Inflammatory Bowel Disease से निजात पाने के लिए करें ये 5 योगासन, पाचन संबंधी समस्याओं से जल्द मिलेगी राहत

Yoga For Irritable Bowel Disease: इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज या आईबीडी (IBD) पाचन और आंतों से संबंधित एक गंभीर बीमारी है। आईबीडी में पाचन तंत्र के टिश्यूज में सूजन हो जाती है, जिसके कारण मरीज को पेट में दर्द, सूजन, गैस, कब्ज और डायरिया जैसी समस्याओं का सामना पड़ सकता है। आईबीडी को एक क्रॉनिक डिजीज माना जाता है, यानी यह लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है। आईबीडी कोई जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने के कारण व्यक्ति की आंत खराब भी हो सकती है। आईबीडी का कोई इलाज नहीं है, इसलिए इसे मैनेज कैसे करना जरूरी है। इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक बनाने के लिए हर साल 19 मई को वर्ल्ड आईबीडी डे (World IBD Day 2026) मनाया जाता है। आईबीडी से राहत पाने के लिए नियमित योगाभ्यास काफी लाभकारी हो सकता है। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज से छुटकारा दिला सकते हैं -

Irritable Bowel Disease Yoga

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

बालासन

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।
अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।
फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।
इस स्थिति में कुछ सेकंड तक बने रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

मार्जरी आसन

इस योगासन को करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर आगे की ओर रखें।
अपने दोनों हाथों पर भार डालते हुए, अपने हिप्स को ऊपर उठाएं।
अपनी जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके पैर के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएं।
अब सांस भरते हुए, अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
अपनी नाभि को नीचे से ऊपर की तरफ धकेलें और टेलबोन को ऊपर उठाएं।
अब अपनी सांस को बाहर छोड़ते हुए, अपने सिर को नीचे की ओर झुकाएं और मुंह की ठुड्डी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें।
इस स्थिति में अपने घुटनों के बीच की दूरी को देखें।
अब फिर से अपने सिर को पीछे की ओर करें।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

पवनमुक्तासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को एक साथ उठाएं और पैरों को घुटनों से मोड़ें।
अब अपने घुटनों को मुंह के पास लाने की कोशिश करें।
इस दौरान आपको अपने दोनों हाथों से पैरों को पकड़ना है।
ऐसा करते समय अपने घुटनों से नाक को छूने की कोशिश करें।
करीब 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
10 से 15 बार इस योग को दोहराएं।

धनुरासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपने दोनों हाथों को सीधा रखें।
अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें।
अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं।
अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें।
अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं।
फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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