Latest Updates
-
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब
Republic Day 2024: 15 अगस्त से अलग होता है 26 जनवरी को झंडा फहराने का तरीका, जानते हैं अंतर
Republic Day 2024: देश का राष्ट्रीय ध्वज आन-बान और शान का प्रतीक है। हर साल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को झंडा फहराया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त और गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने में कुछ अंतर भी होते हैं।
दो तरह के झंडे को फहराया या लहराया जाता है। एक को ध्वजारोहण कहते हैं और दूसरे झंडा फहराना कहा जाता है। आइए जानते हैं ध्वज फहराने में क्या अंतर और इन्हें अलग-अलग क्यों माना जाता है और दोनों का मतलब?

ध्वजारोहण और झंडा फहराना क्या है अंतर?
दो तरह से झंडे को फहराया या लहराया जाता है। ध्वज को ऊपर की तरफ खींचकर फहराया जाता है और इसको ध्वजारोहण कहते हैं। अंग्रेजी में इसे Flag Hoisting कहते हैं। दूसरी तरफ गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है और उसको खोलकर फहराते हैं और इसे झंडा फहराना कहा जाता है। अंग्रेजी में Flag Unfurling कहते हैं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति में भी अंतर?
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शामिल होते हैं और वो ध्वजारोहण करते हैं। जबकि गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी के मुख्य कार्यक्रम में देश के राष्ट्रपति शामिल होते हैं और वे झंडा फहराते हैं।
जगह में भी होता है अंतर
स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन लाल किले पर होता है. इस दिन प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। वहीं, गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम राजपथ पर होता है। इस दिन राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।
26 जनवरी को ही राष्ट्रपति क्यों फहराते हैं ध्वज?
प्रधानमंत्री देश के राजनीतिक प्रमुख होते हैं जबकि राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख। देश का संविधान 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू हुआ। उससे पहले न देश में संविधान था और न राष्ट्रपति। इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
