Latest Updates
-
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार -
Surya Grahan 2026: किस अमावस्या को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिन में छा जाएगा अंधेरा? -
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय -
बेसन या सूजी का चीला, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा नाश्ता है सबसे बेस्ट? नोट करें रेसिपी -
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर -
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे'
क़तर में हुआ अनोखा 'वर्ल्ड कप ऑफ ब्यूटी ऑफ कैमल्स',चुने गये सबसे खूसूरत ऊंट
फीफा फुटबॉल विश्व कप 2022 कतर में जोरशोर से चल रहा है, लेकिन फुटबॉल वर्ड कप के साथ वहां पर एक और विश्व कप प्रतियोगिता हुई। जो अपने आप में काफी अनोखी रही। बस ये प्रतियोगिता इंसानों के साथ ना होकर, इसमें खाड़ी देशों के ऊंटों ने हिस्सा लिया। जी हां.. कतर में "कैमल ब्यूटी वर्ल्ड कप" भी आयोजन हुआ। इसमें लंबी टांगों वाले खूबसूरत ऊंटों में सबसे आकर्षक बनने की होड़ थी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ऐश-शाहनियाह स्थित कतर कैमल मजायेन क्लब में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले ऊंटों को उनकी उम्र और नस्ल के आधार पर कई कैटेगरीज में बांटा गया था।

फुटबॉल विश्व कप की तरह ही कैमल ब्यूटी वर्ल्ड कप हुआ
इस प्रतियोगिता को खेल और युवा मंत्रालय द्वारा इनपॉन्सर्ड किया गया था। स्थानीय विश्व कप आयोजन समिति, डिलीवरी और विरासत के लिए सर्वोच्च समिति एक साथ रही।
फीफा वर्ल्ड कप 2022 की तरह ही, कैमल ब्यूटी वर्ल्ड कपआयोजित गया था। आयोजन के दौरान लगातार चबाते हुए ऊंटों की परेड कराई गई।

ऊंटों को चुनने की कई कैटेगरी
मजायेन क्लब के अध्यक्ष अल अथाबा ने रॉयटर्स को बताया कि ‘काले ऊंटों को शरीर के आकार और सिर और कानों की स्थिति के अनुसार आंका जाता है। लेकिन मगहीर-प्रकार के ऊंट के साथ, वे आनुपातिकता की तलाश करते हैं और कान नीचे की ओर होने चाहिए।' सीधे खड़े नहीं होना चाहिए।
प्रतियोगिता शुरू होने से पहले, विशेषज्ञ धोखे से बचने के लिए एक्स-रे का यूज करके ऊंटों की जांच करते हैं। ये भी देखते हैं कि कहीं ऊंटो में कोई सर्जिकल ऑपरेशन तो नहीं किया गया।

नियम और कानून सख्त रहे
पिछले साल सऊदी अरब में एक ऊंट सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 43 प्रतिभागियों को बोटोक्स इंजेक्शन और दूसरे कॉस्मेटिक ऑपरेशन की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए इस बार ऐसे इंतजाम किये गये।
ये कार्यक्रम पूरे मिडिल ईस्ट में आयोजित किए जाते हैं, जहां लोग पीढ़ियों से ऊंटों से जुड़े हुए हैं।

ये मिडिल ईस्ट की संस्कृति में गहरे से जुड़े
अल कुवारी ने कहा ने बताया कि ये हमारी संस्कृति है, ये बहुत पहले से हमारे पिता और दादा से है।
"आज एक प्रतियोगिता है, एक सौंदर्य प्रतियोगिता है। हम इन ऊंटों को पसंद करते हैं। हम उन्हें नाम देते हैं। यह एक परिवार की तरह है।"
(Reference- Trtworld.com)



Click it and Unblock the Notifications











