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एक ऐसी दुकान जहां करीब 75 साल से चल रहा है चूल्हा, जानिए क्या है पूरा मामला
राजस्थान का इतिहास और संस्कृति अनूठी है। चाहे बात यहां के खानपान की हो या अपणायत की। राजस्थान का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। यहां पीढ़ी-दर-पीढ़ी फैमिली बिजनेस को आगे बढ़ाया जाता है। ताकि पूर्वजों की पेढ़ी कायम रह सकें। हाल ही में राजस्थान में एक दुकान को लेकर अनोखा दावा किया जा रहा है।
दरअसल, ये दुकान राजस्थान के जोधपुर में है और दावा किया जा रहा है कि इस दुकान के खुलने के बाद से दुकान का चूल्हा अब तक नहीं बुझा है। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस दुकान की खूब चर्चा हो रही है। हालांकि, इस दुकान में होने वाली इस घटना के वायरल होते ही कई लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। आइए जानते है कि इस दावे के पीछे का पूरा सच क्या है।

75 वर्षों से चल रहा है ये फैमिली बिजनेस
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जोधपुर में सोजती गेट के पास एक दूध की दुकान के मालिक ने दावा किया है कि दूध गर्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चूल्हा 1949 से जल रहा है। दुकान के मालिक विपुल निकुब बताते है कि, इस दुकान में चूल्हे की लौ, उनके दादाजी ने जलाई थी। जो 1949 से आज तक जल रही है। उन्होंने बताया कि, दादाजी के समय से ये दुकान प्रतिदिन 22 से 24 घंटे चल रही है। यहां कोयले और लकड़ी जलाकर दूध गर्म करने के पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जाता है। लंबे समय से चली आ रही प्रथा को लगभग 75 वर्षों से बरकरार रखा गया है। दरअसल, यहां ना सिर्फ सर्दियों में बल्कि हर मौसम में हर समय मलाईदार गर्म दूध मिलता है। सुबह से लेकर देर रात तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। यहां सर्दियों के मौसम में ग्राहकों के लिए स्पेशल दूध-फीणी मिलती है। जिसके कारण यहां रात तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है।
दुकानदार का दावा सुनकर हैरान हैं नेटिजन्स
जब से इस दुकान का ये दिलचस्प पहलू सामने आया है, तब से सोशल मीडिया पर इसको लेकर आए दिन नेटिजन्स के कमेंटस आ रहे है। एक सोशल मीडिया यूजर ने सवाल पूछा, "क्या यह दुकान लॉकडाउन के दौरान खुली थी?" एक अन्य ने कहा, "इस जगह को दूध मंदिर कहा जाता है और इसे दो भाई चलाते हैं। तो अंदर की कहानी यह है कि एक भाई सोमवार, बुधवार, शुक्रवार लेता है, दूसरा भाई मंगलवार और शनिवार लेता है। एक अन्य नेटिज़न ने लिखा, "मैंने इस दुकान से दूध पिया है, यह शुद्ध दूध है लेकिन मुझे स्टोव के बारे में पता नहीं था।" एक यूजर ने लिखा कि, "दुकानदार झूठ बोल रहा है, लॉकडाउन में दूध पीने कौन आएगा?" एक अन्य ने लिखा, "यह कैसे हो सकता है? क्या यह दुकान कोविड के दौरान बंद नहीं हुई?कुल मिलाकर, चुनावी माहौल के बीच ये दुकान और इससे जुड़ा ये सच फिलहाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।



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