Latest Updates
-
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा -
धनतेरस के 21 शुभकामना संदेश: घर की लक्ष्मी के त्योहार को बना देंगे स्पेशल -
धनतेरस समृद्धि का स्वागत करने का दिन, लेकिन घर में शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी: ज्योतिषी रिन्ही सुबरवाल -
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग
अरे बाप रे! कर्नाटक में बच्चों को जिंदा करने के लिए नमक की बोरियों में गाड़े शव, जानें फिर क्या हुआ?
Karnataka Viral News: कर्नाटक के हावेरी जिले में विचित्र घटना सामने आई है। यहां झील में डूबकर काल के ग्रास में समाएं दो मासूम बच्चों को जिंदा करने के लिए उनके घरवालों ने शवों को 20 किलोग्राम नमक की बोरियों में गाड़ दिया। बताया जा रहा है कि यह आइडिया उन्हें सोशल मीडिया से मिला था। यह घटना इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही है। आइए जानते हैं इस मामले के बारे में-

यहां की हैं घटना
यह घटना कर्नाटक के हावेरी जिले कें ब्याडागी तालुक के गैलापुजी गांव की बताई जा रही है। जहां मंगलवार को गांव के दो बच्चे 12 साल का हेमंत और 11 साल का नागराज उस समय डूब गए थे, जब वे गांव की एक झील में तैरने गए। शवों को पानी से बाहर निकालने के बाद बच्चों के पुनर्जीवित होने की आस में उनके माता-पिता के द्वारा छह घंटे तक शवों को नमक में गाढ़कर रखा गया। जब स्थानीय पुलिस को इस बारे में पता चला तो उन्होंने वहां पहुंचकर दंपत्ति को समझाया तब कहीं जाकर उनका अंतिम संस्कार हो सका। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया के एक पोस्ट से गुमराह होकर बच्चों के नागराज के पिता मारुति और हेमंत के पिता मालतेश ने ऐसा कदम उठाया।
नमक की अच्छी क्वालिटी पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया से प्रभावित होकर घरवालों ने बच्चों को जिंदा करने की आस में ऐसा अंधविश्वास भरा कदम उठाया। वहीं बच्चो के रिश्तेदारों का कहना है कि नमक की क्वालिटी अच्छी नहीं होनी की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।
ओड़िशा में भी हुआ था कुछ ऐसा?
इसी साल ओडिशा के भद्रक जिले के बासुदेवपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जहां एक ओझा (झाड़ फूंक करने वाला) ने मृत बच्चे को बचाने के लिए शव को नमक में गाड़कर मंत्र-तंत्र करने लगा। लेकिन जैसे इस घटना की खबर पाकर पुलिस अस्पताल पहुंची तो ओझा वहां से फरार हो गया।



Click it and Unblock the Notifications
