जानिए क्या है प्री-मेनोपॉज, जानें इसके लक्षण और उपचार

मेनोपॉज एक प्रोसेस है जिसमें महिलाओं के पीरियड्स आना बंद हो जाते है। 45 से 55 साल की उम्र में महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह से बंद हो जाते है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ओवरी में अंडे खत्म हो जाते है जिससे पीरियड्स साइकल रुक जाता है, जिसे मेनोपॉज कहा जाता है। वहीं आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और गलत खान पानी की वजह से महिलाओं को कम उम्र में ही पीरियड्स आना बंद हो जाते है, जिसे प्री मेनोपॉज या फिर ओवेरियन फेलियर कहा जाता है। चलिए जानते हैं प्री मेनोपॉज के बारे में जिसे हर महिला को पता होना चाहिए।

प्री मेनोपॉज के लक्षण

प्री मेनोपॉज के लक्षण

वेजाइना में ड्राईनेस

वेजाइन में इचिंग होना

ब्रेस्ट में सूजन

ब्रेस्ट में हल्का दर्द महसूस होना

अनियमित पीरियड्स

गर्मी लगना

बहुत पसीना आना

मूड स्विंग

बेवजह थकान रहना

तनाव

पीएमएम

प्री मेनोपॉज के कारण

प्री मेनोपॉज के कारण

धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन करने वाली महिलाओं में मेनोपॉज नॉरमल महिला के मुकाबले 1 से 2 साल पहले हो सकता है। कैंसर के लिए कीमोथेरेपी या फिर रेडिएशन थेरेपी वाली महिलाओं को प्री मेनोपॉज हो सकता है।

हड्डियां कमजोर होना

हड्डियां कमजोर होना

प्री मेनोपॉज के कारण हड्डियां कमजोर, ऑस्टियोपोरोसिस, हाई बीपी और दिल की जुड़ी बीमारी भी हो सकती है। इसकी वजह से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन्स बनना बंद हो जाते है।

नींद होती है खराब

ज्यादा से पसीना आना, बेचैनी और तनाव की वजह से महिलाओं की नींद खराब हो जाती है। ऐसे में आप डॉक्टर से मिलें।

प्री मेनोपॉज में क्या करें

प्री मेनोपॉज में क्या करें

प्री मेनोपॉज में पहले आप डॉक्टर की सलाह लें। हेल्दी डाइट लें, डाइट में विटामिन, कैल्शियम और ओमेगा 3 लें। जिससे हड्डियां कमजोर ना हो। रोजाना कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज करें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और लिक्विड डाइट लें। कम से कम तनाव लें।

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