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बच्चों की चिपकी जीभ के बारे में जानें ये बातें
अपने बच्चे को स्तनपान कराना एक माँ के लिए सबसे सुखद एहसास होता है। हालांकि कई बार माँ के लिए ये थोड़ा मुश्किल हो जाता है और इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे माँ के स्तन में पर्याप्त मात्रा में दूध न होना या फिर स्वयं बच्चे को दूध पीने में किसी प्रकार की परेशानी। चूंकि बच्चे को सही मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता इसलिए इसका सीधा प्रभाव उसकी सेहत पर पड़ता है।
आज इस लेख में हम स्तनपान से जुड़ी कुछ समस्याओं के बारे में बात करेंगे, साथ ही आपको यह भी बताएंगे कि इस तरह की परेशानी से कैसे निपटा जाए। जी हाँ, हम बात करेंगे एन्कायलोग्लोसिया या टंग टाईड (चिपकी जीभ) के बारे में।
टंग टाई क्या है?
टंग टाई कितना आम है?
टंग टाई के बारे में कैसे पता लगाएं?
टंग-टाईड बच्चे को स्तनपान कराने में मुश्किलें
टंग-टाई का इलाज

टंग टाई क्या है?
टंग टाई (चिपकी जीभ) वह स्थिति है जिसे एन्कायलोग्लोसिया (ankyloglossia) कहते हैं। यह वह विकृति है जो बच्चे के जन्म के तुरंत बाद पहचान लिया जाता है। ख़ास तौर पर यह उन बच्चों में ज़्यादा पाया जाता है जिनका जन्म समय से पहले हो जाता है। हालांकि, यह रोग समय के साथ धीरे धीरे ठीक हो जाता है लेकिन बच्चे के जन्म के बाद शुरूआती दिनों में उसे काफी कठिनाई होती है और स्तनपान भी काफी दर्दनाक हो जाता है। हर व्यक्ति के मुंह में चमड़े का एक टुकड़ा होता है जो जीभ को मुँह के निचले हिस्से से जोड़ता है। ऐसा सभी के साथ होता है चाहे वह नवजात शिशु हो या फिर कोई 80 साल का बुजुर्ग व्यक्ति। इस चमड़े के टुकड़े को फ्रेनुलूम कहते हैं।
अब अगर यह ज़्यादा छोटा या फिर ज़्यादा टाइट रहेगा तो बच्चा पूरी तरीके से अपना मुँह नहीं खोल पाएगा जिससे लेक्टेशन में बाधा आएगी। इस स्थिति को टंग-टाई कहते हैं। यह बात समझना बेहद ज़रूरी है कि आज कल मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की कर ली है और इसकी मदद से टंग-टाई का उपचार आसानी से किया जा सकता है।

टंग टाई कितना आम है?
इसके बावजूद कि आप टंग-टाई के बारे में ज़्यादा नहीं सुनते फिर भी यह बहुत ही आम समस्या है। भारतीय उपमहाद्वीप में हर वर्ष लगभग दस लाख से भी ज़्यादा टंग-टाई के मामले सामने आते हैं। आंकड़ों के मुताबिक करीब चार प्रतिशत बच्चे इस समस्या के साथ पैदा होते हैं। ख़ासतौर पर नर शिशुओं में यह समस्या ज़्यादा पायी जाती है। इसके कुछ मामले कुछ विशिष्ट प्रकार के अनुवांशिक कारकों से जुड़े हुए होते हैं।

टंग टाई के बारे में कैसे पता लगाएं?
बच्चे के जन्म के बाद शुरूआती दिनों में माता पिता के लिए टंग-टाई का पता लगाना बेहद मुश्किल होता है। पेरेंट्स की चिंता तब बढ़ती है जब सही तरीके से बच्चे का वज़न नहीं बढ़ता लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और बच्चा उन पोषक तत्वों से वंचित रह जाता है जो उसके आजीवन प्रतिरक्षा के लिए बहुत ही ज़रूरी होता है। इसलिए एक ज़िम्मेदार माता पिता होने के नाते आपके लिए यह ज़रूरी है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे अस्पताल से घर ले जाने से पहले आप उसकी अच्छी तरह जांच करवा लें।

टंग-टाईड बच्चे को स्तनपान कराने में मुश्किलें
यह एक शारीरिक समस्या है जिसमें बच्चे को जीभ उठाने में काफी कठिनाई होती है और वह ठीक से माँ का दूध नहीं पी पाता। इस समस्या के कारण स्तनपान में कई सारी मुश्किलें आती हैं जिनमें सबसे प्रमुख है बच्चे को पर्याप्त मात्रा में दूध का न मिल पाना। चूंकि बच्चों के लिए पोषण का ज़रिया केवल माँ का दूध ही होता है इसलिए ऐसी स्थिति में बच्चे का सही विकास नहीं हो पाता जिससे उनका वज़न भी नहीं बढ़ता और उनमें इम्युनिटी की भी कमी हो जाती है। कुछ अन्य समस्याएं जो टंग टाईड बच्चे की वजह से माँ को होती है - निप्पल को नुकसान, स्तनों में सूजन आदि। इस तरह की परेशानी माँ को इसलिए होती है क्योंकि उसके स्तन से दूध पूरी तरह से नहीं निकल पाता।

टंग-टाई का इलाज
टंग-टाईड का सर्जिकल इलाज है क्लिपिंग। हालांकि यह हर मामले में ज़रूरी नही हैं। परिस्थिति के अनुसार यह आपके डॉक्टर ही तय करेंगे। यदि आपके डॉक्टर क्लिपिंग की सलाह देते हैं तो बिना देर किए आपको फ़ौरन उनकी बात मान लेनी चाहिए क्योंकि आप जितनी देर करेंगे आपके बच्चे की परेशानी उतनी ही बढ़ेगी।
वहीं दूसरी ओर यदि आपके बच्चे को सर्जरी की ज़रुरत नहीं है तो आपके डॉक्टर टंग-टाई के कुछ व्यायाम बताएंगे। कई बार इस तरह के व्यायाम से ही इस समस्या का समाधान हो जाता है तो कुछ मामलों में डॉक्टर सर्जरी के बाद ऐसे व्यायाम की सलाह देते हैं। ऐसा इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि फ्रेनुलम दोबारा न जुड़ जाए।
ध्यान रहे इस तरह के व्यायाम आपके बच्चे के लिए थोड़े दर्दनाक हो सकते हैं लेकिन यह उनके ही भले की लिए होते हैं।
यह आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन एक अच्छे माता पिता की तरह आप अपनी ज़िम्मेदारी उठाएं और अपने बच्चे को यह व्यायाम करवाएं ताकि वह जल्द से जल्द ठीक हो सके।
बच्चों से जुड़ी इस समस्या के बारे में सारी जानकारी हासिल करने के बाद हम उम्मीद करते हैं कि आप यह समझ चुके होंगे कि हर परेशानी का हल होता है। माता पिता होने के नाते आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा और सही इलाज के ज़रिये आप अपने बच्चे को इससे छुटकारा दिला सकते हैं।



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