Latest Updates
-
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर
चीन में दोहरे गर्भाशय वाली महिला ने अलग-अलग गर्भ से दिया Twins को जन्म, इस रेयर कंडीशन के बारे में जानिए
Double Uterus Rare Case : चीन में एक बेहद ही चौंकान्ने वाला मामला सामने आ रहा है। यह मामला किसी कुदरती चमत्कार से कम नहीं हैं। यहां एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है, लेकिन अलग-अलग गर्भाशय से। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की ये चीनी महिला को एक रेयर कंडीशन थी, जो दुनियाभर में सिर्फ 0.3% महिलाओं में हैं। इसे मेडिकल टर्म में यूट्रस डिडेल्फ़िस ( Uterus didelphys) या डबल यूट्रस भी कहते हैं।
आम तौर पर जिन महिलाओं का दो गर्भाशय यानी डबल यूट्रस होता है, उन्हें कंसीव करने में इतनी समस्याएं नहीं होती हैं जितनी की प्रेगनेंसी के दौरान झेलनी पड़ती है। आइए जानते हैं कि क्या होती है यूट्रस डिडेल्फ़िस कंडीशन?

क्या है यूट्रस डिडेल्फ़िस कंडीशन? (What is Uterus didelphys)
यूट्रस डिडेल्फ़िस महिलाओं से जुडा दुर्लभ मामला होता है। इस स्थिति को डबल यूट्रस भी कहते हैं। ये महिलाओं में जन्मजात कंडीशन होती है, जिसमें महिलाओं को दो सर्विक्स (बच्चेदानी) होते हैं। कुछ मामलों में दो वजाइना भी हो सकते हैं। डबल यूट्रस की स्थिति तब बनती है जब महिला में यूट्रस दो छोटी-छोटी ट्यूब में बंट जाती है। दोनों ही ट्यूब अंदर से खोखली होती हैं। कई बार ये जुड़ी हुई भी हो सकती हैं। दोनों ही ट्यूब सर्विक्स से जुड़ी रहती हैं।
यूट्रस के औसत आकार के मुकाबले ये दो गर्भाशय थोड़े छोटे होते हैं। ऐसी स्थिति क्यों बनती हैं इसका अब पता नहीं चला सका है।
डबल यूट्रस में ऐसे दिखते हैं लक्षण
ज्यादातर महिलाएं डबल यूट्रस के बारे में अवेयर नहीं होती हैं। मगर कुछ लक्षणों के आधार पर आप इस दुलर्भ कंडीशन के बारे में पता लगा सकती हैं। जैसे बार-बार गर्भपात, अक्सर ब्लीडिंग होती है, पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द रहता है तो गायनाक्लोजिस्ट की सलाह जरूर लें।
इसका कोई इलाज है?
ये एक नेचुरल रेयर कंडीशन होती है, जो कि जेनेटिकली महिलाओं को मिलती है। इसका कोई इलाज नहीं है।
ऐसी स्थिति में भी महिला सफलतापूर्वक बच्चों को जन्म दे सकती है लेकिन कुछ मामलों में मिस्कैरेज या प्री-मैच्योर डिलीवरी का खतरा रहा है। ऐसी स्थिति में अक्सर महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी कराई जाती है।



Click it and Unblock the Notifications