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बच्चें को बुखार आने पर ओवर प्रोटेक्टिव न बनें, इन गलतियों को करने से बचें
शिशुओं में बुखार आना सामान्य सी बात है। शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है इसलिए वो जल्दी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। शिशु को बुखार आते है ओवर प्रोटेक्टिव पैरेंट्स कई बार अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं, परिणाम स्वरुप बच्चों का बुखार बिगड़ सकता है।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि बच्चों को बुखार आने पर क्या 5 वो चीजें नहीं करनी चाहिए, जो हमें ठीक लगती हैं। बुखार आने पर सबसे पहले अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

1. दवा देने में जल्दी न करें
जब भी बच्चें को बुखार आए तो इस बात का ध्यान रखें कि बुखार ज्यादा है या कम। अगर बच्चा बुखार की स्थिति में भी आसानी खेल रहा है और प्रतिक्रिया दे रहा है तो दवा देने में जल्दबाजी न करें।
दूसरी ओर, यदि बच्चा बुखार से परेशान है, तो केवल एक प्रकार की बुखार की दवा दे, दवाई बार-बार न बदले। दवाई और खुराक के बीच के अंतराल को समझे। अगर बुखार को 72 घंटों से अधिक समय हो चुका है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करे।
2. अपने बच्चे को पर्याप्त हाइड्रेट नहीं करना
अगर आपके बच्चें को बुखार है, तो समय-समय पर उसे हाइड्रेट करते रहें। खासकर यदि आपका बच्चा बहुत छोटा है, तो आप उसके इशारे समझे और समयानुसार उसे पानी पिलाते रहें।
3. कमरे का तापमान पर ध्यान दें
बुखार आने पर जरुरी होता है कि कमरे का तापमान स्थिर रहे और 18-20 डिग्री सेल्सियस की सीमा के भीतर रहे। इससे बच्चा बेहतर महसूस करेगा। हवा बहुत नम या बहुत शुष्क नहीं होनी चाहिए। कमरे में आवश्यक वेंटिलेशन बनाए रखें। और यदि आवश्यक हो तो ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
4. ओवरकवरिंग न करें
बुखार होने पर अपने बच्चे को ज्यादा न ढकें। उसके ऊपर ज्यादा कपड़ों की लेयर भी न रखें। बस हल्के कपड़े से कवर करके रखें। उसके शरीर का तापमान कम हो जाता है। लेकिन इसका कतई ये मतलब नहीं है उसके पूरे कपड़े ही उतार दें, क्योंकि उसे ठंड लग सकती है और वह कांपने लग सकता है।
5. अपने बच्चे को गर्म पानी से नहलाएं
ये बहुत ही बहुत महत्वपूर्ण बात है कि अपने बच्चे को बहुत ताजे पानी में नहलाना उसके तापमान को महत्वपूर्ण रूप से कम नहीं करता है। ज्यादा ठंडे पानी से नहलाने से वो परेशान हो सकता है, इसी तरह बर्फ की सिंकाई भी नहीं करनी चाहिए। सावधान रहें, तेज बुखार में बच्चों को नहलाने से दौरे पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।



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