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बच्चों की परवरिश के दौरान माता पिता साल में करते हैं 221 गलतियां: अध्ययन
क्या आप भी परवरिश के दौरान ये गलतियां करते हैं?
"बच्चे को खाना देने का सही समय क्या है?"
"अगर बच्चा घर का कोई काम करता है तो क्या मुझे हर बार उसे चॉकलेट देनी चाहिए?"
"क्या मैं अपने बच्चे को यह खिलाने वाली थी?"
पेरेंट्स यदि आपको इन प्रश्नों से संबंधित कोई संशय है तो आप अकेले नहीं है। यह सूची और लंबी भी हो सकती है तथा माता पिता के मन में बच्चों के परवरिश से संबंधित कई प्रश्न हो सकते हैं। जो लोग पहली बार माता पिता बने हैं उनमें नकारात्मक चिंता उत्पन्न हो सकती है।

यदि आप दूसरी बार भी माता पिता बने हैं तो इस बात का कोई भरोसा नहीं है कि आपकी दूसरी राइड बिना हिचकोले खाए पूरी हो! इन गलतियों के कारण आप कभी कभी आश्चर्यचकित भी हो जाते हैं कि "क्या आप अकेले ही ऐसे हैं जो बच्चों की देखभाल की ऐबीसीडी भी नहीं जानते हैं?"

अपेक्षाएं और वास्तविकता
यदि आप भी खुद को ऐसी स्थिति से जुड़ा हुआ पाते हैं तो आपको बता दें कि पेरेंटिंग से संबंधित गड़बड़ियों से बचने का कोई रास्ता नहीं है। बच्चे के साथ कोई निर्देश पुस्तिका नहीं आती और कोई भी इसमें मूर्खतापूर्ण गलतियां कर सकता है।
हाल ही में किये गए एक सर्वे के अनुसार माता पिता एक साल में लगभग 221 गलतियां करते हैं। जी हां, आपने सही पढ़ा! बच्चों को संभालते समय पेरेंट्स कई गलतियां करते हैं। वास्तव में आंकड़ों से पता चलता है कि जब तक आपका बच्चा एक पूर्ण परिपक्व वयस्क नहीं बन जाता है तब तक एक सामान्य माता पिता लगभग 3978 गलतियां करते हैं। अगली बार गलती करने से पहले इन आंकड़ों के बारे में एक बार जरूर सोचें।

सर्वेक्षण
23 से 36 उम्र के अमेरिकी माता पिता पर पेरेंटिंग कारकों का सर्वेक्षण किया गया और इस पर उनके ज्ञान का आंकलन किया गया। सबसे आम गलतियों में स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताना, बच्चों के सामने अपवित्र शब्दों का इस्तेमाल करना या अपने पास उपलब्ध सामग्री समय दर समय नियमित न करना शामिल थी।
इस रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि दो वर्ष की उम्र अब लंबी और डरावनी रही। अधिकांश माता पिता ने बताया कि बच्चों को संभालना तब सबसे कठिन होता है जब उनकी उम्र 6-7 वर्ष की होती है। कई लोगों ने बताया कि 6-7 वर्ष के आयु समूह के उनके बच्चों का व्यवहार अधिक चिंता का विषय था। वास्तव में कुछ माता पिता बहुत से बलिदान करने के लिए भी तैयार थे ताकि उनके बच्चे अच्छा व्यवहार करें और दयालु बनें।

वे सलाह लेने के लिए किसके पास जाएं?
जब गलतियों को कवर करने और सलाह लेने की बात आती है तब माता पिता द्वारा अपनाये जाने वाले तरीकों में भी बहुत अंतर देखने मिलता है।
जहां 42% अपने साथी को बताने में आसानी महसूस करते हैं, 41% बताते हैं कि वे अपने माता पिता से बात करते हैं, 31% कहते हैं कि वे अपने हमउम्र माता पिता पर निर्भर रहते हैं। परन्तु आश्चर्यजनक रूप से उन सभी ने कहा कि समय समय पर इंटरनेट उन्हें उपयोगी पेरेंटिंग हैक्स और टिप्स सिखाने में सहायक होता है।

पहली बार माता पिता बनने वालों के लिए कठिनाई
पहली बार माता पिता बनने वाले लोग स्वीकार करते हैं कि उनसे गलतियां अधिक होती हैं क्योंकि उनके पास अनुभव की कमी होती है। केवल 2% लोग ही ऐसा मानते हैं कि वे बच्चे को संभालने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित और तैयार हैं जबकि अधिकांश लोग यह मानते हैं कि प्रशिक्षण, किताब, गाइड और तैयारियों के बावजूद भी वे बच्चों को संभालने के लिए तैयार नहीं थे।

मां को शर्मिंदा महसूस करने की आवश्यकता नहीं
यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण बात पर भी प्रकाश डालता है। गलती होने पर पिता की तुलना में माताएं स्वयं को अधिक दोषी और जिम्मेदार मानती हैं तथा उन्हें लगता है कि लोग उन्हें गलत समझेंगे और उन्हें शर्मिंदा होना पड़ेगा। नींद की कमी एक अन्य चीज है जिसके बारे में माता पिता को शर्मिंदा महसूस करने की आवश्यकता नहीं है।



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