Republic Day 2021: जानें इस साल का गणतंत्र दिवस किन मामलों में रहेगा अलग

26 जनवरी, 2021 को भारतवर्ष देश के संविधान को लागू होने की 72वीं वर्षगाँठ मनाने वाला है। भारत का गणतंत्र दिवस, इसके आयोजन में राजपथ पर होने वाली परेड, विभिन्न झांकियां और सांस्कृतिक समारोह समस्त देशवासियों के लिए गर्व और जश्न का मौका होता है। परन्तु इस बार का गणतंत्र दिवस कई मामलों में बेहद अलग होने वाला है। कोरोनाकाल में गणतंत्र दिवस की रौनक भले ही थोड़ी कम रहे परन्तु इसके अलावा भी कई ऐसी चीज़ें हैं जो इस बार के 26 जनवरी के आयोजन को अलग बनाने वाली है।

नहीं होगा कोई विदेशी मेहमान

नहीं होगा कोई विदेशी मेहमान

पिछले पांच दशकों में पहली बार ऐसा होने वाला है जब भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी मेहमान उपस्थित नहीं होगा। भारत अपने विदेशी मामलों और कूटनीतिक संबंधों में हमेशा से ही बेहद संवेदनशील रहा है। वह हर वर्ष किसी देश के राज्य प्रमुख को समारोह में आमंत्रित देश के रिश्तों को और मैत्रीपूर्ण बनाता है। इस वर्ष भी इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को न्यौता दिया गया था जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया परन्तु कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए उन्होंने अपना यह दौरा रद्द कर दिया। अब 55 वर्षों में पहली बार बगैर विदेशी अतिथि के गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।

बांग्लादेश की सेना बनेगी हिस्सा

बांग्लादेश की सेना बनेगी हिस्सा

इस वर्ष बांग्लादेश के 1971 में स्वतंत्र राज्य बनने की पचासवीं वर्षगाँठ है, जिसके उपलक्ष में बांग्लादेश की सेना भी भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में हिस्सा लेने वाली है। ऐसा केवल दूसरी बार होने वाला है जब कोई विदेशी सेना परेड का भाग बनेगी। इससे पहले 2016 में फ्रांस की सेना ने परेड में भाग लिया था। 1971 में भारत ने पकिस्तान को पराजित कर पूर्वी पकिस्तान को आज़ादी दिलाई थी जो बांग्लादेश राज्य बना।

परेड में होंगे ये बदलाव

परेड में होंगे ये बदलाव

इसके अलावा कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए सभी परेड छोटी होंगी और उनका समापन लाल किले की जगह नेशनल स्टेडियम में जाकर होगा। साथ ही परेड में शामिल होने वाले सभी स्क्वाड में 144 की जगह 96 प्रतिभागी ही हिस्सा ले सकेंगे। दर्शक दीर्घा में भी इस बार संख्या केवल एक चौथाई ही रहेगी।

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