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बच्चों को आउटडोर गतिविधियां करवाने से होता है यह लाभ
वे दिन गए जब बच्चे छतों पर पतंगे उड़ाया करते थे। स्कूल से आते ही बस्ता एक ओर फेंक वे दोस्तों के साथ कंच्चे, कबड्डी, गिल्ली-डण्डा खेलने निकल जाते। आज के दौर में बच्चे स्कूल से आने के बाद अपना वक्त घर के भीतर कंप्यूटर पर खेलते हुए बिताना पसंद करते हैं। बच्चे के सम्पूर्ण विकास के लिए आउटडोर एक्टिविटी बहुत जरूरी होती है। तो, इस बात का ध्यान रखें कि आपका बच्चा पढ़ाई के अलावा अन्य कामों में भी बराबर की भागीदारी करे।
यहां हम आपको बता रहे हैं कि आपके बच्चे के लिए स्कूल के बाद की गतिविधियों में शामिल होना क्यों जरूरी है- शर्मीले बच्चे की ऐसे करें अच्छी परवरिश

1. बेशकीमती चीजें सीखता है
आउटसाइड एक्टिविटी में बच्चा कई कामों में संलग्न होकर काम करता है। वह कई नये हुनर सीखता है, जो भविष्य में उसके विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। खेलों के जरिये वे टीम-भावना और स्पोर्ट्समैनशिप सीखते हैं। प्रतियोगिता उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की चुनौतियों का सामना करना सिखाती है।

2. सामाजिक विकास
दो लोगों के बीच संवाद एक बेहद जरूरी सामाजिक हुनर है। पढ़ाई के अलावा किये जाने वाले इन कामों से बच्चा नये दोस्त बनाना और उनसे बातचीत करने का हुनर सीखता है। ये गतिविधियां बच्चे में टीम के तौर पर काम करने और टीम में अपना सहयोग देने की भावना का भी विकास करती हैं। बच्चे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन करने और व्यवहार करने की कला सीखते हैं।

3. झिझक दूर होती है
क्या आपका बच्चा पूरी क्लास के सामने खड़े होकर बोलने या कविता सुनाने में झिझकता है। अगर हां, तो उसे एक्सट्राकरिकूलू एक्टिविटी में शामिल करें। आप उसे कला, गाने या डांस जैसी गतिविधियों का हिस्सा बना सकते हैं। इससे बच्चे अपने दायरे से बाहर आते हैं। और साथ ही इससे उनकी झिझक भी दूर होती है।

4. शारीरिक विकास
क्या आपका बच्चा सुबह व्यायाम करने में आलस करता है। क्या आप उसकी सेहत को लेकर फ्रिकमंद हैं। तो इसका सबसे अच्छा तरीका है कि उसे किसी खेल के साथ जोड़ दें। इससे बच्चा अधिक व्यायाम कर पाएगा और फिट और सेहतमंद रहेगा।

5. पढ़ाई में भी अच्छा करेगा
कुछ माता-पिता सोचते हैं कि यदि वे बच्चे को इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल करेंगे, तो इसका असर उसकी पढ़ाई पर पड़ेगा। और बच्चे का शैक्षिक स्तर कमजोर हो जाएगा। लेकिन, ऐसा पाया गया है कि जो बच्चे स्कूल के बाद की गतिविधियों का हिस्सा होते हैं, वे पढ़ाई में उन बच्चों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जो इसका हिस्सा नहीं होते। एक्सट्राकरिकूलम एक्टिविटीज बच्चों में सीखने की क्षमता बढ़ाती है, जिसका असर उनके अंकों पर भी नजर आता है।

6. समय प्रबंधन सीखते हैं
इन गतिविधियों का एक बड़ा फायदा यह होता है कि आपका बच्चा समय प्रबंधन सीख जाता है। वह महत्वपूर्ण कामों की प्राथमिकता तय करना सीख जाता है। यह भी देखा गया है कि जो व्यस्क अपने बचपन में ऐसे कामों में संलग्न रहते थे, वे आसानी से कई काम एक साथ कर लेते हैं। उन्हें काम का दबाव कम होता है और उनके लिए कार्यों की प्राथमिकता सूची बनाने में परेशानी नहीं होती।

7. तनाव कम करे
होमवर्क का दबाव, क्लास टेस्ट और एग्जाम इन सबने बच्चों पर काफी दबाव डाल दिया है। वे इतना अधिक दबाव महसूस करते हैं कि न तो वे सही प्रकार से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं और न ही बाकी कामों को सही तरीके से कर पाते हैं। ये गतिविधियां उन्हें रिलेक्स और रिफ्रेश महसूस कराने में मदद करतीं हैं



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