Latest Updates
-
22 जून को ग्रहों का सबसे बड़ा महाफेर! बनने जा रहा त्रिग्रही योग, इन 4 राशियों का चमकेगा भाग्य -
Jagannath Rath Yatra 2026: कब और कैसे पहुंचें पुरी? जानें दर्शन से लेकर ठहरने तक की पूरी जानकारी -
मालवीय नगर हादसे के बाद चर्चा में सुमित आचार्य का पुराना वीडियो, अग्निकांड में किया 1500 मौतों का दावा -
भारत में महिलाओं से ज्यादा पुरुष क्यों गंवा रहे हीटस्ट्रोक से जान? एनसीआरबी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए आंवला, वरना पहुंच सकते हैं अस्पताल -
World Environment Day 2026: क्या आपके लिविंग रूम में है ये 5 पौधे? जो रात में भी देते हैं छप्परफाड़ ऑक्सीजन -
रोज सुबह खाली पेट धनिया का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, इस तरह से करें सेवन -
World Environment Day 2026: 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः', शेयर करें संस्कृत के ये श्लोक, जगाएं चेतना -
World Environment Day 2026 Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रियजनों को भेजें जागरूकता से भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 05 June 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्य
Union Budget 2024: 5 महीनें में क्यों पेश हो रहा है दूसरी बार बजट, जानें आम बजट और अंतरिम बजट में अंतर
Union Budget 2024 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करने के लिए तैयार है। ऐसा करके वो एक नया कीर्तिमान भी रच लेगी। दरअसल, वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण का ये लगातार 7वां बजट होगा जिसमें से छह पूर्ण और एक अंतरिम बजट शामिल है।
दरअसल हर साल एक ही बजट पेश होता है लेकिन इस बार चुनावी साल होने के वजह से 5 माह के अंतराल के बाद पूर्ण बजट पेश किया जा रहा है। इसके पीछे वजह ये है कि जब-जब देश में चुनाव होते तब वित्तमंत्री अंतरिम बजट पेश किया जाता है। जबकि सामान्य साल में हर साल वित्त मंत्री द्वारा आम बजट (Union Budget) पेश किया जाता है। चुनाव होने के बाद जो भी सरकार सत्ता में आती है फिर से पूर्ण बजट पेश करती हैं। आइए जानते हैं अंतरिम और पूर्ण बजट में अंतर-

अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट में अंतर
चुनाव आने की स्थिति में अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट दोनों ही कुछ महीनों के लिए होते हैं। जो नई सरकार आती है उसकी पूर्ण बजट लाने की जिम्मेदारी होती है।
अंतरिम बजट में केंद्र सरकार खर्च के साथ-साथ आमदनी का ब्यौरा भी पेश करती है। अंतरिम बजट में खर्च, राजस्व, राजकोषीय घाटा, फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और आगामी महीनों के लिए अनुमान शामिल होते हैं।
वहीं, वोट ऑन अकाउंट में केवल मौजूदा सरकार खर्चों की जानकारी पेश की जाती है। इसमें सरकार की आमदनी के बारे में नहीं बताया जाता है। दोनों में ही बजट में एक कॉमन बात यह है कि इनमें आगे के लिए कोई नीतिगत घोषणाएं नहीं होती हैं।
अब पेश होगा पूर्ण बजट
लोकसभा चुनाव के बाद जब नई सरकार का गठन होता है तो वह पूर्ण बजट जून-जुलाई में पेश करती है। इस वजह इस बार 5 माह बाद दोबारा से बजट आ रहा है।



Click it and Unblock the Notifications