर लगता है। इसे इस्लामोंफोबिया कहा जाता है क्यों कि उन्हें इस्लाम और मुस्लिम लोगों से एक अंजान सा डर है।
इस्लाम एक ऐसा धर्म है जिसे लोगों ने सही समझा नहीं है, क्यों कि उन्हें इसकी मूल बातें पता नहीं हैं। इस्लाम अन्य धर्मों का आदर करता है और अन्य धर्मों के लोगों से भाईचारा रखना सिखाता है। इस्लाम मानता है कि धर्म को लेकर किसी पर कोई दबाव नहीं है।
READ: जानें किन लोगों के कारण हुआ कुरुक्षेत्र का युद्ध
हम आपको बताते हैं इस्लाम के बारे में कुछ रोचक बातें...

सभी अरबी मुस्लिम नहीं हैं
सभी अरबी मुस्लिम नहीं हैं। अरबी लोग ईसाई, बौद्ध, यहूदी, एथेस्ट भी हैं। फिर भी इन्डोनेशिया में मुस्लिम आबादी ज्यादा है।

मुस्लिम लोग मोहम्मद और मक्का की पूजा नहीं करते
मोहम्मद साहब इस्लाम के अंतिम धर्मगुरु हुये। उनका आदर सबके मन में हैं लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती है। यदि अल्लाह के अलावा कोई किसी और की पूजा करता है तो उसे पाप समान समझा जाता है जिसे शिर्क कहा जाता है। मक्का और मोहम्मद दोनों को इस्लाम में बहुत माना जाता है लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती है।

अल्ला-हु-अकबर डरने का शब्द नहीं है
अल्ला-हु-अकबर का मतलब है ‘अल्लाह महान है'। मुस्लिम लोग अपने दुख-दर्द और चिंताएँ मिटाने के लिए ऐसा कहते हैं। जो व्यक्ति मुसलमान नहीं है वह इसका अर्थ लगा सकता है कि ‘ईश्वर महान है'।

यीशु के लिए खास जगह
मोहम्मद पैगंबर साहब के मकबरे के पास ही यीशु के लिए एक खास जगह है। ऐसा माना जाता है कि एक दिन यीशु आएंगे और उन्हें यहाँ दफनाया जाएगा।

सभी मुस्लिम महिलाएं हिजाब नहीं पहनती
बुरखा या हिजाब का मतलब सिर्फ अपने आप को ढ़कना है। मुस्लिम महिला के लिए बुरखा पहनना अनिवार्य नहीं है, वे अन्य ढीले और मॉडर्न परिधान भी पहन सकती हैं। बस आपके शरीर का कोई हिस्सा दिखना नहीं चाहिए।

इस्लाम में शराब और स्मोकिंग क्यों बंद है
इसका कारण है कि एल्कोहल और शराब एक धीमा जहर है और इस्लाम में आत्महत्या वर्जित है। जो भी आपको मार सकती है इस्लाम उसकी आज्ञा नहीं देता है। इसके साथ इन चीजों के सेवन के बाद व्यक्ति बुरे काम भी करता है।

दूसरा बड़ा धर्म
इस्लाम दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता हुआ धर्म है, 2050 तक यह ईसाई धर्म के बराबर हो जाएगा।

मैरी
मैरी या मरियम का नाम जितना बाईबल में लिया गया है उससे कहीं ज्यादा कुरान में लिया गया है।

मुसलमानों ने यहूदियों को बचाया था
द्वितीय विश्व युद्ध में बहुत से मुसलमानों ने नाजियों से यहूदियों को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था।

गर्भपात
इस्लाम में बच्चे के भ्रूण को मारने पर प्रतिबंध है। यदि उससे माँ को खतरा है तो ऐसा किया जा सकता है।

मुसलमान हिंसा नहीं चाहते
हिंसा इस्लाम के खिलाफ है। इस्लाम का मतलब है शांति और लोगों को द्रढ़ता से इसका पालन करना चाहिए। इस्लाम मानवता पर आधारित है और मोहम्मद साहब ने तो उन लोगों को भी प्यार किया जिन्होने उन पर कचरा फेंका था। जो व्यक्ति अपने आपको मुसलमान कहता है और हिंसा फैलाता है इस्लाम ऐसे व्यक्ति को स्वीकार नहीं करता है।

यात्रा
मुस्लिम महिलाएं अकेली यात्रा नहीं कर सकती हैं। यह केवल उनकी रक्षा के लिए है, उन्हें अपने पिता, भाई या पति के साथ ट्रैवल करना चाहिए। फिर भी कुछ महिलाएं इसका पालन नहीं करती हैं और अकेले ही यात्रा करती हैं। फिर भी कई मुस्लिम देशों में महिलाओं को अकेले यात्रा नहीं करने के बारे में कानून बना हुआ है।



Click it and Unblock the Notifications
