Latest Updates
-
World Teachers Day 2026: 5 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है विश्व शिक्षक दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
कहीं आप भी तो नहीं पी रहे डिटर्जेंट वाला दूध? FSSAI के बताए इस सिंपल टेस्ट से मिनटों में करें चेक -
Indira Ekadashi 2026: 5 या 6 अक्टूबर, कब है इंदिरा एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य
Union Budget 2024: 5 महीनें में क्यों पेश हो रहा है दूसरी बार बजट, जानें आम बजट और अंतरिम बजट में अंतर
Union Budget 2024 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करने के लिए तैयार है। ऐसा करके वो एक नया कीर्तिमान भी रच लेगी। दरअसल, वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण का ये लगातार 7वां बजट होगा जिसमें से छह पूर्ण और एक अंतरिम बजट शामिल है।
दरअसल हर साल एक ही बजट पेश होता है लेकिन इस बार चुनावी साल होने के वजह से 5 माह के अंतराल के बाद पूर्ण बजट पेश किया जा रहा है। इसके पीछे वजह ये है कि जब-जब देश में चुनाव होते तब वित्तमंत्री अंतरिम बजट पेश किया जाता है। जबकि सामान्य साल में हर साल वित्त मंत्री द्वारा आम बजट (Union Budget) पेश किया जाता है। चुनाव होने के बाद जो भी सरकार सत्ता में आती है फिर से पूर्ण बजट पेश करती हैं। आइए जानते हैं अंतरिम और पूर्ण बजट में अंतर-

अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट में अंतर
चुनाव आने की स्थिति में अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट दोनों ही कुछ महीनों के लिए होते हैं। जो नई सरकार आती है उसकी पूर्ण बजट लाने की जिम्मेदारी होती है।
अंतरिम बजट में केंद्र सरकार खर्च के साथ-साथ आमदनी का ब्यौरा भी पेश करती है। अंतरिम बजट में खर्च, राजस्व, राजकोषीय घाटा, फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और आगामी महीनों के लिए अनुमान शामिल होते हैं।
वहीं, वोट ऑन अकाउंट में केवल मौजूदा सरकार खर्चों की जानकारी पेश की जाती है। इसमें सरकार की आमदनी के बारे में नहीं बताया जाता है। दोनों में ही बजट में एक कॉमन बात यह है कि इनमें आगे के लिए कोई नीतिगत घोषणाएं नहीं होती हैं।
अब पेश होगा पूर्ण बजट
लोकसभा चुनाव के बाद जब नई सरकार का गठन होता है तो वह पूर्ण बजट जून-जुलाई में पेश करती है। इस वजह इस बार 5 माह बाद दोबारा से बजट आ रहा है।



Click it and Unblock the Notifications
