Latest Updates
-
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद -
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन
सेक्स पॉवर के अलावा महिलाओं में प्रजनन क्षमता बढ़ाता है शतावरी, आयुर्वेद ने भी बताए है फायदे
जो महिलाएं कंसीव करने की तैयारी करती है उन्हें डाइट, लाइफस्टाइल और अपने स्लीपिंग पैटर्न्स पर ध्यान देने की बहुत जरुरत होती है। इसके अलावा कभी-कभी आयुर्वेदिक नुस्खे भी आपको गर्भधारण करने में बहुत मदद करते हैं। आयुर्वेद में शतावरी एक ऐसी ही औषधी है जिसे फर्टिलिटी बढ़ाने वाली औषधी बताया गया है। शतावरी को यौन इच्छा बढ़ाने वाली एक प्राकृतिक औषधि की तौर पर भी जाना जाता है। कंसीव करने से पहले इसके सेवन के कई फायदे होते हैं।

फर्टिलिटी बढ़ाए
शतावरी के सेवन से फर्टिलिटी के चांसेज बढ़ते हैं। इसके सेवन से हार्मोनल इम्बैलेंस संतुलित होता है। शतावरी के सेवन से मेंस्ट्रुअल साइकल ठीक होता है। इससे, गर्भधारण की संभावना बढ़ती है।

ओव्यूलेशन को बढ़ाता है
शतावरी के सबसे अच्छे फायदों में ओव्यूलेशन पर इसका प्रभाव ही है। शतावरी एस्ट्रोजेन हार्मोन्स के स्तर को नियमित करने का काम करता है। इसीलिए, ओव्यूलेशन बढ़ाने और मेंस्ट्रुअल साइकल को नियमित करने के लिए शतावरी का सेवन करना चाहिए।

डिटॉक्स
शरीर में कई तरह के अपशिष्ट पदार्थ जमा होते हैं। शतावरी के सेवन से इसे बाहर निकालने में मदद होती है। जिससे, स्पर्म्स और एग को मिलने के लिए साथ ही प्रेगनेंसी के लिए अनुकुल माहौल तैयार होता है।

स्ट्रेस करे कम
स्ट्रेस या तनाव का फर्टिलिटी पर भी बहुत गम्भीर असर पड़ता है। इससे, ओव्यूलेशन में देरी हो सकती है। साथ फैलोपाइन ट्यूब्स में ब्लॉकेज से लेकर जेनाइटल्स में सूजन जैसी समस्याएं भी होती हैं। शतावरी के सेवन से तनाव कम होता है। जिससे, सेक्सुअल प्रॉब्लम्स भी कम होती हैं और फर्टिलिटी भी बढ़ती है।

सर्वाइकल म्यूकस का निर्माण
सर्वाइकल म्यूकस की कमी के कारण भी गर्भधारण में देरी हो सकती है। इसका काम मेल स्पर्म्स को एग से मिलाने में मदद करने का है। शतावरी सर्वाइकल म्यूकस की अधिक मात्रा में उत्पादन करने में सहायता करता है।

गर्भावस्था के दौरान
शतावरी में मौजूद फोलेट प्रेगनेंसी के शुरुआती चरणों में काफी अच्छी साबित होता है। फोलेट बच्चे के जन्म से जुड़े दोषों और जोखिमों को कम करता है।



Click it and Unblock the Notifications