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छोटे बच्चों को ना खिलाएं शक्कर वरना हो सकती हैं ये परेशानियां
हर पैरेंट अपने बेबी को एक हेल्दी डाइट खिलाना चाहता है, जिसमें विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में भरे हों। लेकिन नमक और शक्कर दो ऐसी चीज़ें हैं, जो बेबी के पहले जन्मदिन तक उसको नहीं खिलानी चाहिये।
हांलाकि, ऐसे फल जिन्में प्राकृतिक रूप से मिठास होती है, वो आप बच्चे को खिला सकती हैं। अगर बेबी को शुरुआत से ही शक्कर वाली चीजें खिलाना शुरु कर देंगी तो, उसे साग-सब्जियां, फल या खाली दूध कभी पसंद नहीं आएगा। निराशा की बात तो यह है कि बेबी के फॉर्मूला मिल्क में भी ढेर सारी शक्कर मौजूद होती है।

यदि बच्चे को बचपन से ही भारी मात्रा में शक्कर खिलाई गई तो, उसे बचपन का मोटापा और भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी अन्य चीज़ों का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिये पैरेंट्स को ये आदत खुद में डालनी चाहिये कि वह जब भी बच्चे के लिये कोई भी खाने की चीज़ें खरीदें, तो उसमें लगा हुआ फूड लेबल जरुर पढ़ लें।

आखिर क्यों नुकसानदायक है शक्कर
- सफेद शक्कर कुछ और नहीं बल्कि रिफाइंड शुगर होती है, जिसमें घातक कैमिकल मिले होते हैं, जो बच्चों के लिये नुकसानदायक है।
- सफेद शक्कर का ज्यादा सेवन करने से बच्चे की इम्यूनिटी कमजोर पड़ने लगती है, जिससे बच्चों को संक्रमण और अन्य बीमारियां घेरने लगती हैं।
- स्टडी में साफ बताया गया है कि जो माता-पिता बच्चों को मीठा खिलाने की आदत डालते हैं, उन बच्चों को आगे चल कर हार्ट की बीमारी का रिस्क रहता है।
- खाने में शक्कर मिला कर बच्चे को खिलाने से बच्चों के दांत शुरु से ही सड़ने लगते हैं।

कैसे कम करें शक्कर का उपयोग
- खाने के फूड लेवल जरुर पढ़ें
- डिब्बाबंद खाना ना खरीदें क्योंकि उसमें सबसे ज्यादा शक्कर होती है।
- शक्कर मिला जूस या अन्य पेय पदार्थ बच्चों को ना पिलाएं।
- बिस्कुट और कुकीज़ बच्चों को ना खिलाएं।
- बच्चों को पीने के लिये सादा दूध दें।
- खीर, मिल्कशेक या दही आदि में फलों का गूदा मिलाएं, इससे मिठास आएगी।
- जैम, जैली, टॉफी, सॉस, सीरप या सॉफ्ट ड्रिंक ना पिलाएं।



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