Latest Updates
-
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे
TN Manoharan का हार्ट अटैक से हुआ निधन, जानें कौन थे, पद्मश्री से किया गया था सम्मानित
TN Manoharan Dies of Heart Attack at 69: प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट, बैंकिंग विशेषज्ञ और पद्मश्री से सम्मानित टीएन मनोहरन का निधन हो गया है। वे 68 वर्ष के थे और मुंबई में दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से उनका निधन हुआ। उनका जाना भारत के बैंकिंग और कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
टीएन मनोहरन न केवल आईडीबीआई बैंक के चेयरमैन रहे, बल्कि उन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। वे केनरा बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन (2015-2020) और लक्ष्मी विलास बैंक के एडमिनिस्ट्रेटर भी रहे।

सत्यम कंप्यूटर घोटाले में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
उन्हें सत्यम कंप्यूटर घोटाले के बाद कंपनी के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी जाना जाता है। 2009 में जब सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज में ₹7,000 करोड़ का घोटाला सामने आया, तो सरकार ने उन्हें बोर्ड में विशेष निदेशक के रूप में नियुक्त किया। उन्होंने केवल 100 दिनों में कंपनी को स्थिर किया और टेक महिंद्रा के साथ इसका विलय सुनिश्चित किया। इसी योगदान के लिए उन्हें CNN-IBN इंडियन ऑफ द ईयर (2009) और पद्मश्री (2010) से सम्मानित किया गया। इस अनुभव पर उन्होंने एक पुस्तक "The Tech Phoenix: Satyam's 100-Day Turnaround" भी लिखी।
मनोहरन ने टैक्सेशन और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर कई पुस्तकों की रचना की थी। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक और श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश से वाणिज्य में परास्नातक किया। वे मद्रास लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री भी प्राप्त कर चुके थे।
फाइनेंशियल सेक्टर में दिया योगदान
उनका अनुभव बैंकिंग, लेखाशास्त्र, जोखिम प्रबंधन, कृषि व ग्रामीण विकास, कॉर्पोरेट प्रशासन, मानव संसाधन और विधिक मामलों तक फैला हुआ था। वे टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड सदस्य भी रहे। इसके अलावा उन्होंने RBI, SEBI, IRDA, और CBDT की विभिन्न उच्च स्तरीय समितियों में भी योगदान दिया।
मिल चुके हैं ये अवार्ड
उनके उल्लेखनीय योगदानों के लिए उन्हें 2005 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, और 2009 में बिजनेस लीडरशिप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।
टीएन मनोहरन का जीवन पेशेवर उत्कृष्टता, नैतिकता और समर्पण का आदर्श उदाहरण है। उनका जाना न केवल एक प्रतिष्ठित प्रोफेशनल का अंत है, बल्कि भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति भी है।



Click it and Unblock the Notifications











