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World Television Day 2023: भारत में कब और कैसे शुरू हुआ था टेलीविजन का सफर? जानिए इससे जुड़ा इतिहास
World Television Day 2023 : टेलीविजन का हम सभी के जीवन में बहुत अधिक महत्व है। यही कारण है कि हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन दुनियाभर में टेलीविजन के दैनिक मूल्यों को उजागर किया जाता है। इस दिन लोगों को टेलीविजन का महत्व बताया जाता है जो कि संचार एवं वैश्वीकरण में एक अहम भूमिका निभाता है।

टेलीविजन का इतिहास
पहली बार विश्व टेलीविजन मंच 21 नवंबर 1996 में हुआ था। इसी दिन को बाद में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में माना जाने लगा। इन दिन लोगों को टेलीविजन की संचार एवं वैश्वीकरण में भूमिका को लेकर जागरूक किया जाता है। इन दिन वैश्विक एवं स्थानीय दोनों स्तरों पर बैठकों का आयोजन किया जाता है। इस दिन को बढ़ावा देने के लिए लेखक, पत्रकार एवं ब्लॉगर सब साथ आते हैं और इसके महत्व के बारे में लोगों को जानकारी प्रदान करते हैं।
1924 में हुआ था अविष्कार
साल 1924 में स्कॉटिश इंजीनियर, जॉन लोगी बेयर्ड ने तकनीक की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए टेलीविजन का आविष्कार किया था। उस समय कौन जानता था कि इस आविष्कार की वजह से लोगों की आने वाली जिंदगी पूरी तरह से बदल जाएगी।
टेलीविजन के आविष्कारक जॉन लोगी बेयर्ड बचपन में अक्सर बीमार रहने के कारण स्कूल नहीं जा पाते थे। 13 अगस्त 1888 को स्कॉटलैंड में जन्मे बेयर्ड को टेलीफोन से इतना लगाव था कि 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपना टेलीफोन ही बना डाला। बेयर्ड सोचते थे कि एक दिन ऐसा भी आएगा, जब लोग हवा के माध्यम से तस्वीरें भेज सकेंगे। इसके बाद बेयर्ड ने वर्ष 1924 में बक्से, बिस्किट के टिन, सिलाई की सुई, कार्ड और बिजली के पंखे से मोटर का इस्तेमाल कर पहला टेलीविजन बनाया था।
भले ही आज लोगों के पास मनोरंजन के लिए कई साधन मौजूद हैं, लेकिन बावजूद इसके लोग अब भी टीवी देखना पसंद करते हैं। दुनियाभर में भले ही टीवी 1924 में आई हो, लेकिन भारत में इसे आने में कुछ समय और लग गया था।
भारत में टीवी का इतिहास
भारत में टीवी का आगमन इसके अविष्कार के 3 दशक बाद हुआ था। प्रेस सूचना ब्यूरो के मुताबिक 15 सितंबर, 1959 को यूनाइटेड नेशनंस एजुकेशनल, साइंटिफिक और कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (UNESCO) की मदद से देश में टेलीविजन की शुरुआत हुई थी। उस समय में टीवी की शुरुआत 'ऑल इंडिया रेडियो' के तहत हुई थी और आकाशवाणी भवन की पांचवीं मंजिल पर टीवी का पहला ऑडिटोरियम बना था। टीवी के इस पहले ऑडिटोरियम का उद्घाटन देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था।
वैसे आपको बता दें कि दूरदर्शन और भारत में टीवी, दोनों एक साथ शुरू हुए थे। 15 सितंबर 1959 को ही शुरू हुआ था देश का पहला टीवी चैनल 'टेलीविजन इंडिया'। इसे एक प्रयोगात्मक प्रसारण के रूप शुरू किया गया था, जिसे एक कम क्षमता वाले ट्रांसमीटर से दिल्ली के ही 21 कम्युनिटी टीवी सेट पर प्रसारित किया गया था।
1959 में इसे All India Radio की निगरानी में शुरू किया गया। जिस पर हर हफ्ते एक-एक घंटे के दो कार्यक्रम दिखाये जाते थे। कमाल की बात ये है कि 6 साल तक सिलसिला यूं ही चलता रहा। हर दिन 1 घंटे की समाचार-बुलेटिन की शुरूआत 1965 में कि गई।



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