ओवरफीडिंग करने से बेबी को होता है नुकसान, ऐसे लगाएं पता

बेबी की केयर करने के लिए उसकी हर छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होता है। मसलन, बच्चे को सही समय पर फीड करवाना आवश्यक होता है। हालांकि, यह बेहद जरूरी है कि बेबी को उसकी आवश्यकता के अनुसार ही मिल्क दिया जाए। अगर आप बच्चे को ओवरफीड करवाते हैं तो इससे उसे कुछ नुकसान हो सकते हैं। इतना ही नहीं, बच्चे में होने वाले कुछ बदलाव इसके संकेत भी देते हैं। मसलन, ओवरफीड करने पर बेबी अक्सर उल्टी कर देता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बेबी ओवरफीडिंग से होने वाले नुकसान और ओवरफीडिंग के संकेतों के बारे में बता रहे हैं-

ओवरफीडिंग के संकेत

ओवरफीडिंग के संकेत

जब आपका बेबी ओवर फीड कर लेता है तो इससे आपके बच्चे में कुछ संकेत नजर आ सकते हैं। मसलन-

• गैसीनेस या डकार आना

• बार-बार थूकना

• दूध पीने के बाद उल्टी होना

• दूध पीने के बाद उबकाई, चिड़चिड़ापन या रोना

कुछ बेबी इस तरह की चीजों को रेग्युलर करते हैं। खासतौर से, नवजात शिशु के जीवन के प्रारंभिक तीन-चार महीनों में यह समस्या आम होती है। इसलिए, आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है। ध्यान दें कि आप बच्चे को फीड करवाने के बाद उसे डकार अवश्य दिलवाएं।

ओवरफीडिंग के कारण

ओवरफीडिंग के कारण

आमतौर पर, बेबी जल्दी से ओवरफीड नहीं करता है, लेकिन फिर भी कुछ ऐसी स्थितियां होती हैं, जिसके कारण बच्चा ओवरफीड कर सकता है-

• बच्चा जब भी रोता है या सोते-सोते जागता है तो मां समझती हैं कि उनके बेबी को भूख लगी है। ऐसे में वह बच्चे को शांत करने के लिए उसे फीड करवाने लग जाती है। यकीनन अक्सर बच्चे भूख लगने पर यह संकेत देते हैं। लेकिन हर बार ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए, उसके संकेतों को पहचानने की कोशिश करें।

• कई बार पैरेंट्स अपने बेबी की तुलना दूसरे बच्चे से करते हैं और इसलिए वह उसके आहार व फीडिंग को लेकर पहले से ही कुछ गोल्स सेट करते हैं। लेकिन इस चक्कर में वह बच्चे को ओवरफीड करवाते हैं।

• कुछ बच्चों के पैरेंट्स उन्हें बोतल से भी फीड करवाते हैं। यह बेबी के ओवरफीड करने का मुख्य कारण है। दरअसल, जब वह बोतल से पीते हैं, तो ऐसे में उनका दूध की मात्रा पर नियंत्रण कम होता है। जिसके कारण वह अक्सर ओवरफीड कर लेते हैं।

• जो पैरेंट्स अपने बेबी के लिए बड़ी फीडिंग बोतल खरीदते हैं, उनके भी ओवरफीडिंग करने की संभावना बढ़ जाती है। पैरेंट्स बच्चे को पूरी बोतल खत्म करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और इससे वह ओवरफीड कर सकते हैं।

• अक्सर बेबी फुल होने पर इसका संकेत देता है। मसलन, बोतल के निप्पल को न चूसना या निप्पल से दूर जाना आदि। लेकिन इस स्थिति में भी कुछ पैरेंट्स बच्चे के मुंह में बार-बार निप्पल डालकर जबरदस्ती स्तनपान कराने की कोशिश करते हैं।

• कुछ पैरेंट्स बच्चे की डाइट में बेहद जल्द सॉलिड फूड शामिल कर देते हैं। लेकिन वास्तव में आपको इसके लिए कम से कम छह माह का इंतजार करना चाहिए। जब आप बच्चे को सॉलिड फूड जल्दी देते हैं तो इससे बच्चा अपने शरीर की जरूरत से ज्यादा खा सकता है, जिससे उसे ओवरफीडिंग करने की आदत पड़ जाती है।

ओवरफीडिंग से बचाव के उपाय

ओवरफीडिंग से बचाव के उपाय

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा ओवरफीडिंग ना करे तो इसके लिए आप कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं। दरअसल, बच्चा फुल होने पर कुछ ऐसे संकेत देता है, जिसे पहचानकर आप उसे ओवरफीडिंग से बचा सकती हैं-

• बोतल या ब्रेस्ट को दूर धकेलना

• बोतल या ब्रेस्ट से मुंह फेरता

• दूध को मुंह से बाहर निकालना

• फीडिंग के दौरान उदासीन दिखना

• सो जाना

• ब्रेस्ट को कम चूसना या चूसना बंद करना

अगर आपको यह लक्षण नजर आएं तो आप बेबी को फीड करवाना बंद कर दें।

Story first published: Friday, October 7, 2022, 10:00 [IST]
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