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बेबी को पाउडर मिल्क देने से पहले जान लें इसके फायदे व नुकसान
यूं तो एक बेबी को फीड करवाने के लिए ब्रेस्टमिल्क सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन इन दिनों मार्केट में बेबी पाउडर मिल्क भी मिलते हैं, जिन्हें बच्चे की अलग-अलग उम्र को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है। आजकल मॉम अपने बेबी को ब्रेस्टमिल्क के साथ-साथ इन पाउडर मिल्क को देना भी पसंद करती हैं। जो मदर अपने बेबी को बोतल से फीड करवाती हैं, वे अमूमन इस तरह के पाउडर मिल्क का ही इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, इन पाउडर मिल्क के अपने कई फायदे व नुकसान होते हैं। हो सकता है कि आप भी अभी-अभी मां बनी हों और अपने बेबी को इन पाउडर मिल्क को देने का मन बना रही हों। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इन पाउडर मिल्क के फायदों व नुकसान के बारे में बता रहे हैं-

पाउडर मिल्क के फायदे
पाउडर मिल्क बच्चे को देने से कई फायदे मिल सकते हैं। मसलन-
• कुछ महिलाओं के ब्रेस्ट में दूध अच्छी तरह नहीं बन पाता है। ऐसे में वे बेबी को भरपेट दूध नहीं पिला पाती हैं। ऐसे में पाउडर मिल्क बच्चे की जरूरतों को पूरा करने में मददगारर है।
• बेबी पाउडर मिल्क काफी अलग होता है और खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए बनाया जाता है। इसलिए, फार्मूला मिल्क उन सभी पोषक तत्वों से युक्त बनाया जाता है, जो नवजात शिशु को उसकी वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। ऐसे में बच्चे को पाउडर मिल्क से भी पर्याप्त पोषण मिल जाता है।
• आमतौर पर, यह माना जाता है कि मां के आधार का सीधा संबंध बेबी पर पड़ता है, क्योंकि वह ब्रेस्टफीड करता है। लेकिन पाउडर मिल्क देने पर बच्चे पर मां के आहार का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसे में मां कुछ भी खा सकती है।
• अगर मां वर्किंग है या फिर उसे कहीं बाहर जाना पड़ता है तो ऐसे में बेबी को ब्रेस्टफीड करवाने में समस्या आती है। ऐसे में पाउडर मिल्क का सेवन करवाना काफी अच्छा माना जाता है। घर से बाहर होने पर आप बेहद आसानी से बच्चे को फीड करवा सकती हैं।
• अधिकतर मां को ब्रेस्टफीड करवाते समय निप्पल में दर्द या निप्पल बाइट की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार तो बेबी को फीड करवाने के बाद भी काफी देर तक दर्द होता है। लेकिन पाउडर मिल्क देने से इस तरह की समस्या से भी राहत मिलती है।
• ऐसे मामलों में जहां एक शिशु किसी बीमारी से पीड़ित है और मां को फीडिंग पर नजर रखने की जरूरत होती है। लेकिन ब्रेस्टफीड करवाते समय वे इस चीज पर नजर नहीं रख पाती हैं। ऐसे में फॉर्मूला दूध इसमें काफी मददगार हो सकता है।
पाउडर मिल्क के नुकसान
जहां पाउडर मिल्क के कई फायदे हैं, वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं। मसलन-
• मां का दूध मुफ्त है, लेकिन बेबी के लिए आपको फार्मूला मिल्क बार-बार खरीदने की जरूरत होती है। मिल्क पाउडर खरीदने के साथ ही आपको दूध की बोतल और निपल्स पर भी खर्च करने की जरूरत होगी। फार्मूला मिल्क एक्सपायरी डेट के साथ आता है, इसलिए अगर इसकी डेट निकल जाती है तो आपको उसे फेंककर दूसरा पाउडर मिल्क खरीदना होगा।
• पाउडर मिल्क बनाते समय आपको अधिक समय व मेहनत खर्च करनी पड़ती है। पहले पानी को गर्म करना और पाउडर मिल्क को नापकर मिलाना व बच्चे को पिलाना एक लंबा प्रोसेस है। साथ ही साथ, हर बार फीड करवाने के बाद बोतलों और निपल्स को क्लीन व स्टरलाइज करने की आवश्यकता होती है। बेबी को पाउडर मिल्क देते समय आपको उसके तापमान पर भी नजर रखनी होती है, जबकि ब्रेस्टफीड के साथ ऐसा किसी भी तरह का कोई झंझट नहीं है।
• मां के दूध में कई प्रमुख घटक होते हैं जो फॉर्मूला दूध में नहीं हो सकते हैं। जबकि पाउडर दूध के अपने फायदे हो सकते हैं, लेकिन फिर भी आपका बेबी कुछ आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित ही रह जाएगा।
• मां का दूध बच्चे के लिए पचाने में बहुत आसान होता है। लेकिन जब बात फॉर्मूला मिल्क की होती है, तो बच्चे के लिए इसे पचाना काफी मुश्किल होता है। जिससे बेबी का पेट खराब हो सकता है या फिर उसे कब्ज और गैस जैसी परेशानी हो सकती है।
• ब्रेस्टफीड के दौरान मां और शिशु दोनों आपस में एक गहरी बॉन्डिंग शेयर करते हैं। यह एक मां के लिए बेहद ही खास अनुभव होता है। लेकिन जब आप पाउडर मिल्क बेबी को देती हैं तो आप दोनों ही उस अहसास से वंचित रह जाते हैं।



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