Latest Updates
-
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासु मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है
अरे बाप रे! कर्नाटक में बच्चों को जिंदा करने के लिए नमक की बोरियों में गाड़े शव, जानें फिर क्या हुआ?
Karnataka Viral News: कर्नाटक के हावेरी जिले में विचित्र घटना सामने आई है। यहां झील में डूबकर काल के ग्रास में समाएं दो मासूम बच्चों को जिंदा करने के लिए उनके घरवालों ने शवों को 20 किलोग्राम नमक की बोरियों में गाड़ दिया। बताया जा रहा है कि यह आइडिया उन्हें सोशल मीडिया से मिला था। यह घटना इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही है। आइए जानते हैं इस मामले के बारे में-

यहां की हैं घटना
यह घटना कर्नाटक के हावेरी जिले कें ब्याडागी तालुक के गैलापुजी गांव की बताई जा रही है। जहां मंगलवार को गांव के दो बच्चे 12 साल का हेमंत और 11 साल का नागराज उस समय डूब गए थे, जब वे गांव की एक झील में तैरने गए। शवों को पानी से बाहर निकालने के बाद बच्चों के पुनर्जीवित होने की आस में उनके माता-पिता के द्वारा छह घंटे तक शवों को नमक में गाढ़कर रखा गया। जब स्थानीय पुलिस को इस बारे में पता चला तो उन्होंने वहां पहुंचकर दंपत्ति को समझाया तब कहीं जाकर उनका अंतिम संस्कार हो सका। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया के एक पोस्ट से गुमराह होकर बच्चों के नागराज के पिता मारुति और हेमंत के पिता मालतेश ने ऐसा कदम उठाया।
नमक की अच्छी क्वालिटी पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया से प्रभावित होकर घरवालों ने बच्चों को जिंदा करने की आस में ऐसा अंधविश्वास भरा कदम उठाया। वहीं बच्चो के रिश्तेदारों का कहना है कि नमक की क्वालिटी अच्छी नहीं होनी की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।
ओड़िशा में भी हुआ था कुछ ऐसा?
इसी साल ओडिशा के भद्रक जिले के बासुदेवपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जहां एक ओझा (झाड़ फूंक करने वाला) ने मृत बच्चे को बचाने के लिए शव को नमक में गाड़कर मंत्र-तंत्र करने लगा। लेकिन जैसे इस घटना की खबर पाकर पुलिस अस्पताल पहुंची तो ओझा वहां से फरार हो गया।



Click it and Unblock the Notifications











