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झारखंड के रसोईघरों से आती मसालों की खुशबू में छिपी है सफलता की दिलचस्प कहानी
सिर्फ तेज भागती ही नहीं बल्कि, बदलती भी जा रही है दुनिया! मोबाइल स्क्रीन पर थिरकती उँगलियों से आज हम घंटों का काम मिनटों में कर लेते हैं। इंटरनेट जैसे जैसे दुनिया को करीब लाता जा रहा है और सूचना का असीम सागर सबके लिए उपलब्ध हो गया है, वैसे वैसे बदलती जा रही है हमारी लाइफ स्टाइल और खान पान।
कई बार तो चिंता भी सताने लगती है कि जिंदगी आसान तो हो रही है लेकिन इस भागमभाग में वक़्त की कमी की वजह से हम परंपरागत खान पान और देशी स्वाद से वंचित तो नहीं हो रहे? अनुभवों की बदौलत परखे चुने हुए मसाले देशी सिलबट्टे पर पिसने के बाद जो स्वाद देते हैं वो अब कहीं लुप्त ना हो जाए!

शुक्र है, नए नए इन्नोवेशन के जरिये ऐसे उत्पाद मार्किट में आ रहे हैं जिनसे ना सिर्फ हम अपने परंपरागत देशी जायके का आनंद उठा पाते हैं बल्कि हमारा स्वास्थ्य भी सही रहता है और किचन में वक़्त बचता है। इसका जीता जागता उदाहरण है झारखण्ड, जहाँ की गृहणियों ने ना सिर्फ खान पान की गुणवत्ता और स्वाद को पहले से भी बेहतर बनाया है बल्कि अपना वक़्त भी बचा रही हैं और बचे वक़्त का इस्तेमाल अन्य उपयोगी कार्यो में कर रही हैं। और ये क्रांतिकारी परिवर्तन आया है आईटीसी सनराइज प्योर के रिसर्च बेस्ड प्राकृतिक मसालों की वजह से।
जी हाँ, आज झारखण्ड के लगभग हर घर के किचन में आईटीसी सनराइज प्योर मसालों ने सम्मानित जगह बना ली है। झारखण्ड में रसोईघरों से निकलते स्वादिष्ट जायके वाले मसालेदार सब्जियों की सुगंध हमारी सफलता की दास्तां अब अन्य राज्यों में भी फैलाने लगी है।

झारखण्ड में आईटीसी सनराइज प्योर मसालों की सफलता की कहानी ऐसे ही नहीं बुनी गयी। काफी रिसर्च और प्लानिंग के तहत इन मसालों को वहां की गृहणियों तक पहुंचाया गया। इसके लिए कई कार्यक्रम किये गए, कई कम्पटीशन (खाओ, खिलाओं और हिट हो जाओ) आयोजित हुए और इनके जरिये जैसे ही इन महिलाओं ने इन मसालों का इस्तेमाल कर सब्जियां बनायीं, फिर उसके बाद इन मसालों ने किचन में अपनी जगह खुद बना ली। यहीं से सफलता की यात्रा प्रारंभ हो गयी।
महिलाओं ने अपने रिश्तेदारों, पडोसियों, मित्रों और अन्य जान पहचान वाले लोगों से आईटीसी सनराइज प्योर मसालों की तारीफ करनी शुरू कर दी। देखते ही देखते झारखण्ड में आईटीसी सनराइज प्योर मसालों की डिमांड बढ़ने लगी। एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे तक ये आईटीसी सनराइज प्योर मसालों की तारीफ पहुंची और फिर स्थिति ऐसी आ गयी है कि आज आईटीसी सनराइज प्योर मसालों ने झारखण्ड की गृहणियों की जिंदगी बदल दी है। स्वादिष्ट जायकेदार सब्जियों की वजह से घर के सदस्य खुश हैं और प्राकृतिक तरीके से शुद्ध मसाले उपलब्ध हो जाने से गृहणियां भी खुश! हो गया न ख़ुशी का डबल डोज?
कुछ तो बात है आईटीसी सनराइज प्योर मसालों में। आधुनिक और परंपरागत - दोनों ही शैलियों का बड़ा ही सुझबुझ वाला मिश्रण है ये मसाले! देसी सिलबट्टे पर पिसे मसालों को अब आप मिस नहीं करेंगे। किचन में पकती सब्जियों की खुशबु आपकी भूख बढ़ा देगी और पड़ोसी भी आकर पूछेंगे कौन सा मसाला इस्तेमाल हो रहा है? बस, आप भी उन्हें बता देना "आईटीसी सनराइज प्योर मसाले" के बारे में। क्योंकि अच्छी बातें शेयर करने से खुशियाँ बढ़ती है, हैं ना?



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