Latest Updates
-
बच्चों को ऑटिज्म का शिकार बना रही मोबाइल फोन की लत, AIIMS की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा -
क्या Thalapathy Vijay दोहरा पाएंगे MGR व जयललिता का इतिहास? वो 4 सितारे जो बने तमिलनाडु के CM -
अस्थमा से राहत दिला सकती हैं ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, कफ और सांस फूलने की समस्या से मिलेगी राहत -
Mamat Banerjee और Suvendu Adhikari दोनों में से कौन ज्यादा अमीर? जानें नेटवर्थ -
बेमौसम बारिश में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा, जानें सुरक्षित रहने के उपाय और बच्चों की देखभाल के टिप्स -
World Asthma Day Quotes 2026: सांसों पर सबका हक! विश्व अस्थमा दिवस पर भेजें खास कोट्स, फैलाएं जागरूकता -
Aaj Ka Rashifal, 4 May 2026: सोमवार को बन रहे हैं 6 शुभ योग, सिंह और कन्या राशि वालों की खुलेगी किस्मत -
Mothers Day Wishes For Sasu Maa: सास-बहू के रिश्ते में घोलें प्यार की मिठास, भेजें ये शुभकामना संदेश -
Mango Chutney Recipe: कच्चे आम की चटनी बनाने की सबसे आसान विधि, जो पेट को देगी ठंडक -
क्या आप भी पीले दांतों से शर्मिंदा हैं? रसोई में रखी ये 5 चीजें साफ कर देंगी सालों से जमी गंदगी
जानिए क्या है प्री-मेनोपॉज, जानें इसके लक्षण और उपचार
मेनोपॉज एक प्रोसेस है जिसमें महिलाओं के पीरियड्स आना बंद हो जाते है। 45 से 55 साल की उम्र में महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह से बंद हो जाते है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ओवरी में अंडे खत्म हो जाते है जिससे पीरियड्स साइकल रुक जाता है, जिसे मेनोपॉज कहा जाता है। वहीं आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और गलत खान पानी की वजह से महिलाओं को कम उम्र में ही पीरियड्स आना बंद हो जाते है, जिसे प्री मेनोपॉज या फिर ओवेरियन फेलियर कहा जाता है। चलिए जानते हैं प्री मेनोपॉज के बारे में जिसे हर महिला को पता होना चाहिए।

प्री मेनोपॉज के लक्षण
वेजाइना में ड्राईनेस
वेजाइन में इचिंग होना
ब्रेस्ट में सूजन
ब्रेस्ट में हल्का दर्द महसूस होना
अनियमित पीरियड्स
गर्मी लगना
बहुत पसीना आना
मूड स्विंग
बेवजह थकान रहना
तनाव
पीएमएम

प्री मेनोपॉज के कारण
धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन करने वाली महिलाओं में मेनोपॉज नॉरमल महिला के मुकाबले 1 से 2 साल पहले हो सकता है। कैंसर के लिए कीमोथेरेपी या फिर रेडिएशन थेरेपी वाली महिलाओं को प्री मेनोपॉज हो सकता है।

हड्डियां कमजोर होना
प्री मेनोपॉज के कारण हड्डियां कमजोर, ऑस्टियोपोरोसिस, हाई बीपी और दिल की जुड़ी बीमारी भी हो सकती है। इसकी वजह से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन्स बनना बंद हो जाते है।
नींद होती है खराब
ज्यादा से पसीना आना, बेचैनी और तनाव की वजह से महिलाओं की नींद खराब हो जाती है। ऐसे में आप डॉक्टर से मिलें।

प्री मेनोपॉज में क्या करें
प्री मेनोपॉज में पहले आप डॉक्टर की सलाह लें। हेल्दी डाइट लें, डाइट में विटामिन, कैल्शियम और ओमेगा 3 लें। जिससे हड्डियां कमजोर ना हो। रोजाना कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज करें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और लिक्विड डाइट लें। कम से कम तनाव लें।



Click it and Unblock the Notifications