Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं
प्रेग्नेंसी में केसर के सेवन से बच्चा गोरा होता है, जानें प्रेग्नेंसी से जुड़े ऐसे ही 5 मिथक और उनकी सच्चाई
Myths and facts related to pregnancy: जब एक महिला पहली बार गर्भवती होती है, तो उसके आसपास इतने लोग सलाह देने वाले होते है जिसकी वजह से महिला के मन में कई गलतफहमियां भी बस जाती है। गर्भावस्था को लेकर ऐसे कई सारे मिथक है, जो सालों से चलते आ रहे हैं।
ये ही एक वो वजह है कि गर्भावस्था के दौरान माएं सबकी बात मानने लग जाती हैं। हम आपको कुछ ऐसे ही प्रेग्नेंसी से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई बता रहे हैं।

मिथक : गर्भवती महिला को पूरे समय सिर्फ आराम करना चाहिए?
फैक्ट: ये भी एक मिथक है। अगर प्रेग्नेंसी में कोई कॉम्प्लिकेशन है और डॉक्टर ने बेड-रेस्ट करने को कहा है तो ठीक है वरना एक गर्भवती महिला को सामान्य दिनचर्या अपनानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह अनुसार एक्टिव रहना चाहिए। ये बच्चे के जन्म को आसान बनाता है और महिलाओं में वजन को अधिक बढ़ने से भी रोकता है।
मिथक : आयरन टेबलेट से होने वाले बच्चे का रंग सांवला हो जाएगा?
फैक्ट: गांवों में ये मिथक बहुत प्रचलित होते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि गर्भवती महिला में अगर खून की कमी होगी तो जच्चा-बच्चा दोनों को खतरा है। आयरन टेबलेट का बच्चे के रंग से कोई लेना-देना नहीं है।
मिथक : अल्ट्रासाउंड- होने वाले बच्चे के लिए सुरक्षित नहीं?
फैक्ट: ये एक बहुत बड़ा भ्रम है । कई बार गर्भ में पल रहे बच्चे में विकसित किसी विकृति या प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन के बारे में अल्ट्रासाउंड के जरिए ही पता चलता है जिसे समय रहते ठीक किया जा सकता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह अनुसार समय-समय पर अल्ट्रासाउंड कराना बेहद जरूरी है।
मिथक : गर्भवती महिला को दो लोगों के हिसाब से डाइट लेनी चाहिए-
फैक्ट: संतुलित और पौष्टिक आहार बहुत जरूरी है लेकिन दो लोगों के हिसाब से खाना यानी अधिक कैलोरी लेना। ये महिला के वजन को बेतहाशा बढ़ाएगा जो जच्चा-बच्चा दोनों के लिए ही खतरनाक हो सकता है।
मिथक : केसर का सेवन करने से बच्चा गोरा होता है-
फैक्ट : बच्चे का रंग जीन्स से निर्धारित होता है और इसके अलावा किसी भी चीज से रंग तय नहीं किया जा सकता है। कई लोग गर्भवती महिलाओं को केसर के सेवन की सलाह देते हैं ताकि बच्चा गोरा पैदा हो। हालांकि, यह केवल एक मिथक है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
मिथक : गर्भवती को ज्यादा बाहर नहीं जाना चाहिए-
फैक्ट: ये भी मिथक है। जब तक डॉक्टर ने मना न किया हो, आप सामान्य रूप से अपनी जिंदगी जिए। जितना एक्टिव रहेंगी उतना अच्छा होगा।
मिथक ग्रहण के दौरान महिलाओं को कोई काम नहीं करना चाहिए?
फैक्ट: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि अगर ग्रहण के संपर्क में बच्चा आया तो वह किसी विकलांगता के साथ पैदा होगा। ग्रहण एक प्राकृतिक क्रिया है और इससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। ग्रहण को नंगी आंखों से ना देखें, यह सलाह केवल गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं बल्कि हर किसी पर लागू होती है।



Click it and Unblock the Notifications











