Latest Updates
-
April Fool's Day 2026: लंगोटिया यारों की 'बत्ती गुल' कर देंगे ये फनी मैसेजेस, हंसी रोकना होगा मुश्किल -
Lucky Signs: घर से निकलते समय इन 5 चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, समझ जाएं जल्द बदल सकती है किस्मत -
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल -
Today Bank Holiday: क्या आज बंद रहेंगे बैंक, स्कूल और शेयर बाजार; जानें आपके शहर का क्या है हाल -
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार
Strawberry Moon 2025 : जानें कब और कहां देखें यह दुर्लभ पूर्णिमा का चांद
Strawberry Moon 2025 India : साल 2025 में जून की पूर्णिमा यानी ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा एक अद्भुत खगोलीय घटना का गवाह बनेगी। 11 जून, बुधवार को आसमान में "स्ट्रॉबेरी मून" दिखाई देगा, जो पिछले दो दशकों में सबसे नीची स्थिति में दिखने वाला पूर्ण चंद्रमा होगा। यह नज़ारा बेहद दुर्लभ है और इसे फिर से अब 2043 में ही देखा जा सकेगा।
इस घटना को 'प्रमुख चंद्र गतिरोध' (Major Lunar Standstill) के कारण विशेष माना जा रहा है, जो हर 18.6 वर्षों में एक बार होता है। इस दौरान चंद्रमा की गति और स्थिति ऐसी होती है कि वह पृथ्वी से अपेक्षाकृत दूर और क्षितिज के बेहद करीब नजर आता है, जिससे इसकी चमक में एक गर्म, सुनहरी आभा दिखाई देती है।

'स्ट्रॉबेरी मून' क्या है?
'स्ट्रॉबेरी मून' नाम की उत्पत्ति उत्तरी अमेरिका की अल्गोंक्विन और ओजिब्वे जनजातियों से हुई है। इस समय वहां जंगली स्ट्रॉबेरी पककर तैयार होती थीं, इसलिए जून की पूर्णिमा को यही नाम दिया गया। हालांकि इसका रंग गुलाबी नहीं होता, लेकिन यह घटना सांस्कृतिक रूप से बहुत खास मानी जाती है और खगोल प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ अवसर है।
इस बार क्यों खास है स्ट्रॉबेरी मून?
11 जून 2025 की रात को जो स्ट्रॉबेरी मून दिखेगा, वह सामान्य पूर्णिमा से कहीं अधिक आकर्षक और दुर्लभ माना जा रहा है। इस बार यह चांद 'माइक्रो मून' होगा यानी जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी पर होता है। इससे चंद्रमा थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देगा।
इसके साथ ही इस बार का स्ट्रॉबेरी मून एक और खगोलीय घटना के साथ जुड़ा है जिसे कहते हैं 'लूनर स्टैंडस्टिल' या प्रमुख चंद्र ठहराव। यह स्थिति हर 18.6 साल में आती है, जब चंद्रमा अपने सबसे निचले आकाशीय बिंदु पर पहुंचता है। इससे उसका उदय और अस्त का कोण अधिक झुकाव वाला हो जाता है, और चांद क्षितिज के बहुत करीब, रंगों से भरपूर दिखाई देता है।
दिखेगा खास रंग
जब चंद्रमा क्षितिज के पास होता है, तो वह आमतौर पर सुनहरा, नारंगी या हल्का गुलाबी नजर आता है। यह वायुमंडलीय प्रभावों के कारण होता है। क्षितिज के पास से गुजरते हुए नीली रोशनी बिखर जाती है, और लाल-पीली तरंगें ज्यादा प्रभावी हो जाती हैं, जिससे चंद्रमा का रंग अधिक जीवंत दिखता है।
देखने का सही समय और स्थान
भारत में स्ट्रॉबेरी मून को 10 जून की शाम से 11 जून की रात तक देखा जा सकेगा। सूर्यास्त के ठीक बाद, जब आकाश अंधेरा होने लगेगा, चंद्रमा पूरब दिशा से उदित होगा। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में रात के 7:00 बजे के बाद इसे खुले आसमान में साफ देखा जा सकता है, बशर्ते आप रोशनी से दूर, किसी ऊंचे या खुले स्थान पर हों।
क्यों न चूकें यह अवसर?
स्ट्रॉबेरी मून का अगला प्रमुख चंद्र ठहराव के साथ संयोजन 2043 में होगा। यानी यह एक दुर्लभ खगोलीय संयोग है जो सालों में एक बार आता है। यदि आप खगोल प्रेमी हैं या प्राकृतिक घटनाओं में रुचि रखते हैं, तो यह आपके लिए एक अद्भुत दृश्य अनुभव होगा। इसलिए 11 जून की रात अपने कैमरे तैयार रखें और खुले आकाश के नीचे इस अद्भुत चांदनी को निहारना न भूलें।



Click it and Unblock the Notifications











