Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
नैपी खरीदते हुए नहीं करें कॉम्प्रोमाइज, इन चीजों का रखें एक्स्ट्रा ख्याल
नए पैरेंट्स हमेशा अपने न्यू बोर्न और दूधमुंहे बच्चों को नैपी या डायपर पहनाकर रखते हैं क्योंकि छोटे बच्चें बहुत जल्दी-जल्दी डायपर गीला कर देते हैं। ऐसे में कई बार पैरेंट्स को इसे बदलने की जरुरत महसूस होती है। कई बार पैरेंट्स घर में भी बच्चों को डायपर पहना देते हैं। दिनभर नैपी पहने रहने की वजह से बच्चों को इससे रैशेज या ड्रायनेस की समस्या होने लगती है। छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम बहुत विकसित नहीं होता है और उनकी त्वचा भी बेहद कोमल होती है। ऐसे में उन्हें संक्रमण होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है इसलिए जरूरी है कि बच्चे का डायपर खरीदते समय आप इन बातों का खास ख्याल रखें:

डायपर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
डायपर का कपड़ा मुलायम हो ताकि बच्चों की त्वचा को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। कोशिश करें की डायपर लिनेन या कॉटन के कपड़े की हो। ताकि इसका कपड़ा मल-मूत्र सोखने की क्षमता अधिक व अच्छी होनी चाहिए। साथ ही उसमें गीलापन दिखाने के लिए वेटनेस इंडिकेटर हो। जिसमें नैपी पर एक रंगीन रेखा होती है, जो पीले से नीली हो जाती है, तो इसका अर्थ होता है कि नैपी गीला हो गया है और इसे बदलने की जरूरत है।

अगर रैशेज हो जाए तो क्या करें
अगर किसी बच्चे को ज्यादा डायपर पहनाने से त्वचा पर रैशेज हो जाते हैं और पैर और जांघों की त्वचा लाल पड़ जाती है तो तुरंत ही उस जगह पर ऐलोवेरा जेल लगाएं। साथ ही कुछ समय बच्चे को बिना नैपी के रहने दें और रैशेज वाली जगह पर बेबी क्रीम लगाएं।

क्यों पड़ जाते हैं रैशेज बच्चों को
ऐसा डायपर को लगातार पहनाने, त्वचा के रूखी हो जाने, नैपी के ठीक से न धोने या फिर साबुन के नैपी पर लगे रह जाने के कारण होता है।

ऐसे बचाएं नन्हें मुन्ने बच्चों को रैशेज से
बच्चे को गुनगुने व माइल्ड साबुन से नहलाएं। बच्चे को कॉटन के मुलायम तौलिये से साफ कर ही कपड़े व नैपी पहनाएं। गीले व गंदे नैपी को तुरंत ही साफ करें। रात में एक बार नैपी जरुर बदलें। दिन में 8 घंटे बच्चे को बिना नैपी के जरुर रहने दें, इससे उनकी त्वचा को हवा लग सकेगी। बच्चों के लिए हमेशा एयर टाइट प्लास्टिक कवर वाले नैपी ही इस्तेमाल करें। हर तीन से चार या ज्यादा से ज्यादा 6 घंटे बाद नैपी को जरूर बदल दें।



Click it and Unblock the Notifications











