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Dalai Lama List: कौन थे पहले दलाई लामा, यहां देखें तिब्बती धर्मगुरुओं की पूरी लिस्ट
List of All Dalai Lamas : दलाई लामा को लेकर इन दिनों पूरी दुनिया की नजरें धर्मशाला के मैक्लोडगंज पर टिकी हैं, जहां मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौजूदा 14वें दलाई लामा आज अपने उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा कर सकते हैं। यह नाम तिब्बती बौद्ध धर्म के 15वें सर्वोच्च गुरु का होगा। यह घोषणा उनके 90वें जन्मदिन (6 जुलाई) से पहले की जा सकती है।
इस फैसले को लेकर चीन की बेचैनी भी बढ़ गई है, क्योंकि चीन चाहता है कि तिब्बत के नए धार्मिक गुरु का चयन उसके प्रभाव में हो। वहीं दलाई लामा साफ कर चुके हैं कि उनका उत्तराधिकारी चीन के बाहर से होगा, जिससे यह मसला और भी संवेदनशील हो गया है। चलिए आपको बताते हैं तिब्बत के धर्मगुरुओं की पूरी लिस्ट-

कौन होता है दलाई लामा?
दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदवी है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है, "ज्ञान का महासागर"। यह पद किसी विशेष व्यक्ति का नहीं बल्कि उस आत्मा का होता है जो कई जन्मों से पुनर्जन्म के माध्यम से लौटती है। ऐसा माना जाता है कि दलाई लामा निर्वाण को प्राप्त कर चुके होते हैं, लेकिन करुणा के कारण मानव रूप में लौटते हैं ताकि दूसरों को मुक्ति का मार्ग दिखा सकें।
तिब्बती परंपरा के अनुसार, प्रत्येक दलाई लामा की मृत्यु के बाद उनके पुनर्जन्म की खोज की जाती है। इसके लिए भव्य अनुष्ठानों, ज्योतिष, ध्यान और परंपरागत रहस्यमय विधियों का सहारा लिया जाता है।
अब तक के सभी दलाई लामा
दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु माने जाते हैं। यह कोई व्यक्तिगत नाम नहीं, बल्कि एक पदवी है, जो पुनर्जन्म के सिद्धांत पर आधारित होती है। माना जाता है कि प्रत्येक दलाई लामा अपने पूर्ववर्ती दलाई लामा का पुनर्जन्म होते हैं और वे मानवता की सेवा करने के लिए पृथ्वी पर लौटते हैं। अब तक कुल 14 दलाई लामा हो चुके हैं, और वर्तमान में तेनजिन ग्यात्सो इस पद पर आसीन हैं। आइए जानते हैं अब तक के सभी दलाई लामाओं के बारे में:
1. गेदुन ड्रुप (1391-1474): पहले दलाई लामा, जिन्हें मरणोपरांत यह उपाधि दी गई। वे तिब्बती बौद्ध धर्म के गेलुग परंपरा के महान विद्वान और शिक्षक थे।
2. गेदुन ग्यात्सो (1475-1542): दूसरे दलाई लामा माने जाते हैं। उन्होंने कई मठों की स्थापना की और धर्म प्रचार में योगदान दिया।
3. सोनाम ग्यात्सो (1543-1588): तीसरे दलाई लामा। इन्हें मंगोल शासक अल्तान खान द्वारा पहली बार 'दलाई लामा' की उपाधि दी गई थी।
4. योंतेन ग्यात्सो (1589-1617): चौथे दलाई लामा, जो मंगोल वंश के थे और पहले गैर-तिब्बती दलाई लामा थे।
5. लोबसांग ग्यात्सो (1617-1682): पांचवें दलाई लामा, जिन्हें 'महान दलाई लामा' कहा जाता है। इन्होंने तिब्बत को एकीकृत किया और पोटाला पैलेस का निर्माण करवाया।
6. त्सांगयांग ग्यात्सो (1683-1706): छठे दलाई लामा, जो अपने कवि और विद्रोही स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।
7. केलजांग ग्यात्सो (1708-1757): सातवें दलाई लामा, जिन्होंने धर्म और शिक्षा को फिर से मजबूत किया।
8. जम्पेल ग्यात्सो (1758-1804): आठवें दलाई लामा, जिनका कार्यकाल अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण था।
9. लुंगटोक ग्यात्सो (1805-1815): नौवें दलाई लामा, जो बहुत कम उम्र में निधन हो गए।
10. त्सुलत्रिम ग्यात्सो (1816-1837): दसवें दलाई लामा, जिनकी भी मृत्यु युवा अवस्था में हुई।
11. खेद्रुप ग्यात्सो (1838-1856): ग्यारहवें दलाई लामा, जिन्होंने राजनीतिक रूप से अस्थिर समय में पद संभाला।
12. त्रिनले ग्यात्सो (1857-1875): बारहवें दलाई लामा, जिनका कार्यकाल भी अल्पकालिक रहा।
13. थुबतेन ग्यात्सो (1876-1933): तेरहवें दलाई लामा, जिन्होंने तिब्बत की आधुनिकता की ओर दिशा दी और चीन के हस्तक्षेप का विरोध किया।
14. तेनजिन ग्यात्सो (1935-वर्तमान): वर्तमान चौदहवें दलाई लामा, जो 1959 में तिब्बत से भागकर भारत आए और तब से निर्वासन में धर्मशाला में रह रहे हैं। वे शांति, करुणा और अहिंसा के संदेशवाहक हैं।



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