वर्चुअल वर्ल्ड में भी महिलाएं फैशन और बॉडी शेमिंग का हो रहीं शिकार

AI और VR पर्सनलाइज्ड डिजिटल अवतारों ने इमर्सिव वर्चुअल दुनिया, या "मेटावर्स" की ओर ड्राइव किया है, फोर्टनाइट और रोबॉक्स जैसे खेलों के लिए "मेटावर्स" को थैक्स। लेकिन महिलाएं "मेटावर्स" से ज्यादा खुश नहीं दिख रही हैं। AI और VR आपके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके निगेटिव इंपैक्ट भी काफी ज्यादा दिखाई पड़ रहे हैं। मेटावर्स जैसे आभासी दुनिया में भी रियल वर्ल्ड के सौंदर्य मानकों को लागू करने में लगे हुए हैं।

ये घटना स्पष्ट रूप से तब शुरू हुई जब एक ऑनलाइन कपड़ों के रिटेलर ने ग्रुप चैनल पर हैवी फैट महिलाओं के लिए बॉडी शेमिंग संदेश पोस्ट किए। ब्रांड ने तब प्लस-साइज़ महिलाओं के खिलाफ एक अजीब अभियान शुरू किया। ब्रांड ने अपने ऑनलाइन स्टोर पर "नो फैट चिक्स" बैनर और क्रॉप टॉप पहने एक मॉडल की फोटो लगा रखी थी। जिसके आगे "नो फैट" शब्द लिखा था। इसमें स्लिम अवतारों के लिए डिज़ाइन किए गए डिजिटल आउटफिट शो किये गये थे।

मेटावर्स में भी प्लस साइज की वजह से बॉडी शेमिंग

मेटावर्स में भी प्लस साइज की वजह से बॉडी शेमिंग

ज्यादातर ऑनलाइन विवादों की तरह, ये भी कुछ वक्त के बाद खत्म हो गया। लेकिन क्या ये आने वाले भविष्य की तस्वीर पेश नहीं करता है। आने वाला वक्त वर्चुअल होने वाला है तो उस समय भी क्या महिलाएं अपने प्लस साइज की वजह से बॉडी शेमिंग की बाते सुनेंगी। उनको वर्चुअल शॉप्स पर जाने नहीं दिया जाएगा क्योंकि वो मोटी है। उनके लिए वर्चुअल दुकाने पर कपड़े नहीं मिलेंगे क्योंकि उनका वेट ज्यादा है और वर्चुअल शॉप्स के पास उनके साइज के कपड़े नहीं है।

Image Courtesy-Facebook

मेटावर्स जैसे और भी कई प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं के साथ उत्पीड़न

मेटावर्स जैसे और भी कई प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं के साथ उत्पीड़न

महिलाओं के साथ हर काल में उत्पीड़न होता आया है, आज के वक्त में जब दुनिया ने तरक्की कर ली है तब भी महिलाएं अपने हक की लड़ाई लड़ रही है। आगे के भविष्य में जब मेटावर्स जैसे और भी कई प्लेटफॉर्म होंगे, वहां पर भी महिलाओं के साथ इस तरह का भेदभाव किया जाने के बारें में आराम से सोंचा जा सकता है, क्योंकि जब ये आज के वक्त में हो रहा है तो आगे के समय में ये ना हो, इसकी गारंटी कौन ले रहा है।

वर्चुअल वर्ल्ड होंगे डिजिटल भविष्य

वर्चुअल वर्ल्ड होंगे डिजिटल भविष्य

सेकंड लाइफ जैसे प्लेटफॉर्म, जिन्हें अक्सर पहले मेटावर्स के रूप में रिफर किया जाता है, हमारे डिजिटल भविष्य के लिए सबक प्रदान करते हैं। मेटावर्स इंटरनेट के विकास का अगला फेज़ है। उसको अपने इस वर्चुअल दुनिया में महिलाओं के साथ गलत ना हो, रूल्स और रेगुलेशन्स लाने होंगे।

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