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2 साल के बच्चों को कितना पिलाना चाहिए फ्रूट जूस?
कहते हैं कि फलों का रस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। हालांकि, एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि दो से पांच साल के बच्चे को एक दिन में केवल 125 मि.ली फ्रूट जूस देना चाहिए। पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को रोज 250 मि.ली जूस दे सकते हैं। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार दो साल से कम उम्र के बच्चों को ताजा या पैकेटबंद जूस नहीं देना चाहिए क्योंकि इनमें कैलोरी और शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।

टॉप पीडियाट्रिशियन ने फास्टफूड, एनर्जी ड्रिंक्स और मीठे बेवरेजेस से संबंधित नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 2 से 18 साल तक के बच्चों को पैकेट और डिब्बा बंद फ्रूट जूस, ड्रिंक्स या शुगर बेवरेजेस नहीं देने चाहिए।
अगर फिर भी आप अपने बच्चे को फ्रूट जूस देना चाहते हैं तो दो से पांच साल के बच्चे को एक दिन में केवल 125 मि.ली फ्रूट जूस देना चाहिए। पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को रोज 250 मि.ली जूस दे सकते हैं। यहां तक कि न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार सॉफ्ट ड्रिंक की ही तरह फ्रूट जूस भी हानिकारक हो सकता है क्योंकि इसमें फाइबर कम और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। हालांकि, फलों में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो कि बच्चे की सेहत के लिए जरूरी माने जाते हैं।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के दिशा-निर्देशों में ये भी कहा गया है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स नहीं देने चाहिए। स्कूल जाने वाले पांच से नौ साल के बच्चों को चाय और कॉफी रोज केवल 100 मिली देनी चाहिए। 18 साल तक के बच्चे रोज 200 मिली चाय, कॉफी पी सकते हैं।

सेंटर फॉर साइंस एंड द एनवायरमेंट के अनुसार 9 से 14 साल की उम्र के लगभग 93 फीसदी बच्चे पैकेटबंद फूड खाते हैं जबकि 68 फीसदी लोग सप्ताह में एक से ज्यादा बार शुगर बेवरेजेस लेते हैं। 53 फीसदी लोग दिन में एक बार इनका सेवन करते हैं। सेहत के लिए ताजा फलों का रस ज्यादा बेहतर होता है।
जंक फूड खाने से बच्चों में मोटापे, हाई ब्लड प्रेशर, दांतों और व्यवहार से संबंधित परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। जर्नल इंडियन पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित हुए दिशा-निर्देशों के अनुसार इन फूड्स और बेवरेजेस का संबंध हाई बॉडी मास इंडेक्स से होता है और बच्चों एवं किशोरों में इसकी वजह से कार्डियो-मेटाबोलिक प्रभाव देखे जा सकते हैं। कैफीन युक्त बेवरेजेस लेने से नींद आने में परेशानी हो सकती है।



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