क्‍यों नहीं करतीं महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों पर भरोसा?

जहां इमर्जेन्‍सी कान्ट्रसेप्टिव पिल्‍स यानी की गर्भनिरोधक गोलियों को लेने की बात आती है, तो वहीं पर कुछ महिलाओं की नाक-भौं सिकुड़ जाती है। वैसे तो कान्‍ट्रसेप्टिव पिल्‍स बनाई ही इसी लिये गईं थी कि अनचाहे गर्भ से छुटकारा मिल सके। लेकिन आज भी कई महिलाएं इन गोलियों पर आंख मूंद कर भरोसा करने के लिये तैयार नहीं हैं। आइये जानते हैं गोलियों पर भरोसा न किये जाने का कारण क्‍या है।

Pill

क्‍यों नहीं है पिल पर भरोसा

1. साइड इफेक्‍ट- एशियन कंट्री की कई महिलाओं को अपनी माताओं और बहनों से केवल यही जानकारी मिली है कि इन गोलियों को लेने से केवल साइड इफेक्‍ट ही होते हैं।

2. पुरानी पीढ़ी की गोलियां- बर्थ कंट्रोल दो तरह की होती हैं। एक तो जो पहले की पीढ़ी में प्रयोग की जाती थी और जिसके कई सारे नुक्‍सान होते थे। दूसरी आज की गोली, जिसमें कई तरह के सुधार किये गए हैं और इन्‍हें लेने से बहुत ही कम या फिर बिल्‍कुल भी साइड इफेक्‍ट नहीं होते। लेकिन सबसे चौकाने वाली बात यह है कि आज भी महिलाओं को इस बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

3. कई सारी दिक्‍कतें-
बर्थ कंट्रोल पिल को रोज ठीक उसी समय पर लेना होता है। ऐसी औरतें जो दिन-भर अपने काम में बिजी रहने के चक्‍कर में अपना खाना-पीना तक भूल जाती हैं, वे भला समय पर गोली खाना कैसे याद रख सकती हैं। अगर गोली को समय पर न खाया गया तो इसका असर खतम हो जाता है, इसलिये यह काफी झंझट भरा हुआ होता है।

4. कम संबन्‍ध बनाना- रोज रोज गोलियां न खानी पड़े इसके लिये कई महिलाएं अपने पार्टनर से कम संबंध बनाती हैं। इसके अलावा अगर उन्‍हें लगता है कि अनचाहा गर्भ न ठहर जाए, तो इसके लिये वे जब मन करता है तब गोली का सेवन कर लेती हैं, जिससे काफी नुकसान होता है।

5. कई सारी दुर्घटनाएं- कई सारी महिलाएं अपनी मां और रिलेटिव से यह सुनती हैं कि कई बार पिल लेने से भी आप प्रेगनेंट हो जाती हैं। गोली को कम से कम एक महीने तक लगातार लेनी होती है तब जा कर यह कहीं अपना असर दिखाती है। इसलिये इसको उसी समय पर लेने के ताम-झाम से बचने की वजह से म‍हिलाएं इसे लेना पसंद नहीं करती।

Story first published: Monday, June 4, 2012, 13:40 [IST]
Desktop Bottom Promotion