जब भी हम सेक्‍स करने की कोशिश करते थे.. अचानक से उसके रोने की आवाज शुरु हो जाती..

By Lekhaka

प्रेग्‍नेंसी के पहले 6 महीनों के दौरान ऐसा लगता है जैसे कि आप इस दुनिया की सबसे भाग्‍यशाली पत्‍नी हैं। इस दौरान हार्मोंस में कई तरह के बदलाव आते हैं और आपका मन सेक्‍स करने का भी करता है और भूख भी बढ़ जाती है लेकिन सातवां महीने लगते ही अचानक से आपका सेक्‍स से मन हटने लगता है।

इस दौरान बूब्‍स थोड़े भारी हो जाते हैं। आप अपने पति से कुछ समय के लिए दूरी बनाने के लिए कहती हैं, यहां तक कि आपको उनका टच भी नापसंद करने लगती हैं।

जब तक बच्‍चा नहीं आ जाता तब तक आपका मन बिलकुल भी सेक्‍स करने का नहीं करता और कुछ ऐसा ही होता है प्रेग्‍नेंसी का समय जब आप कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुज़र रही होती हैं।

 पूरी रुटीन ही बदल गई..

पूरी रुटीन ही बदल गई..

एक बार बच्‍चा होने के बाद आप दोबारा से अपने बारे में सोचने लगती हैं। बच्‍चा होने के बाद आप फिर से अपने प्‍यार को जगा सकते हैं। पहले 1.5 महीनों में टांकों को भरने में और बच्‍चे को रूटीन में आने में समय लगता है। रातभर बच्‍चे के जागने की वजह से आपकी नींद कम होने लगती है। बच्‍चे को इस समय सिर्फ आपकी जरूरत होती है।

बच्‍चे के एक से डेढ़ महीने का होने के बाद आप फिर से अपने प्‍यार के सपने संजोने लगती हैं लेकिन कई बार ये सब बस सपनों में ही होता है। बहुत कम ही ऐसे बच्‍चे होते हैं जो रातभर सोते रहते हैं वरना तो सभी को रात को जागने और दिन में सोने की आदत होती है।

 लोगों की नसीहतें...

लोगों की नसीहतें...

रात को बच्‍चे के साथ जागना वाकई बहुत मुश्किल होता है जबकि सभी के साथ-साथ आपके पति तक गहरी नींद में होते हैं और आप अपने बच्‍चे को गोद में लेकर उबासियां ले रही होती हैं। पति के साथ-साथ बाकी घरवाले भी बहुत सारी सलाह देते हैं कि बच्‍चे को नॉर्मल रूटीन में लाने के लिए ये करो, वो करो लेकिन ये इतना भी आसान नहीं है जितना उन्‍हें लगता है।

24 घंटे की नौकरी

24 घंटे की नौकरी

जब बच्‍चा पूरी रात सोना सीख जाता है तो मन को वाकई में खुशी होती है। अगर आप उसके साथ पूरा दिन खेलेंगीं तो वो थक कर रात को जरूर सो जाएगा। वहीं बच्‍चे को खाना खिलाना भी मेहनत का काम होता है, इसमें बस दूध पिलाना ही शामिल नहीं है। दूध पिलाने में ही 20 मिनट लग जाते हैं और फिर बच्‍चे को डकार लेने में 15 मिनट लगते हैं। इस पूरे काम में ही 35 मिनट लग जाते हैं और आपको ये काम हर 2 घंटे में करना पड़ता है। गुड लक..

खुद के लिए समय नहीं..

खुद के लिए समय नहीं..

इस सबके बाद जब खुद पर नज़र पड़ती है तो खुद को कितना गंदा महसूस होता है। फे‍शियल, मैनीक्‍योर, पैडीक्‍योर और वैक्यिंग वगैरह तो जैसे सपनों की बात लगने लगती है। ये सब ऐशो-आराम तो बस अमीर लोग करते हैं और आपके पास इतने पैसे कहां।

हमें पता नहीं होता लेकिन बच्‍चे सब कुछ समझ जाते हैं। जब आप उन्‍हें किस करते हैं तो उन्‍हें इसका अहसास हो जाता है और मम्‍मी या डैड की जगह ‘छुआएं' बोलना शुरु करते हैं।

सम्‍भलकर...

सम्‍भलकर...

किस्‍मत ने साथ दिया और आपका बच्‍चा समय पर सो गया और उस समय आपके पति भी घर पर हुए तो समझ लीजिए कि आज कुछ मस्‍ती करने का वक्‍त है। इससे पहले ये जरूर जान लें कि इसमें थोड़ा दर्द तो आपको सहना होगा।

वर्जिन सेक्‍स

वर्जिन सेक्‍स

बच्‍चे के जन्‍म के बाद पहली बार सेक्‍स करने में कोई मज़ा नहीं बल्कि दर्द होता है। आप खुदद को दोबारा वर्जिन मान सकती है। इसका पूरा क्रेडिट आप डॉक्‍टर को भी दे सकती हैं जिन्‍होंने टांके इस तरह से लगाए होते हैं कि आप दोबारा से वर्जिन बन जाती हैं। कभी मेरा मन किया कि मैं इस पर एक छोटा सा रिबन लगाकर अपने पति को एक गिफ्ट के तौर पर दे दूं। खैर, कम से कम अब बच्‍चा तो चैन से सो रहा है और आपको वो परेशान नहीं करेगा। चलिए इस बार ना सही तो अगली बार आपकी ये इच्‍छा भी पूरी हो जाएगी लेकिन इसके लिए आपको बहुत इंतज़ार भी करना पड़ेगा।

बच्‍चा ही पहली प्राथमिकता

बच्‍चा ही पहली प्राथमिकता

कभी ऐसा वक्‍त भी आता है जब आप एक मेहनती स्‍त्री बन जाती हैं जो किसी मिशन पर हो। मिशन अपने बच्‍चे को संभालने का। हर वक्‍त बच्‍चे का रोना सुनते ही अपना हर काम छोड़कर उसकी तरफ दौड़ना कोई आसान बात नहीं है।

जैसे ही आप अपने पति के करीब जाने की कोशिश करती हैं वैसे ही बच्‍चे की छुआएं सुनकर बना बनाया मूड भी ठंडा हो जाता है। रही बात पति की तो अभी भी मुझे उम्‍मीद है कि हमें फिर से पहले की तरह वक्‍त मिल पाएगा।

PS:

PS:

मेरे जिन दोस्‍तों के बच्‍चे हैं उन्‍होंने मुझे बताया कि बच्‍चा होने के बाद महीने तक आप सेक्‍स के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। बच्‍चे के 4 महीने के होने के बाद वो सैरेलैक आदि खाना शुरु कर देता है और इस वजह से उसका छोटा सा पेट लंबे समय तक भरा रहता है। शायद तब सेक्‍स का मौका मिल जाए। बच्‍चा पैदा करने सच में किसी रोलर कोस्‍टर राइड से कम नहीं है और ये आपकी जिंदगी और सोच को पूरी तरह से बदल कर रख देता है। इसके बाद आप दूसरों के प्रति ज्‍यादा संवेदनशील हो जाते हैं। ये सच में खूबसूरत अहसास है।

नोट : इस कहानी को जरूर शेयर करें क्‍योंकि कहीं ना कहीं हर कपल की जिंदगी में ऐसा पल जरूर आया होगा।

Story first published: Friday, March 2, 2018, 17:00 [IST]
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