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जानिये गर्भनिरोधक से जुड़े 5 तथ्य और मिथक
गर्भधारण को रोकने के लिए गर्भ निरोधक गोलियों को सबसे सही और सुरक्षित तरीका माना जाता है। लेकिन फिर इनके इस्तेमाल में भी एक चिंता बनी रहती है।
इन गोलियों के बारे में कई महिलाओं के मन में कई गलत धारणाएं हैं। हम आपको बता रहे हैं गर्भनिरोधकों के बारे में मुख्य जानने योग्य बातें।
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कोई भी महिला बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भ निरोधक गोलियां ले सकती है?
कुछ हद तक यह सच है। जिन महिलाओं को स्वास्थ्य से संबन्धित कोई शिकायत नहीं है वे स्वयं बिना किसी डॉक्टर की सलाह के ये गोलियां ले सकती है। फिर भी जिन महिलाओं में लाइफ स्टाइल से संबन्धित बीमारियाँ जैसे कि शुगर, हाइपर-टेंशन या थाइराइड हैं, उन्हें इन दवाओं के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
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इसके अलावा, जिन महिलाओं को लिवर की बीमारी है या कोएग्युलेशन की समस्या है उन्हें डॉक्टर से परामर्श बिना इनका सेवन नहीं करना चाहिए। यदि कोई महिला पहले से किसी बिमारी की दवाइयाँ ले रही है और यदि वह बिना किसी सलाह के गर्भनिरोधक इस्तेमाल करती है तो ऐसे में विपरीत प्रभाव हो सकते हैं।

गर्भनिरोध गोलियां से वजन बढ़ता है या घटता है?
अधिकतर गर्भनिरोधक गोलियों में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का मिश्रण होता है। एस्ट्रोजन की ज्यादा मात्रा में सेवन से पानी इकट्ठा होता है और फुलावट आती है जिससे वजन बढ़ जाता है। आजकल की गर्भनिरोधक गोलियों में इन हार्मोन्स की मात्रा कम आती है जिससे कि महिलाओं को वजन से संबन्धित समस्या ना हो। लेकिन जिन महिलाओं में पाचन या मोटापे से संबन्धित समस्या है, ये गोलियां उन पर साइड-इफैक्ट कर सकती हैं। फिर भी ऐसे कम ही मामले होते हैं, जिसे डॉक्टर की बताई मात्रा में लेने से रोका जा सकता है।

क्या इनसे प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।
सच यह है कि गोलियों में मौजूद हार्मोन्स की कम मात्रा भी हार्मोन्स के असंतुलन को ठीक करने और प्रजनन क्षमता को को सही करने में मददगार है। यदि आप बच्चा चाहती हैं तो प्रेग्नेंट होने के लिए गोलियों का सेवन बंद करने के 2 से तीन महीने का इंतजार करें। कुछ महिलाओं को इसमें लगभग 6 माह का इंतजार भी करना पड़ सकता है इसलिए थोड़ा धैर्य रखें।
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ज्यादा समय तक गर्भ निरोधकों के इस्तेमाल से क्या साइड-इफैक्ट होता है?
सूजन, वजन, उल्टी, सिर दर्द और चक्कर आना आदि इनके साइड इफैक्ट हैं। लेकिन ध्यान रखें कि ये समस्याएँ कुछ समय ही रहती हैं। अब नए जमाने की नई गर्भ निरोधकों में हार्मोन्स की मात्रा कम होती है इसलिए इसलिए ये कोई साइड-इफैक्ट नहीं डालती हैं। ये साइड-इफैक्ट लगभग सभी गोलियों में समान से ही होते हैं।
इसले साथ ही बाजार में कई तरह की गोलियां मौजूद हैं। यदि कोई साइड-इफैक्ट ज्यादा समय तक रहता है तो डॉक्टर से सलाह लें। इनकी मात्रा में बदलाव से इन साइड-इफैक्टस से बचा जा सकता है। समान्य तौर पर इनका सेवन शुरू करने के लगभग तीन माह तक ये साइड-इफैक्टस रहते हैं।

क्या इनसे मासिक धर्म प्रभावित होता है या पीरियड्स देर से आते हैं?
इसके अवसर कम हैं। लेकिन ये गोलियां कुछ हद तक आपके मासिक धर्म के क्रम को प्रभावित कर सकती हैं। दूसरी तरफ ये गोलियां हार्मोनल असंतुलन को ठीक भी करती हैं इसलिए यदि किसी में पहले से इस तरह की समस्या है तो हो सकता है वो इनके सेवन से ठीक हो जाये। यदि आपको मासिक धर्म के समय में बदलाव लगता है तो डॉक्टर से सलाह लें।



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