Surajkund Mela Accident: मेला घूमने जा रहे हैं तो ध्यान रखें ये 5 सेफ्टी टिप्स, हादसे से रहेंगे सुरक्षित

Surajkund Mela Accident Safety Tips: हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में शनिवार शाम एक बहुत बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा एक झूला अचानक टूटकर गिर गया, जिससे वहां हड़कंप मच गया। इसमें हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश की मौत हो गई। वहीं, 13 लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हादसे पर दुख जताया है। वहीं, पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। आपको बता दें कि सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से शुरू हुआ है और यह 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें भारत और 50 से अधिक देशों के शिल्पकार, कारीगर और कलाकार भाग ले रहे हैं।

Surajkund Mela Accident

सूरजकुंड मेले में कैसे गिरा झूला?

जानकारी के मुताबिक, शनिवार की शाम लगभग 6 बजकर 15 मिनट पर यह हादसा हुआ। मेले में लगा एक झूला, जिसे कई लोग Tsunami Ride के नाम से जानते हैं, अचानक संतुलन खो बैठा और टूटकर नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जब झूला गिरा तो उसका एक सिरा ही गिरा था, उस दौरान अधिक लोग चपेट में नहीं आए थे। लेकिन जब बचाने के लिए लोग उस पर चढ़े तो झूले का दूसरा सिरा भी टूट गया। इसमें 13 लोग घायल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद अफरा तफरी मच गई और आसपास खड़े लोग चिल्लाते हुए सुरक्षित स्थान की ओर भागे। घायल लोगों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश की मौत

सूरजकुंड मेले में हुए हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। वह हादसे के दौरान बचाव कार्य में जुटे हुए थे, लेकिन अचानक झूले का एक हिस्सा उन पर गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में अस्पताल ले जाते हुए उनकी मौत हो गई। जगदीश प्रसाद मूलरूप से मथुरा के रहने वाले थे और और पलवल में पोस्टिंग थी। जानकारी के मुताबिक, डेढ़ दो महीने बाद वे रिटायर होने वाले थे।

मेला जाते समय सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें?

इस तरह के हादसे यह याद दिलाते हैं कि भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है। ऐसे में, मेला घूमने के दौरान दुर्घटनाओं से बचने के लिए ये सेफ्टी टिप्स ध्यान रखना बेहद जरूरी है -

  • मेले या फेस्टिवल में जाते समय हमेशा अधिकृत और प्रमाणित मनोरंजन राइड्स का ही चुनाव करें।
  • झूले, रोलर कोस्टर या भारी मशीनरी वाले राइड्स को चुनते समय उनके लाइसेंस, सर्टिफिकेशन और सही रख-रखाव की जांच करें।
  • बच्चों को अकेले बिना निगरानी झूलों पर न बैठने दें।
  • यदि किसी भी राइड पर लाइट, ढांचे में ढीलापन या बिखराव नजर आए तो तुरंत उससे दूरी बनाएं।
  • भीड़ वाले स्थानों पर फोन को चार्ज रखें और किसी आपात स्थिति के लिए परिवार के सदस्यों के साथ पहले से मिलकर एक रूटीन योजना तय कर लें।

Story first published: Sunday, February 8, 2026, 13:15 [IST]
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