Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
रोता हुआ बच्चा शांत हो जाएगा अगर उसके पैरों पर दबाएंगे ये 2 पॉइंट्स
आपके बच्चे के पैरों पर कुछ ऐसे पॉइंट्स होते हैं जिन्हें दबाकर आप अपने बच्चे का रोना बंद कर सकते हैं।
यदि आप नए नए माता पिता बने हैं तो रोते हुए बच्चे को चुप करवाते हुए आप रात में जागने और थका देने वाली रातों से गुज़र रहे होंगे, सही है न? खैर, आपके बच्चे के पैरों पर कुछ ऐसे पॉइंट्स होते हैं जिन्हें दबाकर आप अपने बच्चे का रोना बंद कर सकते हैं।
अब आपको आश्चर्य होगा कि किस प्रकार आप अपने बच्चे के पैरों पर कुछ पॉइंट्स को दबाकर उन्हें शांत करवा सकते हैं और उनका रोना बंद करवा सकते हैं।
वास्तव में आप शंका कर रहे होंगे कि क्या यह तरीका वास्तव में काम करता है अथवा नहीं, है न? खैर इसे रिफ्लेक्सोलॉजी कहा जाता है जो हीलिंग की एक प्राचीन पद्धति है जिसका उपयोग कई वर्षों से किया जा रहा है।
इसका प्रारंभ चाइनीज़ लोगों ने किया था। रिफलेक्सोलॉजी में कुछ शरीर के पॉइंट्स पर प्रेशर दिया जाता और उन्हें दबाया जाता है ताकि कुछ लक्षणों और बीमारियों को दूर किया जा सके।
जब कुछ पॉइंट्स को नियमित तौर पर दबाया जाता है तब शरीर में सकारात्मक परिवर्तन होते हैं और इस प्रकार तकलीफ कम होती है। तो यदि आप अपने बच्चे का रोना बंद करवाना चाहते हैं तो उसके पैरों पर दो पॉइंट्स को दबाएँ।

बच्चे क्यों रोते हैं?
जैसा कि हम जानते हैं कि जब बच्चे छोटे होते हैं कम से कम तब तक जब तक वे बोलने नहीं लगते, तब तक वे अपने माता पिता से बात नहीं कर पाते और उन्हें यह नहीं बता पाते कि उन्हें किस प्रकार का दर्द और असुविधा महसूस हो रही है। जब बच्चे भूखे, थके हुए, बीमार हों या उन्हें साफ़ करने की आवश्यकता हो तब रोते हैं। शुरू शुरू में माता पिता को यह पता लगाना बहुत कठिन हो जाता है कि बच्चे के साथ क्या गलत हो रहा है और वह क्यों लगातार रो रहा है।

सामान्यत: जब बच्चे को कुछ ऐसी तकलीफ होती है जो माता पिता को दिखाई नहीं देती जैसे सिरदर्द, पेट दर्द, जी मचलाना आदि तब वे रोने लगते हैं और माता पिता इसे समझ नहीं पाते।
रिफ्लेक्सोलॉजी किस प्रकार सहायक है?
यदि आपका बच्चा लगातार या एक घंटे से रो रहा है तो हो सकता है कि गैस्ट्रिटिस के कारण उसके पेट में दर्द हो या सर्दी या सायनस के कारण उसके सर में दर्द हो।

अपने बच्चे के पैरों की उँगलियों को धीरे धीरे दबाकर (प्रत्येक उंगली लगभग 3 मिनिट) आप उसके सर दर्द को कम कर सकते हैं। उसी प्रकार बच्चे के पैर के मध्य भाग के ठीक नीचे दबाने से बच्चे को गैस के कारण होने वाले दर्द से आराम मिलता है। जब दर्द कम हो जाता है तो बच्चे को आराम मिलता है और उसका रोना बंद हो जाता है। हालाँकि यदि फिर भी समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications