Latest Updates
-
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा -
Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम -
Varalakshmi Vrat 2026: सावन के आखिरी शुक्रवार को करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन-दौलत -
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान -
Sapne Me Aam Dekhna: सपने में आम दिखना शुभ या अशुभ? जानें इसका मतलब
सनी लियोन ने चुना सरोगेसी, जानिए क्या है सरोगेसी
सनी लियोन ने सरोगेसी से
आजकल बालीवुड की हस्तियां में सरोगेसी की चलन तेजी से बढ़ गया है। तूषार कपूर, शाहरूख खान, आमिर खान से लेकर करन जौहर तक ने अपनी फेमिली बढ़ाने के लिए सरोगेसी का सहारा लिया। इसमें अब एक नया नाम सनी लियोन का भी जुड़ गया है जो बालीवुड में अपने अभिनय करियर की शुरूआत कर चुकी हैं। उन्होंने यह बताते हुए खुशी जाहिर की कि वह सरोगेसी के जरिए दो जुड़वां बच्चों की मां बन गई हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने एक फोटो जारी की और अपने नए जुड़वां बच्चों वेबर-अशर और नोहा के साथ उत्साहित दिखीं।

सरोगेसी क्या है?
जब कोई कपल बच्चा चाहता है लेकिन वह किसी वजह से खुद गर्भधारण नहीं करना चाहता है या फिर कोई समस्या होने पर महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है तो वह सरोगेसी के सहारे बच्चा अपनाती है। सरोगेसी की प्रक्रिया में पिता के स्पर्म को दूसरी महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित किया जाता है। सरोगेट मदर उस कपल के लिए बच्चा पैदा करने के लिए नौ महीनों तक अपने गर्भ में उस भ्रूण को पालती है। सरोगेसी का यह पारंपरिक तरीका है। सरोगेसी का एक और रूप है जिसे गेस्टेशनल सरोगेसी कहते हैं। इसमें मां के अंडे को पिता के स्पर्म के साथ निषेचित करने के बाद उस भ्रूण को सरोगेट मदर के गर्भ में प्रत्यारोपित किया जाता है। वह नौ महीने बाद बच्चे को जन्म देती है और वह बच्चा उस कपल को सौंप देती है। इस मामले में वह बच्चा जैविक रूप से उस महिला का ही कहलाता है क्योंकि उसी के अंडे से भ्रूण बना था।

आजकल कपल सरोगेसी का चुनाव क्यों कर रहे हैं?
आजकल ज्यादातर कपल सरोगेसी का चुनाव कर रहे हैं, इसके पीछे बहुत सारे कारण हैं, खासतौर पर मनोरंजन जगह में लोग कई वजहों से सरोगेसी से बच्चा पैदा करना चाहते हैं। सरोगेसी का चुनाव करने के पीछे सबसे बड़ा कारण है समय की कमी। इसके अलावा लोग कुछ मेडिकल समस्याओं जैसे गर्भ में संक्रमण, गर्भाशय निकल जाने और बार-बार गर्भपात होने और कई बार आईवीएफ के असफल हो जाने सहित मां को हृदय रोग होने के कारण भी सरोगेसी के जरिए मां-बाप बनना चाहते हैं।

सरोगेट मदर को कैसे खोजें?
सरोगेट मदर का चुनाव करना किसी भी कपल के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय होता है। सरोगेट मदर पूरी तरह से स्वस्थ और फिट होनी चाहिए। इसके अलावा भी कई बातों पर ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। एक बेहतर सरोगेट मदर खोजने से पहले यह बेहद जरूरी है कि आप अपने दिमाग में कुछ जानकारियां रखें। सरोगेट मदर की उम्र 21 से 40 साल के बीच ही होनी चाहिए। कोई भी महिला तीन बार से ज्यादा किराए की कोख से बच्चा पैदा नहीं कर सकती है। सरोगेट मदर के स्वास्थ्य की जांच भी होनी चाहिए और उसके हृदय और शुगर लेवल की भी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा यह भी जांच करवाना चाहिए कि उसे कोई आनुवांशिक बीमारी तो नहीं हैं। उसकी पहले से लेकर अब तक की मानसिक स्थिति के बारे में भी पूरी रिपोर्ट होनी चाहिए। सरोगेट मदर पहले से ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे चुकी होनी चाहिए।

भारत में सरोगेसी की कानूनी स्थिति क्या है?
वर्ष 2016 में सरोगेसी रेगुलेशन बिल पारित हो जाने के बाद भारत में सरोगेसी पूरी तरह वैध है। इस बिल में विदेशियों, सिंगल माता-पिता, समलैंगिक, अविवाहितों को सरोगेसी के सहारे मां या बाप बनना प्रतिबंधित है। केवल भारतीय कपल जिनकी शादी को पांच साल से अधिक हो के हैं, वे ही सरोगेसी के सहारे बच्चा पैदा कर सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications