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बच्चे की पेरेन्ट टीचर मीटिंग में जरुर जाएं

क्यों जरुरी है जाना
1. रिर्पोट कार्ड पर लाल निशान न होना इस बात का सुबूत नहीं है, कि आपके बच्चे को ध्यान की बिल्कुल जरुरत नहीं है। अगर आप का बच्चा क्लास में अच्छा कर रहा है तो भी आपको उसके टीचर से जरुर बात करनी चाहिये कि वह अपने काम में और सुधार कैसे ला सकता है।
2. अगर बच्चा अच्छा नहीं कर पा रहा हो, तो कई परेन्ट्स, मीटिंग में जाना इस बात से छोड़ देते है कि उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी। इस तरह के विचार आपके बच्चे की जिंदगी को तबाह कर सकते हैं। अगर बच्चे की कंप्लेन आती है, तो उसे एक चैलेन्ज के रुप में स्वीकार करें।
3. बच्चे स्कून में क्या गतिविधियां करते रहते हैं, यह बात हर मां-बाप को पता होनी चाहिये। हो सकता है आपका बच्चा अपने टेस्ट पेपर पर आपके ही साइन कर लेता हो।
4. क्या बच्चा क्लास में दूसरे बच्चों और टीचर से घुल-मिल कर बात करता है या फिर वह चुप-चुप किसी कोने में बैठा रहता है। इन सब जरुरी सवालों का जवाब आपको इसी पेरेंट-टीचर मीटिंग में ही मिलेंगे।
5. इसके अलावा अगर आपको टीचर से कोई शिकायत हो तो भी आप इसे यहीं पर सुलझा सकते हैं। अगर टीचर आपके बच्चे पर ठीक से ध्यान न देती हो, या फिर कॉंपी ठीक से चेक न करती हो, इसलिए पेरेन्ट टीचर मीटिंग में अपनी आवाज़ उठाइये।
6. पेरेन्ट टीचर मीटिंग में आपकी अपने बच्चे के दोस्तों के पेरेन्ट्स से भी मुलाकात होती है। इससे आप उन पेरेन्ट्स से पेरेटिंग के कुछ अनमोल सुझाव ले सकते हैं। तथा अपने बच्चे की अन्य बच्चों से तुलना कर के यह देख सकते हैं कि आपका बच्चा कहां खड़ा है।
7. टाइम न होने का बहाना बनाना आज से ही छोड़ दें क्योंकि इससे आप न केवल खुद से चीटिंग कर रहें हैं, बल्कि अपने बच्चे से भी कर रहें हैं। अगर आपके पास समय न हो तो अपने पार्टनर से कहिये कि वह समय निकाल कर बच्चे की पेरेन्ट-टीचर मीटिंग जरुर अटेंड करें।



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