Latest Updates
-
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार -
Rajasthani Grandma Style Gatte Ki Sabzi Recipe: अब घर पर पाएं पारंपरिक राजस्थानी स्वाद -
Aaj Ka Rashifal 29 May 2026: शुक्रवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, करियर में मिलेगा बड़ा उछाल -
Restaurant Style Baby Corn Masala Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा स्वादिष्ट बेबी कॉर्न मसाला -
Train Washroom Rule: भूलकर भी इस समय न करें ट्रेन के टॉयलेट का इस्तेमाल, वरना सफर में होगी बड़ी दिक्कत -
गर्मियों में कम बजट में घूमने के लिए बेस्ट हैं भारत की ये 9 जगहें, परिवार के साथ बनाएं ट्रिप का प्लान -
फेमस शेफ पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर: क्या पुरुषों को भी हो सकती है यह बीमारी? जानें लक्षण और बचाव -
Jackfruit Side Effects: इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए कटहल, वरना शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर -
Amritsar Style Pindi Chole Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा चटपटा स्वाद -
Rule Change 1st June 2026: 1 जून से आम आदमी को बड़ा झटका! जानिए क्या होगा महंगा और क्या सस्ता
World Environment Day: 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस? खास है इस बार की थीम
World Environment Day: आज विश्व पर्यावरण दिवस है जो हर साल 5 जून को ही मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य है कि लोगों को पर्यावरण और उसकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना। ये तो आप भी मानते ही हैं कि प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है। पेड़-पौधे, नदी-झरने- पहाड़-पर्वत सभी का जीवन में बहुत महत्व है। क्या आपने कभी सोचा है कि पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कब से हुई थी। साथ ही ये भी कि हर साल थीम अलग क्यों होती है और इस बार की थीम क्या है। चलिए जानते हैं इसके पीछे की वजह, इतिहास और 2025 की थीम की अहमियत।
5 जून को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस?
सबसे पहले ये जानते हैं कि पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है। दरअसल इस दिवस की शुरुआत 1972 में स्टॉकहोम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सम्मेलन के दौरान हुई थी। इस सम्मेलन की शुरुआत 5 जून को हुई थी, इसलिए हर साल इसी दिन को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहली बार इसे 1974 में मनाया गया था। तब से हर साल 5 जून को ही ये दिवस मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य
अब ये जान लेते हैं कि इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य क्या है? इस बात से तो सभी सहमत होंगे कि पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। मगर मनुष्य ही प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है जिससे क्लाइमेट असंतुलित होता जा रहा है। ऐसे में इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और उन्हें प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति हमारी जिम्मेदारी है और हमें इसे बचाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
इस बार की थीम क्या है और क्यों इतनी खास है?
आपको बता दें कि हर साल पर्यावरण दिवस की थीम अलग होती है। इस बार की थीम है 'प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना (Putting an End to Plastic Pollution)।' इस थीम को रखने के पीछे की खास वजह ये है कि लोगों को ये बताया जाए कि प्लास्टिक किस तरह से हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में लोगों को जागरूक किया जाएगा की वो प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद कर दें ताकि आगे आने वाले समय में अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक साफ और सांस लेना वाला वातावरण छोड़ा जा सके। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल की थीम मरुस्थलीकरण और सूखे की समस्या से निपटने पर आधारित थी। वहीं 2023 में भी प्लास्टिक प्रदूषण के निपटारे पर थीम आधारित थी।

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए क्या कर सकते हैं?
चलिए अब ये भी जान लेके हैं कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं। नीचे दी गई बातों का ध्यान रखें।
1. पॉलीथिन और सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें या कम करें।
2. आसपास जाने के लिए साइकिल की मदद लें इससे आपकी सेहत भी ठीक रहेगी और प्रदूषण भी कम होगा।
3. पानी और बिजली की बचत करें।
4. संकल्प लें कि आपको कम से कम पर्यावरण दिवस वाले दिन एक पेड़ तो लगाना ही है। अगर आप नेचर लवर हैं तो ज्यादा भी लगा सकते हैं।
5. अपने आसपास के लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक करें ताकि उन्हें भी इसके महत्व के बारे में पता लगे।



Click it and Unblock the Notifications