Latest Updates
-
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल -
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जान लें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
इन 5 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं काजू, स्वाद के चक्कर में बढ़ सकता है मर्ज -
UP Style Vegetable Pulao Tehri Recipe: घर पर बनाएं यूपी का मशहूर स्वाद -
Father's Day Sanskrit Wishes: पिता स्वर्गः पिता धर्मः, फादर्स डे पर संस्कृत संदेशों से जताएं प्यार और सम्मान
World Water Day 2023: जानिए विश्व जल दिवस का इतिहास, महत्व और रोचक थीम
बचपन से हमे सिखाया गया है की "जल ही जीवन है" अगर पानी ना हो तो मनुष्य का जीवन खतरे में पड़ सकता है। मगर हम में से बहुत लोग इस बात को नहीं जानते की विश्व स्तर पर पानी की समस्यां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा यही हैं। ऐसे में हम सबको मिल कर इस गंभीर समस्यां पर ध्यान देने की जरुरत है। अगर समय रहते हम सबने इस गंभीर समस्यां पर ध्यान नहीं दिया तो वह दिन दूर नहीं जब पानी ना मात्र बचेगा।
जल न केवल मनुष्य और जीव-जंतुओं के लिए बल्कि खेती, घर का काम करना हो, नहाना कई अन्य जरूरतों को पूरा करता है। वहीं, दूसरी तरफ पानी के बिना जीवन की कल्पना मात्र से ही डर लगता है। पानी की समस्यां केवल भारत में नहीं है बल्कि यह विश्व स्तर की है। यही कारण है इस विकराल संकट को रोकने के लिए हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस (World Water Day 2023) मनाया जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं विश्व जल दिवस यानि वर्ल्ड वाटर डे कब मनाया जाता है, इस दिन का उदेश्य और साल 2023 में विश्व जल दिवस इस थीम के साथ सेलिब्रेट किया जा रहा है।

विश्व जल दिवस का महत्व
जिस तेज़ी से विश्व स्तर पर पानी की कमी हो रही हैं इस खतरे को कम करने के लिए हर साल अलग-अलग थीम के साथ विश्व जल दिवस मनाया जाता है। ऐसे में बहुत जरुरी है कि पानी बचाने के लिए हम अलग अलग तरीके अपनाएं और उन आर्गेनाइजेशन का साथ दें जो पानी बचाने के लिए नए नए तरीकों पर काम कर रही है। अगर समय रहते इन बातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वो दिन दूर नहीं जब पूरी दुनिया जल के संकट से जूझती हुई नजर आएगी। इसलिए लोगों में जागरूकता फैलाने के महत्व से ये दिन मनाया जाता है।
जल दिवस का उदेश्य
विश्व जल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य हैं की विश्व के सभी देशों में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल की व्यवस्था करवाना और जल संरक्षण के महत्व पर ध्यान केंद्रित करना।
विश्व जल दिवस का इतिहास
ब्राजील में रियो डी जेनेरियो में साल 1992 में आयोजित पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विश्व जल दिवस मनाने की पहल की गई और साल1993 में संयुक्त राष्ट्र ने अपने सामान्य सभा के द्वारा निर्णय लेकर इस दिन को वार्षिक कार्यक्रम के रूप में मनाने की घोषणा की।
विश्व जल दिवस की थीम
1. वर्ष 2016 के विश्व जल दिवस का थीम "जल और नौकरियाँ" था
2. वर्ष 2015 के विश्व जल दिवस का थीम "जल और दीर्घकालिक विकास" था
3. वर्ष 2014 के विश्व जल दिवस का थीम "जल और ऊर्जा" थाl
4. वर्ष 2013 के विश्व जल दिवस का थीम "जल सहयोग" थाl
5. वर्ष 2012 के विश्व जल दिवस उत्सव का थीम "जल और खाद्य सुरक्षा" था
6. वर्ष 2017 के विश्व जल दिवस उत्सव का थीम "अपशिष्ट जल" था|
7. वर्ष 2018 के लिए विश्व जल दिवस का थीम "जल के लिए प्रकृति के आधार पर समाधान" था
8. वर्ष 2019 के लिए विश्व जल दिवस का थीम "किसी को पीछे नहीं छोड़ना" था
9. वर्ष 2020 के लिए विश्व जल दिवस का थीम है "जल और जलवायु परिवर्तन"[6]|
10. वर्ष 2021 के लिए विश्व जल दिवस का थीम है " पानी का महत्व " रखा गया है।
11. वर्ष 2022 के लिए विश्व जल दिवस का थीम है भूजल: अदृश्य को दृश्यमान बनाना' रखा गया है।
12. वर्ष 2023 के लिए विश्व जल दिवस का थीम है अक्सेलरेटिंग चेंज (Accelerating Change) यानी 'परिवर्तन में तेजी' रखी गयी है।
विश्व जल दिवस से जुड़ें कुछ रोचक तथ्य
1. विश्व जल दिवस विश्व स्तर पर सेलिब्रेट किया जाता है, जिससे लोगो को पानी की कमी के प्रति जागरूक किया जा सकें । इस दिन को सभी जगह अलग अलग तरीकों से सेलिब्रेट किया जाता है।
2. हम में से बहुत से लोग यह नहीं जानते की पृथ्वी का करीब तीन चौथाई हिस्सा पानी से भरा है, लेकिन धरती पर मौजूद पानी के विशाल स्त्रोत में से महज एक- डेढ़ फीसदी पानी ही पीने और दैनिक क्रियाकलापों योग्य है।
3. पूरी दुनियाभर में इस समय करीब दो अरब लोग ऐसे हैं, जिन्हें स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है जिससे लाखों लोगों की बीमार होकर असमय मृत्यु हो जाती है। ऐसे में स्वच्छ पानी की कमी को दूर करना भी जरुरी हैं।
4. अगर आज की बात करें तो पृथ्वी पर उपलब्ध पानी की कुल मात्रा में से मात्र तीन प्रतिशत पानी ही स्वच्छ बचा है, जो एक गंभीर विषय है और उसमें से भी करीब दो प्रतिशत पानी पहाड़ों व ध्रुवों पर बर्फ के रूप में जमा है, बचे एक प्रतिशत पानी का इस्तेमाल पेयजल, सिंचाई, कृषि और उद्योगों के लिए किया जाता है। ऐसी परिस्थतियाँ हमे हर साल विश्व जल दिवस मानाने के लिए मजबूर करती है
5. साल 1993 में पहली बार जल दिवस मनाया गया था और तबसे अब तक पानी की इस समस्यां पर UN सहित कई आर्गेनाइजेशनzकाम कर रही है



Click it and Unblock the Notifications