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पेट की खराबी बना सकती है बांझ

अगर आप भी किसी गंभीर पाचन विकार से ग्रस्त हैं जैसे, बॉवेल सिंड्रोम या क्रोहंस सिंड्रोम आदि तो यह गर्भधारण के चांस को कम कर सकता है।
गैस्ट्रोइंटसटाइनल रोग गर्भधारण की समस्या कैसे पैदा करता है-
1. कुपोषण- शिशु पेट में नहीं पलता लेकिन वह आपके पेट में से पचे हुए भोजन में से पोषण प्राप्त करता है। अगर आपका पेट सही नहीं रहेगा तो वह अपना पूरा पोषण नहीं ले पाएगा।
2. हार्मोनल इम्बैलेंस- अगर आपका शरीर पूरा पोषण नहीं ले पाएगा तो इससे हार्मोन की सक्रियता में भी बाधा आएगी। विटामिन और मिनरल जैसे जरुरी तत्व ना मिला पाने की वजह से एंडोक्राइन ग्रंथी काम नहीं कर पाएगी जिस वजह से अनिश्चित महावारी की समस्या पैदा होगी और प्रेगनेंसी में पेरशानी होगी।
3. वेट लॉस- जब आपको पेट की गंभीर समस्या होगी तब आपका वेट भी गिरने लगेगा। जब आपको बॉडी मास इंडेक्स पूरी तरह से गिर जाएगा तब आपका मासिक भी पूरी तरह से रुक जाएगा क्योंकि आपका शरीर यह भार नहीं उठा पाएगा। और अगर आपका मासिक नहीं होगा तब आप कभी मां नहीं बन पाएंगी।
4. क्रोनिक एनीमिया- लो हीमाग्लोबिन की वजह से शरीर कमजोर हो जाता है तो ऐसे में आप स्वस्थ्य बच्चे को जन्म नहीं दे पाएंगी। साथ ही आपके पीरियड्स में भी कमी आ जाएगी जिससे बच्चे को जन्म देना मुशकिल हो जाएगा।
5. उदर की बीमारी, सीलियाक रोग- इस बीमारी में छोटी आंत को नुकसान पहुंचता है जिसमें वह खाये गए किसी भी आहार में से पोषक तत्व को सोख नहीं पाता। सीलियाक के लक्षणों में पेट के निचले भाग में हल्का दर्द होता है और बार-बार मल त्याग की इच्छा होती है। इस वजह से शरीर में पूरा पोषण नहीं मिल पाता है जिससे प्रेगनेंट होने का चांस कम हो जाता है।



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