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डेली लाइफ में इस्तेमाल होने वाली इन चीजों से जुड़े ये फैक्ट्स हैं बेहद अमेजिंग
अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी में हम कई चीजों का इस्तेमाल करते हैं। हर दिन इन चीजों का इस्तेमाल करने के बाद भी हर उन पर बहुत अधिक गौर नहीं करते हैं। जबकि वास्तव में इन चीजों के बारे में ऐसे कई फन फैक्ट्स होते हैं, जिनके बारे में हमें पता ही नहीं होता है। हालांकि, इन फन फैक्ट्स को जानने के बाद आप भी काफी अचंभित होंगे और इन डेली लाइफ चीजों को देखने का आपका नजरिया भी बदल जाएगा। तो अब अगर आप भी इनके बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो इस लेख को अवश्य पढ़ें-

जींस में बनी छोटी जेब का अर्थ
आपने जींस में एक छोटी जेब अवश्य देखी होगी। अमूमन लोग सोचते हैं कि इसे सिक्के रखने के लिए बनाया जाता है। जबकि ऐसा नहीं है। यह जेब बनाने का चलन काफी पुराना है। दरअसल, प्राचीन काल में घड़ियों को हाथ पर नहीं बांधा जाता था, बल्कि वेस्टकोट में पहना जाता था। ऐसे में उन घड़ियों को रखने के लिए जींस में एक छोटी पॉकेट बनाई जाती थी। तब से लेकर अब तक यह चलन बदस्तूर जारी है।

चॉकलेट का इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता था
मेसोअमेरिका के मूल निवासी, चॉकलेट या कोको बीन को 1500 के दशक के अंत तक यूरोपीय लोगों द्वारा खोजा नहीं गया था। एक्सप्लोरर फ्रांसिस्को हर्नांडेज़ ने कोको का उपयोग एक दवा के रूप करते हुए देखा। यूरोपीय डॉक्टरों ने इसे बुखार से लेकर अपच तक कई चीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया। हालांकि ये कोको मिश्रण आज की चॉकलेट से काफी अलग थे।

पेन की कैप में छेद होना
अगर आप अक्सर पेन का इस्तेमाल करते होंगे तो आपने उसकी कैप में एक छोटा होल अवश्य देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है। बीआईसी ने पहली बार 1991 में पेन के अंदर दबाव को बराबर करने के लिए और चॉकिंग की समस्या से निपटने के लिए ऐसा किया। उन्होंने साल 1991 में अपने पेन की कैप में छोटे छेद किए ताकि अगर यह कैप किसी के गले में फंस जाती है, तब भी वे छेद से सांस ले सकें। सुनने में यह आपको अजीब लग सकता है, लेकिन अक्सर बच्चे काम करते हुए ऐसा कर देते हैं।

करंसी के रूप में किया गया था नमक का इस्तेमाल
नमक के बिना खाना खाने के बारे में हम सोच भी नहीं सकते। बिना नमक के खाने का कोई स्वाद नहीं होता है। प्राचीन समय से लोग इसे अपने फूड को प्रिजर्व करने और इसे लंबी यात्रा पर अपने साथ ले जाते थे। यहां तक कि, नमक इतना महत्वपूर्ण था कि प्राचीन रोम के लोग नमक के राशन में अपने सैनिकों को भुगतान करते हुए इसे पैसे के रूप में इस्तेमाल करते थे। वास्तव में, यहीं से हमें अंग्रेजी शब्द सैलरी भी मिलता है।

खास वजह से कीबोर्ड को QWERTY डिजाइन
लैपटॉप व कंप्यूटर आज हर किसी की जरूरत बन चुका है। आप भी लैपटॉप पर काम करते हैं तो आपने अवश्य देखा होगा कि उसके की-बोर्ड को QWERTY डिजाइन किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि एल्फाबेट को सही ऑर्डर में क्यों डिजाइन नहीं किया जाता है। दरअसल, इसका आविष्कार 1872 में उस समय के टाइपराइटरों के लिए किया गया था। दरअसल, उस समय टाइपिस्ट मशीन की तुलना में अधिक तेजी से काम करते थे, जिसके कारण टाइपराइटर जाम हो जाते थे, इसलिए उनकी स्पीड को कम करने के लिए की-बोर्ड को एक अलग तरह से डिजाइन किया गया। जिसके बाद की-बोर्ड डिजाइन QWERTY किया गया।

वॉलपेपर के लिए डिजाइन किया गया था बबल रैप
साल 1957 में दो इंजीनियरों ने बबल रैप का आविष्कार एक वॉलपेपर के रूप में किया था। दरअसल, वे एक टेक्सचर वॉलपेपर बनाना चाहते थे और जिसके कारण उन्होंने दो शॉवर कर्टेन को एक साथ चिपकाया। इस दौरान उनके बीच हवा के छोटे बुलबुले फंस गए। हालांकि, लोगों को यह आइडिया बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। बाद में, धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल सामान को पैक करने के लिए किया जाने लगा। एक अध्ययन से यह भी पता चलता है कि बबल रैप को लगभग एक मिनट पॉप करने से 30 मिनट की मालिश के समान आराम मिलता है।



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