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बच्चे को जुकाम होने पर क्या करें?
छोटे बच्चों को सर्दी-जुखाम होने पर आप कुछ घरेलू उपचार आजमा सकती हैं। यह उपचार उनके काफी काम आएगा और इससे बच्चे को राहत की सांस मिलेगी।
सर्दी या जुकाम बच्चों को होने वाली एक आम बीमारी है। क्योंकि उनमें प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, मौसम में थोडा सा बदलाव उन्हें बीमारी की चपेट में ला सकता है।
खासकर नवजात शिशुओं को, जिनका हाल ही में बाहरी मौसम से परिचय हुआ होता है। क्योंकि नवजात शिशु केवल नाक से सांस ले सकते हैं सर्दी के कारण उनकी सेहत बिगड सकती है।
इनकी कम आयु के कारण हम किसी भी तरह का प्रयोग नहीं कर सकते। ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। परंतु यदि आपके बच्चे को कभी जुकाम हो जाए और उसकी तबीयत बिगड जाए तो आप क्या करेंगे?
यहां इस बीमारी से निपटने के लिए कुछ तरीके दिए गए हैं, हालांकि गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा। फिर भी आप चाहे तो इन घरेलू उपचारों पर एक नज़र डाल सकते हैं।
शिशुओं के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ आहार

1 नमक का पानी
बंद नाक के कारण बच्चे को सांस लेने में परेशानी होती है, इस वजह से बच्चा ना तो ठीक से खाता है ना सोता है। ऐसी स्थिति में उसे नमक के पानी का सेवन कराएं। यह पानी बलगम से छुटकारा दिलाएगा। इसे दिन में दो से तीन बार पिलाएं। शिशुओं का बंद नाक साफ करने के लिए सक्शन बल्ब का इस्तेमाल किया जाता है परंतु यह प्रक्रिया ड़ॉक्टर द्वारा की जाए तो बेहतर है। नवजातों में पीलिया होने का कारण और बचाव

2 तरल पदार्थ का अधिक सेवन कराएं
सर्दी से छुटकारा दिलाने के लिए अपने बच्चों को पानी, जूस, गर्म दूध, सूप व चॉकलेट जैसे तरल पदार्थों का सेवन कराएं। ये पदार्थ बलगम से छुटकारा दिलाते हैं साथ ही गले में होने वाली खराश से भी निजात दिलाते हैं। 6 माह से कम उम्र वाले बच्चों को केवल फ़़र्मूला मिल्क या स्तनपान कराएं। आप चाहे तो दूध की मात्रा बढा सकते हैं।

3 शहद चखाएँ
बच्चों को जुकाम से निजात दिलाने में शहद काफी कारगर साबित होता है। आप चाहे तो गर्म पानी में तुलसी के कुछ पत्तों को उबाल कर उसमें शहद मिलाकर भी पिला सकते हैं। एक साल से कम आयु वाले बच्चों को शहद ना चखाएं क्योंकि उनका पाचन तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता, अतः शहद चखाने पर उन्हें बोटुलिज़्म हो सकता है।

4 बच्चे के सर के नीचे तकिया रखें
जिस तरह सर के नीचे तकिया रख कर सोने से हमें सांस लेने में आसानी होती है कुछ ऐसी ही राहत बच्चों को जुकाम से मिलती है। आप चाहे तो अपने बच्चे के लिए एक छोटा सा तकिया खरीद सकते हैं या एक तौलिए को मलोड कर उसे शिशु के सर के नीचे रख सकते हैं। यह उपाय शिशु को बंद नाक से राहत दिलाएगा।

5 कमरे को नम रखें
नमी बंद नाक को खोलती है। इसके लिए आप एक युमिडिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। डिवाइस को साफ करें।

6 यदि बुखार हो...
यदि आपके शिशु को बुखार है तो डॉक्टर से तुरंद संपर्क करें। 6 माह से अधिक आयु वाले शिशुओं को एसिटामिनोफेन एवं इबुप्रोफेन जैसी दवाएं दी जा सकती हैं। परंतु बिना ड़ॉक्टर की सलाह के इन्हें देना उचित नहीं होगा। दवा अधिक मात्रा में ना दें तथा दवा से होने वाली एलर्जी पर भी ध्यान दें।

7 नरम व तरल खाद्य पदार्थ
सर्दी के कारण गले में दर्द उठना भी लज़मी है, जिसके कारण बच्चे खाना खा नहीं पाते। ऐसी पीडादायक स्थिति में उन्हें कुछ नरम या तरल पदार्थ जैसी चीजों को खाने के लिए दें। सूप व पुडिंग जैसी चीजों के सेवन से उन्हें राहत मिल सकती है। परंतु छह माह से कम उम्र वाले बच्चों को ऐसी चीजों का सेवन ना कराएं।



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