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क्या आपके बच्चे को भी है स्कूल जाने को लेकर ये फोबिया?

माता-पिता के जीवन में बच्चे सबसे महत्वपूर्ण खजाना होते हैं। वे लगातार उन पर नज़र रखते हैं और उनके विकास और प्रगति के हर कदम पर ध्यान देते हैं। पैरेंट्स को महसूस होता है कि वे बहुत तेज़ी से बड़े हो रहे हैं। जब आप जान जाते हैं कि आपके बेबी ने अपने पैरों पर चलना शुरू कर दिया है और जल्द ही वह प्रीस्कूल में जाने के लिये तैयार हो गया है, उस वक़्त बच्चे के स्कूल जाने के डर को संभालना आपके लिये एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
जब बच्चे के स्कूली शिक्षा हासिल करने की उम्र आती है, तो माता-पिता को सबसे ज़्यादा चिंता सताती है। यह सोचकर कि उनका छोटा बच्चा एक नए स्कूल का कैसे सामना करेगा। अगर एक बार उन्हें पता चला कि वे स्कूल जा रहे हैं तो बच्चे भी चिंतित होंगे। यह जीवन में गहराई से नया अनुभव करने का मामला है। यदि आपके बच्चे के बड़े भाई-बहन हैं, तो समस्या बहुत सरल है क्योंकि वे कई तरह के डर को समझ सकते हैं।

पुराने भाई-बहनों की अनुपस्थिति में, यह पैरेंट्स का कर्तव्य है कि वे अपने छोटे बच्चे के स्कूल जाने के डर को कम करने और उससे निपटने में मदद करें। बच्चे में स्कूल का डर अकसर अलगाव यानि पैरेंट्स से दूर जाने की चिंता के कारण होता है और यहां हम कुछ ऐसे तरीकों पर चर्चा करेंगे जिसकी मदद से आप अपने बच्चे के स्कूली डर को कम कर सकते हैं।
अलविदा न कहें
जब आप अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जाते हैं, तो बच्चे से बाय-बाय ज़्यादा न करें। आप बच्चे से अलगाव के बाद उसके सामने इमोशनल न हों इससे बच्चा आपको देखकर रोना शुरू कर देगा।
शर्मीले बच्चों के लिए
अजनबियों से घिरे एक नये क्लास में बैठने की बात आती है, तो बच्चे में स्कूल का डर उनके शर्मीलेपन का परिणाम भी हो सकता है। अलगाव की चिंता से निपटने के लिये आप बच्चे के साथ घर पर ही “स्कूल-स्कूल” खेलें।
उनसे बात करें
अपने बच्चे की अलगाव की चिंता को कम करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि वह इसके बारे में आपसे बात करे। बच्चे को एक्टीविटीज़ में शामिल करें, जो उसे शांत रखने और खुद में विश्वास पैदा करने में मदद करेगा।
समझें और सुविधा प्रदान करें
आपके बच्चे को आपसे क्या चाहिए उसके बारे में समझें और उन्हें कम्फर्ट फील कराएं। बच्चे के नए स्कूल में शामिल होने के बारे में अपने स्कूली दिनों के अनुभवों को उनसे साझा करें ताकि बच्चे के मन से स्कूल का डर खत्म हो सके।
आस-पास से परिचित कराएं
आपके बच्चे में स्कूल का डर अज्ञात लोगों के कारण भी हो सकता है।
स्कूल टूर पर ले जाएं
स्कूल शुरू होने से पहले अपने बच्चे को एक बार स्कूल की सैर पर ले जाने की कोशिश करें और क्लास, प्ले ग्राउंड से परिचित होने में उसकी सहायता करें।
पड़ोस के बच्चों के स्कूल में
अगर हो सके तो अपने बच्चे का दाखिला उसी स्कूल में कराएं, जिसमें आपके आस-पड़ोस के बच्चे पढ़ते हों। कई बार बच्चे अकेलेपन के कारण अजनबी बच्चों से भरी क्लास में डर जाते हैं।
अपने डर को ना दिखाएं
यह एक हक़ीक़त है कि जब बच्चे को स्कूल में डर लगता है तो पैरेंट्स को भी ये वजह प्रभावित करती है। अकसर पैरेंट्स बच्चों की तुलना में अधिक चिंतित होते हैं लेकिन उन्हें कभी ये नहीं दिखाना चाहिए।
स्कूल के नाम से डराने की कोशिश न करें
बच्चों को स्कूल के नाम से डराने की कोशिश ना करें। ऐसा करने से बच्चे बीमारी का बहाना बनाना शुरू कर देते हैं। लेकिन आप उनके बहकावे में न आएं, क्योंकि स्कूल न जाने के लिये ये केवल उनकी एक चाल है।
घर पर स्कूल एक्टीविटीज़ कराने का अभ्यास कराएं
अपने बच्चे को घर पर ही स्कूल एक्टीविटीज़ कराने का अभ्यास कराएं। इस तरह, जब स्कूल में ऐसी गतिविधियां कराई जाएंगी तो आपके बच्चे के लिये यह मुश्किल नहीं होगा और बच्चे के स्कूली डर को बहुत कम कर देगा।



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