Latest Updates
-
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे
World Environment Day: 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस? खास है इस बार की थीम
World Environment Day: आज विश्व पर्यावरण दिवस है जो हर साल 5 जून को ही मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य है कि लोगों को पर्यावरण और उसकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना। ये तो आप भी मानते ही हैं कि प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है। पेड़-पौधे, नदी-झरने- पहाड़-पर्वत सभी का जीवन में बहुत महत्व है। क्या आपने कभी सोचा है कि पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कब से हुई थी। साथ ही ये भी कि हर साल थीम अलग क्यों होती है और इस बार की थीम क्या है। चलिए जानते हैं इसके पीछे की वजह, इतिहास और 2025 की थीम की अहमियत।
5 जून को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस?
सबसे पहले ये जानते हैं कि पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है। दरअसल इस दिवस की शुरुआत 1972 में स्टॉकहोम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सम्मेलन के दौरान हुई थी। इस सम्मेलन की शुरुआत 5 जून को हुई थी, इसलिए हर साल इसी दिन को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहली बार इसे 1974 में मनाया गया था। तब से हर साल 5 जून को ही ये दिवस मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य
अब ये जान लेते हैं कि इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य क्या है? इस बात से तो सभी सहमत होंगे कि पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। मगर मनुष्य ही प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है जिससे क्लाइमेट असंतुलित होता जा रहा है। ऐसे में इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और उन्हें प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति हमारी जिम्मेदारी है और हमें इसे बचाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
इस बार की थीम क्या है और क्यों इतनी खास है?
आपको बता दें कि हर साल पर्यावरण दिवस की थीम अलग होती है। इस बार की थीम है 'प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना (Putting an End to Plastic Pollution)।' इस थीम को रखने के पीछे की खास वजह ये है कि लोगों को ये बताया जाए कि प्लास्टिक किस तरह से हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में लोगों को जागरूक किया जाएगा की वो प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद कर दें ताकि आगे आने वाले समय में अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक साफ और सांस लेना वाला वातावरण छोड़ा जा सके। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल की थीम मरुस्थलीकरण और सूखे की समस्या से निपटने पर आधारित थी। वहीं 2023 में भी प्लास्टिक प्रदूषण के निपटारे पर थीम आधारित थी।

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए क्या कर सकते हैं?
चलिए अब ये भी जान लेके हैं कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं। नीचे दी गई बातों का ध्यान रखें।
1. पॉलीथिन और सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें या कम करें।
2. आसपास जाने के लिए साइकिल की मदद लें इससे आपकी सेहत भी ठीक रहेगी और प्रदूषण भी कम होगा।
3. पानी और बिजली की बचत करें।
4. संकल्प लें कि आपको कम से कम पर्यावरण दिवस वाले दिन एक पेड़ तो लगाना ही है। अगर आप नेचर लवर हैं तो ज्यादा भी लगा सकते हैं।
5. अपने आसपास के लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक करें ताकि उन्हें भी इसके महत्व के बारे में पता लगे।



Click it and Unblock the Notifications











