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बोलने-सुनने की क्षमता छीन सकती है ये बीमारी, बचपन में झेल चुके हैं इब्राहिम अली खान, पैरेंट्स रहें अलर्ट
Ibrahim Ali Khan Suffered Jaundice at Birth: बॉलीवुड एक्टर इब्राहिम अली खान ने हाल ही में GQ इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में अपने बचपन की एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जन्म के तुरंत बाद उन्हें गंभीर पीलिया (jaundice) हो गया था, जिसका असर उनके मस्तिष्क पर पड़ा। इस कारण उनकी सुनने और बोलने की क्षमता प्रभावित हुई। इब्राहिम ने कहा कि वे आज भी अपनी स्पीच पर काम कर रहे हैं ताकि वह पूरी तरह सामान्य हो सके।
उन्होंने बताया, "मेरे जन्म के तुरंत बाद मुझे गंभीर पीलिया हो गया था, जो सीधे मेरे दिमाग तक पहुंच गया। इसका असर मेरी श्रवण शक्ति (hearing ability) पर पड़ा और मेरी बोलने की क्षमता (speech) भी प्रभावित हुई। हालांकि अब मैं बेहतर हूं, लेकिन स्पीच सुधारने के लिए अब भी प्रयास कर रहा हूं।"

नवजात शिशुओं में पीलिया कितना खतरनाक हो सकता है?
इब्राहिम की यह कहानी हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी है कि नवजात शिशुओं में पीलिया को हल्के में नहीं लेना चाहिए। पीलिया, जिसे मेडिकल भाषा में Neonatal Jaundice कहा जाता है, एक आम लेकिन कभी-कभी गंभीर स्थिति हो सकती है।
मायो क्लीनिक के अनुसार, नवजात शिशुओं में पीलिया का सबसे प्रमुख लक्षण होता है त्वचा और आंखों के सफेद हिस्से का पीला पड़ जाना। यह स्थिति आमतौर पर जन्म के दूसरे से चौथे दिन के बीच दिखाई देती है। हालांकि यह सामान्य रूप से अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन यदि बिलीरुबिन का स्तर अधिक हो जाए, तो यह मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसे kernicterus कहा जाता है।
कब होता है सबसे ज्यादा खतरा?
नवजात शिशुओं में बिलीरुबिन का स्तर जन्म के तीसरे से सातवें दिन के बीच सबसे अधिक होता है। यही वह समय है जब बच्चों में पीलिया गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए डॉक्टर इस समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हैं। यदि समय पर इलाज न हो, तो यह दिमागी क्षति, सुनने की शक्ति में कमी, बोलने की समस्या, या अन्य तंत्रिका संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
हालांकि अधिकांश अस्पतालों में डिलीवरी के तुरंत बाद बच्चे की बिलीरुबिन जांच की जाती है, फिर भी माता-पिता को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि नवजात की त्वचा या आंखें पीली दिखाई दें, बच्चा सुस्त लगे, दूध पीने में कठिनाई हो, या रोने की आवाज सामान्य से अलग हो, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
पैरेंट्स को बरतनी चाहिए ये सावधानियां
- बच्चे के जन्म के बाद पहले 7 दिनों तक रोज उसकी त्वचा और आंखों का निरीक्षण करें।
- यदि शिशु दिन में बहुत अधिक सोता है और स्तनपान नहीं कर रहा, तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है।
- डॉक्टर द्वारा निर्धारित नियमित फॉलोअप टेस्ट्स जरूर करवाएं।
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सीय स्थिति के संबंध में आपके मन में कोई प्रश्न हो तो हमेशा अपने चिकित्सक या किसी योग्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सलाह अवश्य लें।



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