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गर्भावस्था के दौरान मैटरनिटी बेल्ट पहनने से होते हैं ये 6 फायदे
यह लचीली बेल्ट गर्भवती महिलाओं को गर्भ के दूसरे और तीसरे तिमाही चरण में बहुत सहायता करती है। गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद भी मैटरनिटी बेल्ट को पहनने के कई फायदे हैं।
मैटरनिटी बेल्ट एक किस्म का पट्टा होता है जो गर्भवती महिलाओं के पेट और कमर को सहारा देता है। ये बेल्ट गर्भावस्था के बाद भी पहनी जा सकती है।
इसको पहनने से उभरी और सूजी हुई मांसपेशियां वापस अपने पुराने आकार में आ जाती हैं। यह लचीली बेल्ट गर्भवती महिलाओं को गर्भ के दूसरे और तीसरे तिमाही चरण में बहुत सहायता करती है।
यहाँ हम आपको गर्भवती महिलाओं को मैटरनिटी बेल्ट से होने वाले छः फायदे बता रहे हैं। क्योंकि ये मैटरनिटी बेल्ट गर्भावस्था के दौरान प्रयोग किया जाने वाला एक आवश्यक सामान है। गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद भी मैटरनिटी बेल्ट को पहनने के कई फायदे हैं।

1. दर्द कम करती है: गर्भावस्थाके दौरान अधिकतर महिलाओं को पीठ, कमर और जोड़ों में दर्द होता है। इस कारण वो आने दैनिक काम करने में भी बहुत तकलीफ महसूस करती हैं। मैटरनिटी बेल्ट उनके गर्भ और पीठ को सहारा देती है और बिना किसी दर्द के काम करने में सहायता करती है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह के दर्द होते हैं।
यह दर्द स्नायु, नितम्ब के अगले हिस्से और पेट के नीचे की तरफ होते हैं। इस दर्द का कारण मुख्यतः गर्भ के बढ़ने के कारण स्नायु और हड्डियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार होता है। बेल्ट के कारण यह भार बंट जाता है। अतः किसी एक स्थान पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता। इसके साठ ही गर्भावस्था के दौरान शरीर में रिलैक्सिन नाम के होर्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। इस कारण नितम्ब के जोड़ों पर असहाय दर्द होता है। कई बार इसी कारण पीठ के नीचले हिस्से में भी दर्द होता है। बेल्ट पहनने से जोड़ों को सहारा मिलता है और दर्द में आराम मिलता है।

2. हल्का दबाव: यदि दिन भर के काम के दौरान पेट को हल्का-हल्का दबाव दिया जाता रहे तो यह गर्भाशय को सहारा देता है और चलने-फिरने के दौरान होने वाली मुश्किल को भी कम करता है। लेकिन यह ध्यान में रखा जाना चाहिए की दबाव बहुत ज्यादा ना हो और बेल्ट इतनी कसकर ना बांधी जाए कि पेट में खून का बहाव प्रभावित हो।

3. दैनिक क्रियाकलापों में सहायता: गर्भावस्था में नियमित रूप से चलने-फिरने से उच्च रक्तचाप, अवसाद और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ दूर रहती हैं। लेकिन शारीरिक मेहनत के दौरान होने वाला दर्द और असहजता बहुत सी औरतों को टहलने-घूमने से रोक देते हैं। मैटरनिटी बेल्ट पहनने से आपका दर्द और असहजता कम होगी और आप अपनी दैनिक दिनचर्या को जी पाएंगी।

4. हार्निया के मरीजों के लिए लाभदायक: जिन महिलाओं को हार्निया की समस्या है, गर्भावस्था के दौरान यह बेल्ट उनके लिए बहुत आवश्यक और सहायक है।

5. शरीर की मुद्रा को सही रखती है: मैटरनिटी बेल्ट पहनने से आपकी पीठ को सहारा मिलता है जिस कारण शरीर की मुद्रा सही बनी रहती है। इससे नीचली पीठ ज़रुरत से ज्यादा खिंचने से बच जाती है। गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त वज़न के कारण कई बार रीढ़ की मासपेशियाँ खिंच जाती हैं। मैटरनिटी बेल्ट इन मासपेशियों को खिंचचने से बचाती है और शरीर को सीधे रखने में सहायता करती है।

6. प्रसव के पश्चात के फायदे: प्रसव के बाद मॉसपेशियाँ और स्नायु ढीले पड़ जाते है। उनको वापस अपने पुराने आकार में आने में समय लगता है। इसके साथ ही महिलाओं को अपने नवजात शिशु को भी देखना पड़ता है। प्रसव के बाद बेल्ट पहनने से यह आसान हो जाता है। नवजात शिशु के साथ ही नयी-नवेली माँ के शरीर को भी स्वस्थ होने का मौका मिल जाता है।
इन सबके बावजूद, यह मैटरनिटी बेल्ट आपकी समस्याओं के समाधान का मात्र एक बाहरी सहारा है। यह भी ज़रूरी है कि इसपर आवश्यकता से अधिक निर्भर ना हों। ज़रूरी है कि मांसपेशियों और स्नायु की बेहतरी हेतु व्यायाम और खान-पान का ख़ास ध्यान रखा जाए। यह बेल्ट पहनने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।



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