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जब दुधमुंहे बच्चें को हो सांस लेने में दिक्कत? तो अपनाएं ये घरेलू उपाय
बहुत से न्यूबोर्न बेबी को मौसमी दिक्कत या मां की कोख से निकलकर नए वातावरण में कुछ परेशानियों के चलते सांस लेने में तकलीफ होती है। हालांकि ये समस्या से हर न्यू बोर्न बेबी को आमतौर पर होती है लेकिन अगर ऐसे लक्षण आपको अपने बच्चें में दिखाई दे तो इसे इग्नोर न करें।
बच्चों में सांस लेने में परेशानी होने का मुख्य कारण सर्दी-जुकाम, अस्थमा या सांस लेने की नली में इंफेक्शन हो सकता है। अगर आपका नवजात शिशु सांस लेने के समय आवाजें करता है तो आपको उस ध्वनि को नोटिस करना चाहिए। इसी से आप बच्चे की श्वसन नली में आने वाली रूकावट संबंधी समस्याओं के बारे में पता लगा सकती है। अगर आपका बच्चा भी सांस लेने की समस्या से जूझ रहा है तो घबराए नहीं और कुछ खास बातों का ख्याल रखें और नीचे दिये गए तरीके आजमाएं। आइए जानते है कुछ घरेलू उपाय।

पानी की कमी ना होने दें
बच्चे के शरीर में पानी की कमी होने से बच्चे में बलगम नहीं बनता जिससे बच्चे को सांस लेने में आसानी होती है। बलगम निकल जाने से रोगाणु भी बाहर निकल जाते हैं जो सांस की नली से इंफेक्शन को ठीक करने में मदद करता है। इसके लिए आप बच्चे को फलों का जूस, सब्जियों का सूप दे सकते हैं। शिशु को थोड़े थोड़े समय के अंतराल में कुछ न कुछ पानी या ज्यूस पीने को दें।
अदरक
अदरक बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। जिससे बच्चा जल्दी ठीक हो जाता है। एक साल के बच्चे को आप समान मात्रा में अदरक का रस, अनार का रस और शहद मिलाकर दें। एक चम्मच यह मिश्रण देने से बच्चे के श्वसन नली खोलने में मदद करता है जिससे शिशु को सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
शहद
शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण, बच्चों के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करके समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। 2 चम्मच शहद में 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर देने से सांस की समस्या में बच्चे को बहुत जल्दी आराम मिलता है। साथ ही आप बच्चे को दूध में शहद डालकर दे सकते हैं।
हल्दी
हल्दी में एंटी इंफ्लेमैटॉरी गुण होते हैं जो सांस लेने वाली नली में आई सूजन को कम करता है, जिससे बच्चा आसानी से सांस ले सकता है। रोजाना सोने से पहले बच्चें को सोने से पहले दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर बच्चें को पिला दें। इससे बच्चें को राहत मिलेगी और वो आसानी से खुलकर सांस लेकर सो सकता है।
धूप भी दिखाएं
बच्चे के श्वसन नली में इंफेक्शन के कारण सांस लेने में परेशानी होती है। श्वसन नली में इंफेक्शन विटामिन डी की कमी के कारण भी हो सकता है। सूरज की रोशनी से विटामिन डी मिलता है। रोज सुबह 20 मिनट बच्चे को सूरज की रोशनी में ले जाएं। इससे विटामिन डी की कमी पूरी होती है।
डॉक्टर को दिखाएं
अगर बच्चे को सांस लेने में बहुत जोर लगाना पड़ रहा है या फिर खांसी-जुकाम हो तो ऐसे में चिकित्त्सक से सलाह लेनी चाहिए।बच्चे के फेफड़ों में कोई समस्या होने के कारण वह जल्दी-जल्दीं सांस ले रहा हो तो ऐसी स्थिति में बच्चे का पूरा उपचार करवाना चाहिए।



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