Latest Updates
-
भुने चने और खजूर खाने दूर हो सकती हैं ये 5 समस्याएं, रोजाना इस तरह करें सेवन -
Shukra Gochar 2026: 19 अप्रैल को शुक्र का वृष राशि में गोचर, ये 6 राशियां होंगी मालामाल -
National Siblings Day 2026:10 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है भाई-बहन दिवस? जानें भावुक इतिहास -
Astro Tips: भूलकर भी किसी को सीधे हाथ में न दें ये 5 चीजें, वरना खत्म हो जाएगी घर की खुशहाली -
क्या आप भी बड़े चाव से खाते हैं शहतूत? जानें किन लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए ये फल -
बवासीर की समस्या को जड़ से खत्म करेगा पान का पत्ता, इन 2 तरीकों से करें इस्तेमाल -
नहीं जीतेंगी ममता बनर्जी! क्या बीजेपी के सिर सजेगा जीत का ताज? वोटिंग से पहले हुई बड़ी भविष्यवाणी -
Dhurandhar 2 OTT Release: Netflix नहीं इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी धुरंधर 2, नोट कर लें तारीख -
वैशाख कृष्ण जन्माष्टमी पर करें संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ, घर में जल्द गूंजेगी किलकारी -
CRPF Valour Day 2026 Wishes: उन वीर सपूतों को सलाम, जिनकी बहादुरी के आगे दुश्मन ने टेके घुटने
Real Vs False Labor : 9 वें महीनें में शुरु हो गया दर्द, कैसे पता करें लेबर पेन असली है या नकली?
Real Vs False Labor Pain : प्रेग्नेंसी के 9 महीने हर महिला के लिए उतार चढ़ाव भरे होते हैं। लेकिन प्रेग्नेंसी के 9 वां महीना लगते ही हर महिला की एक्साइटमेंट और चिंता बढ़ जाती है। इस महीने में अब कभी भी डिलीवरी होने संभावना रहती है। इस समय महिलाएं डिलीवरी के दौरान होने वाली लेबर पेन से बहुत ज्यादा घबरा जाती है और इस वजह से कई बार फेक लेबर पेन को भी असली समझ बैठती हैं।
दरअसल प्रेग्नेंसी में 9 महीने के दौरान जब शरीर डिलीवरी के लिए तैयार हो रहा होता है, उस दौरान कई बार पेट में दर्द होता है, जिसे प्रेग्नेंट महिलाएं लेबर पेन समझ बैठती हैं। इसलिए आनन फानन में कई बार अस्पताल तक पहुंच जाते हैं। जहां पता चलता है कि ये फॉल्स अर्लाम है। रियल और फॉल्स लेबर पेन के बीच अंतर कर पाना सच में मुश्किल भरा होता है।

आइए जानते है कि रियल और फॉल्स लेबर पेन के बीच क्या अंतर होता है और इसे कैसे पहचानें?
फॉल्स लेबर पेन (ब्रैक्सटन हिक्स क्रॉन्टैक्शन्स) के लक्षण
प्रेग्नेंसी के फेक लेबर पेन को फॉल्स अलार्म या ब्रैक्सटन हिक्स क्रॉन्टैक्शन्स भी कहते हैं। दोनों के बीच का अंतर समझते हैं-
- फॉल्स अलार्म में होने वाला संकुचन (कॉन्ट्रैक्शन्स) थोड़ी देर के लिए होता है और फिर अचानक से बंद हो जाता है।
ये संकुचन भले ही आपको थोड़ी देर के लिए अंकफर्टेबल करवा सकते हैं या लेबर की स्थिति से महसूस करवा सकते हैं लेकिन इसमें ज्यादा दर्द नहीं होता है।
- फॉल्स लेबर पेन आपको सिर्फ पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होगा, लोअर बैक (कमर) में नहीं।
- थोड़ा चलने, उठने-बैठने या पानी पीने पर ये दर्द कम हो जाता है।
- कॉन्ट्रैक्शन्स तेज होने पर गर्भ में पल रहे बच्चे की मूवमेंट भी बढ़ जाएगी
रियल लेबर पेन में कैसा दर्द होता है?
असली लेबर के लिए शरीर एक महीने पहले ही तैयारी करने लग जाता है। इस दौरान सर्विक्स यानी गर्भाशय का मुंह खुलना शुरू हो जाता है और बच्चा भी खिसकर पेल्विसस की तरफ नीचे की ओर आ जाता है। जिसके बारे में डॉक्टर आपको अवेयर भी कर देता है। रियल पेन में पेल्विस और रेक्टम पर प्रेशर बढ़ने लगता है और आपको पॉटी आने जैसा महसूस होता है। कॉन्ट्रैक्शन्स एक दम से बढ़ जाते है। दर्द असहनीय हो जाता है। इस तरह के लक्षण शरीर में नियमित रूप से दिखने लगते हैं। कुछ ऐसे होते हैं लक्षण-
- रियल लेबर पेन के दौरान लगातार चलता रहता है जब तक कि बच्चे की डिलीवरी न हो जाएं।
- एक्टिव लेबर पेन की शुरुआत लोअर बैक पेट के निचले हिस्से से लेकर लोअर बैक तक पहुंच जाती है।
- एक्टिव लेबर पेन में दर्द लगातार होता रहता है और बढ़ता ही जाता है।
- कई बार तो लेबर पेन के साथ डायरिया भी शुरू हो जाता है।
- एक्टिव लेबर पेन की शुरुआत में बच्चा जिस पानी की थैली में रहता है, जिसे एमनियोटिक सैक भी कहत हैं वह फट जाती है, जिसे वॉटर ब्रेक भी कहते हैं। इसके बाद किसी भी वक्त डिलीवरी हो जाती है।



Click it and Unblock the Notifications











