देश में डेंगू का तांडव, टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! जानें Dengue के लक्षण और बचाव के उपाय

Dengue Symptoms In Hindi: राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में बेमौसम बारिश के साथ ही कई तरह की बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। इन बीमारियों में से सबसे ज्यादा डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। दिल्ली समेत देश के अलग-अलग राज्यों से डेंगू के केस सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है क्योंकि दिल्ली में डेंगू के मामलों ने पिछले 5 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अस्पतालों के ओपीडी (OPD) में लगातार बढ़ते मरीजों की संख्या और प्लेटलेट्स गिरने की शिकायतों ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। अब अमृतसर और कई अन्य राज्यों में भी डेंगू अपने पैर पसार रहा है। डेंगू सिर्फ एक साधारण बुखार नहीं है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि आप इसके शुरुआती संकेतों को पहचानें और मच्छरों के इस डंक से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

क्यों बढ़ रहा डेंगू का खतरा

साल 2026 की शुरुआत से ही दिल्ली में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। पिछले 5 वर्षों की तुलना में इस बार डेंगू का स्ट्रेन अधिक आक्रामक बताया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण हैं बेमौसम बारिश जिसकी वजह से जगह-जगह जलभराव की वजह से मच्छर पनप रहे हैं। मच्छरों के लिए प्रजनन के अनुकूल मौसम ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार संक्रमण की दर में 30-40% का उछाल देखा गया है, जो कि एक बड़ी स्वास्थ्य चेतावनी है।

डेंगू के शुरुआती और गंभीर लक्षण (Dengue Symptoms in Hindi)

डेंगू के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 10 दिनों बाद दिखाई देते हैं। इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:

तेज बुखार और सिरदर्द: अचानक 103°F से 105°F तक तेज बुखार आना।

आंखों के पीछे दर्द: आंखों के पिछले हिस्से में तेज चुभन और दर्द महसूस होना।

जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द: इसे 'हड्डी तोड़ बुखार' (Breakbone Fever) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें शरीर में असहनीय दर्द होता है।

त्वचा पर चकत्ते (Rashes): शरीर पर लाल रंग के दाने या चकत्ते उभर आना।

गंभीर लक्षण: जी मिचलाना, लगातार उल्टी होना, मसूड़ों या नाक से खून आना और प्लेटलेट्स का तेजी से गिरना।

प्लेटलेट्स कम होने के संकेत और खतरे

डेंगू में सबसे बड़ी चुनौती प्लेटलेट्स (Platelet Count) का कम होना है। एक स्वस्थ व्यक्ति में प्लेटलेट्स 1.5 लाख से 4.5 लाख के बीच होती हैं। यदि यह 50,000 से नीचे चली जाएं, तो आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding) का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में तुरंत अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य है। ध्यान रखें कि डेंगू होने पर जरा भी लापरवाही न बरतें और समय रहते इलाज करवाएं।

डेंगू के खतरों से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

जलभराव न होने दें: कूलर, गमलों, टायरों और खाली बर्तनों में पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर (एडिस एजिप्टी) साफ पानी में ही पनपता है।

पूरी बाजू के कपड़े: बाहर निकलते समय या सोते समय ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर को पूरी तरह ढकें।

मच्छरदानी और रिपेलेंट्स: सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और दिन में भी मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या कॉइल्स का इस्तेमाल करें।

इम्यूनिटी बढ़ाएं: डाइट में विटामिन-C युक्त फल (आंवला, संतरा), नारियल पानी और गिलोय का जूस शामिल करें।

खूब पानी पिएं: डेंगू में डिहाइड्रेशन सबसे खतरनाक होता है, इसलिए ओआरएस (ORS) और तरल पदार्थों का सेवन जारी रखें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, May 10, 2026, 11:00 [IST]
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