कम उम्र में बच्चों को सेल्फ केयर स्किल डेवलप करने के लिए अपनाएं यह टिप्स

सेल्फ केयर एक ऐसी प्रैक्टिस है, जिसे कम उम्र में ही शुरू कर दिया जाना चाहिए। आमतौर पर, अगर कम उम्र में बच्चों में सेल्फ केयर की आदत को विकसित किया जाए तो इससे उन्हें बेहतर भविष्य का निर्माण करने में मदद मिलती है। साथ ही चिंता और अवसाद जैसे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के विकास के अपने जोखिम को कम करते हुए अपनी पूरी क्षमता प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अगर बच्चों द्वारा सेल्फ केयर हैबिट्स का नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो यह उन्हें तनाव से राहत प्रदान करती हैं। साथ ही एक हेल्दी बॉडी और माइंड को मेंटेन करने में भी मदद करती है। आसान सेल्फ केयर हैबिट्स को किसी भी उम्र में शुरू किया जा सकता है। हालांकि, भारत में अधिकतर पैरेंट्स लंबे समय तक बच्चों में सेल्फ केयर हैबिट्स के डेवलप करने पर विचार तक नहीं करते हैं। वैसे यह हम सभी जानते हैं कि हमारे शरीर और मस्तिष्क की देखभाल करने का समय एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने का एक अनिवार्य घटक है। यह कुछ ऐसे ही है, जैसा कि दूसरों की मदद करने से पहले स्वयं ऑक्सीजन मास्क लगाएं। हालांकि बच्चों में सेल्फ केयर हैबिट्स को डेवलप करने की जिम्मेदारी पैरेंट्स पर होती है। तो चलिए आज हम आपको बच्चों में सेल्फ केयर हैबिट्स को डेवलप करने के कुछ आसान उपायों के बारे में बता रहे हैं

बेसिक्स के साथ करें शुरू

बेसिक्स के साथ करें शुरू

सेल्फ केयर हैबिट्स डेवलप करने की शुरूआत बेसिक्स के साथ शुरू होती है। क्या आप अपने बच्चे को स्नान करने में सहायता करते हैं? क्या वह अपने दाँत ब्रश कर रही है? क्या आप स्वस्थ भोजन खाते हैं? यदि हाँ, तो आप पहले से ही अच्छी देखभाल के लिए ग्राउंडवर्क करना शुरू कर चुके हैं। हाथ धोने और भोजन की तैयारी आपके बच्चे के लिए बेहतरीन सेल्फ केयर प्रैक्टिस है।

माइंड को करें डेवलप

माइंड को करें डेवलप

अपने बच्चे को स्क्रीन से एक ब्रेक लेने में मदद करें, उनके खिलौनों को कुछ वक्त के लिए नीचे रखें, और उन्हें अपने इनर सेल्फ के साथ फिर से कनेक्ट करें। योग, ध्यान और गाइडेड इमेजिनरी जैसी एक्टिविटीज को बढ़ावा दें। यह बच्चों में माइंडफुलनेस अंतर्दृष्टि और जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी उपकरण की तरह काम करते हैं।

बॉडी को करें पुश

बॉडी को करें पुश

व्यायाम आत्म-देखभाल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, खासकर जब यह शरीर और मन की देखभाल के गोल के साथ किया जाता है। इसलिए अपने बच्चों को शारीरिक गतिविधि में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें जिनका वे आनंद लें। फिर चाहे वह टीम स्पोर्ट्स में शामिल हों या फिर पड़ोस में बस घूम रहा हो।

हेल्दी सेल्फ केयर हैबिट्स के लिए किताबों व अन्य रिसोर्स की मदद लेना

हेल्दी सेल्फ केयर हैबिट्स के लिए किताबों व अन्य रिसोर्स की मदद लेना

बच्चों को पढ़ने में मज़ा आता है, और वे अक्सर एक ही किताब को बार-बार पढ़ते हैं। इसलिए आप अपने परिवार और दोस्तों से अनुरोध करें कि वह बच्चे के जन्मदिन या अन्य अवसरों पर सेल्फ केयर से जुड़ी किताबें उन्हें दें। इसके अलावा आप ऐसे पुस्तकालय भी जा सकती हैं, जहां पर सेल्फ केयर बुक्स जैसे दांतों को ब्रश करने, स्वस्थ भोजन और कपड़े पहनने जैसे विषयों पर किताबें मौजूद हों। इतना ही नहीं, आप अपने बच्चे के साथ इन किताबों को पढ़ें और उनके सवालों के जवाब दें ताकि उनमें सेल्फ केयर हैबिट्स विकसित हो सके।

बेडटाइम रूटीन को विकसित करना और उस पर बने रहना

बेडटाइम रूटीन को विकसित करना और उस पर बने रहना

जब सेल्फ केयर हैबिट्स की बात होती है तो उसमें बच्चे के लिए बेडटाइम रूटीन को डेवलप करना बेहद जरूरी है। यह आपके बच्चे के शरीर और मस्तिष्क को एक संकेत देता है कि यह समय है कि आप सोएं और अपनी नींद पूरी करें। यह रूटीन आपके बच्चे की आवश्यकताओं के अनुरूप हो सकता है, लेकिन यह लगभग 20 मिनट तक होना चाहिए और इसमें तीन से चार शांत करने वाली गतिविधियाँ शामिल होनी चाहिए जैसे कि दाँत साफ़ करना, गर्म स्नान करना और रीडिंग करना। बेडटाइम दिनचर्या बच्चों को सुरक्षा और परिचित होने का एहसास दिलाती है।

Story first published: Friday, April 9, 2021, 20:00 [IST]
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