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नवजात को शोर मचाने वाले खिलौनों से रखें दूर

द डेली टेलीग्राफ के अनुसार केलीफोर्निया विश्वविद्यालय के एक नए अध्ययन में पाया गया कि अधिक आवाज वाले खिलौनों से शिशुओं के सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचता है। अपने अध्ययन के लिये अनुसंधानकर्ताओं ने दो दर्जन अलग अलग खिलौनों की आवाज के स्तर का परीक्षण किया और सबसे अधिक आवाज वाले दस खिलौनों को विशेष तौर पर बनायी गयी प्रयोगशाला में परखा।
सभी दस खिलौनों की आवाज 90 डेसीबल को पार कर गई और कुछ की आवाज तो 100 अथवा उससे अधिक डेसीबल के बराबर थी जो एक भूमिगत टेन की आवाज के बराबर है। अध्ययन के अगुआ हामिद दालिजिअन ने कहा कि समस्या पैदा हो सकती है अगर कोई अधिक आवाज करने वाला खिलौना बच्चे के कान के काफी करीब लाया जाए।
बच्चे अधिक आवाज के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश शोर से श्रवण शक्ति को स्थायी नुकसान होता है और इस वक्त इसका कोई इलाज नहीं है। उनका सुझाव है कि शिशु को देने से पहले ऐसे खिलौनों की आवाज को किसी युवक को सुनना चाहिये और अगर उसे वह अधिक लगे तो समझ लेना चाहिये कि शिशु को वह कितना अधिक सुनायी देगा।



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