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आपके गर्भवती होने के चांस को क्या बढ़ा सकता है एक्यूपंचर?
कई प्रयासों के बाद भी गर्भ धारण ना हो तो इससे आपका दिल टूट सकता है तथा इससे आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत असर पड़ता है। परन्तु बहुत से नए अध्ययनों से पता चला है कि वे महिलाएं जिन्होनें गर्भवती होने के लिए (पीसीओएस) या आईवीएफ को सफल बनाने के लिए एक्यूपंचर का सहारा लिया उनमें गर्भवती होने की दर बहुत अधिक थी।

कुछ डॉक्टर तनाव को कम करने के लिए एक्यूपंचर की सलाह देते हैं क्योंकि तनाव के हार्मोन्स फर्टिलिटी हार्मोन्स (प्रोजेस्ट्रोन) को कम कर सकते हैं।
यह कैसे काम करता है?
एक्यूपंचर एक पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति है जिसमें स्टेनलेस स्टील की बनी पतली सुईयां आपके शरीर में कुछ निश्चित स्थानों पर रखी जाती हैं। ये सुईयां आपके शरीर के ऊर्जा चैनलों को उत्तेजित करती हैं। इन सुईयों से आपको नींद महसूस हो सकती है, आप शांत महसूस कर सकते हैं या अधिक ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सुईयां कहां रखी हैं। किसी को हार्मोन्स में उतार या चढ़ाव महसूस हो सकता है या किसी को श्रोणि क्षेत्र में रक्त प्रवाह में वृद्धि महसूस होती है। एक्यूपंचर शरीर को हीलिंग मोड में स्थानांतरित करता है जो तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) नहीं होता है। केवल थोड़ा सा जख्म ही होता है।

आपके फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान एक्यूपंचर को कभी भी शुरू किया जा सकता है।
कभी कभी गर्भवती होने के लिए आईवीएफ या अन्य उपचार शुरू करने के पहले एक्यूपंचर अपनाने से आपको अन्य किसी पद्धति को अपनाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती।
याद रखें
एक्यूपंचर की योजना बनाने से पहले आपको अपने डॉक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि बहुत सी स्थितियां जैसे फैलोपियन ट्यूब का बंद होना आदि का उपचार एक्यूपंचर से नहीं किया जा सकता। जब तक आपका डॉक्टर अनुमति ना दे, तब तक किसी भी चीनी जड़ी बूटी का सेवन ना करें। इनमें से कुछ वास्तव में आपकी प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती हैं और आपकी मौजूद गर्भावस्था को भी खतरे में डाल सकती हैं।
उस एक्यूपंचरिस्ट के पास जाएं जो इनफर्टिलिटी का उपचार करता हो क्योंकि प्रत्येक एक्यूपंचरिस्ट इस क्षेत्र में एक्सपर्ट नहीं होता।



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