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Red Planet Day 2022: जानिए इसका इतिहास, महत्व और मंगल ग्रह के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

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28 नवंबर, 2022 को रेड प्लेनेट डे मनाया जाता है। ये दिन 28 नवंबर, 1964 को मंगल ग्रह पर मेरिनर 4 अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण को याद करने के लिए हर साल सेलिब्रेट किया जाता है। अंतरिक्ष यान 1964 में और एक साल बाद जुलाई को उतरा था। लगभग आठ महीने की यात्रा के बाद, 14 जुलाई, 1965 को अंतरिक्ष यान ने रेड प्लेनेट यानि मंगल ग्रह का फ्लाई-बाई पूरा किया। मंगल, जिसे लाल ग्रह भी कहा जाता है, सौरमंडल का चौथा ग्रह है। मंगल एक डायनेमिक प्लेनेट है जिसमें बहुत अधिक डेवलपमेंट, मौसम, पोलर आइस कैप्स, साइक्लोन, ज्वालामुखी हैं।

रेड प्लेनेट डे (मार्स) की हिस्ट्री और फैक्ट्स

रेड प्लेनेट डे (मार्स) की हिस्ट्री और फैक्ट्स

1964 में नासा द्वारा अंतरिक्ष यान मेरिनर 4 जो मंगल पर पहुंचने वाला पहला क्राफ्ट था। क्राफ्ट को लाल प्लेनेट तक पहुंचने में लगभग पूरे आठ महीने लग गए, अंत में 14 जुलाई, 1965 को फ्लाई-बाई का प्रदर्शन किया।

मेरिनर 4 अंतरिक्ष यान को फ्लाई-बाय मोड में जानकारी प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया था जो ग्रहों की खोज और मंगल ग्रह के करीबी वैज्ञानिक ऑजर्वेशन की अनुमति देता है, जिसके बाद सूचनाओं को पृथ्वी पर भेजता है।

मार्स के बारे में कुछ जरूरी फैक्ट्स

मार्स के बारे में कुछ जरूरी फैक्ट्स

वैज्ञानिक गैलीलियो गैलीली टेलीस्कोप का यूज करके मंगल ग्रह को देखने वाले पहले व्यक्ति थे। ग्रह का नाम रोमन देवता के नाम से लिया गया। जो इसके लाल रंग के रूप से संबंधित है।

मंगल का मौसम अत्यधिक तापमान से बना है और, सूर्य से और दूर होने के कारण, ये आम तौर पर पृथ्वी की तुलना में ठंडा है। तापमान -191 डिग्री F से +81 डिग्री F तक ।

मंगल ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी ग्रह का लगभग 1/3 है। इसका मतलब है कि जिस व्यक्ति का वजन पृथ्वी पर 100 पाउंड था, उसका वजन ग्रेविटी के खिंचाव में अंतर के कारण लगभग 38 पाउंड ही होगा।

ये सूर्य से और दूर है, इसलिए इसे अपनी परिक्रमा करने में बहुत अधिक समय लगता है। मंगल पर एक 'वर्ष' में लगभग 687 दिन लगते है, जो पृथ्वी पर एक वर्ष की लंबाई से लगभग दोगुना है।

मंगल पृथ्वी के आकार का केवल आधा ही है।

मंगल ग्रह पर भारत का पहला ऐतिहासिक मिशन- मंगलयान

मंगल ग्रह पर भारत का पहला ऐतिहासिक मिशन- मंगलयान

मंगल ग्रह के लिए भारत का पहला मिशन - मंगलयान, मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) को आधिकारिक तौर पर 5 नवंबर 2013 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा PSLV-C25 रॉकेट पर कक्षा में भेजा गया था। 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में प्रवेश करने से पहले यह एक महीने तक पृथ्वी की कक्षा में रहा। 6 महीने तक तैरते रहने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया था। मंगलयान 8 साल तक चलने में कामयाब रहा।

2 अक्टूबर 2022 को, बताया गया कि ऑर्बिटर फ्यूल से बाहर हो सकता है और पृथ्वी से संपर्क खो सकता है। मंगलयान के साथ, भारत मंगल ग्रह पर सफलतापूर्वक पहुंचने वाला केवल चौथा देश बन गया।

मिशन 2010 में शुरू हुआ था

मिशन 2010 में शुरू हुआ था

मंगल मिशन की शुरुआत 2008 में चंद्र उपग्रह चंद्रयान -1 के सफल प्रक्षेपण के बाद भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा 2010 में एक फिसबिलिटी स्टडी के साथ हुई थी। मंगलयान शब्द मंगला, "मंगल" और याना, "शिल्प, वाहन" से लिया गया है।

spaceX मार्स प्रोग्राम

spaceX मार्स प्रोग्राम

एलोन मस्क, जिन्होंने स्पेसएक्स की स्थापना की। स्पेसएक्स मार्स प्रोग्राम कई प्रोजेक्ट का एक ग्रुप है, एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स की है मंगल ग्रह पर जाने के लिए। मार्स प्रोग्राम, जिसमें स्पेसएक्स स्टारशिप का चल रहा डेवलपमेंट शामिल है, अंतरिक्ष ट्रासपोटेशन कॉस्ट को कम करेगा, जिससे मंगल की यात्रा अधिक रियलास्टिक हो जाएगी।

English summary

Red Planet Day 2022 : Know Date, history, significance and important facts about mars in hindi

Red Planet Day is observed on November 28, 2022. The day is celebrated every year to commemorate the launch of the Mariner 4 spacecraft on Mars on November 28, 1964.
Story first published: Monday, November 28, 2022, 12:35 [IST]
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